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सबक नहीं सीखा: लगातार दूसरे साल सड़क पर बहा नहर का पानी, जलभराव से राहगीर परेशान

ईमरान खोखर बिहान ब्यूरो चीफ 

मुंगेली। जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बीते वर्ष नहर का पानी सड़क पर आने के बाद उत्पन्न हुई जलभराव की समस्या से सबक नहीं लिए जाने का खामियाजा इस बार भी नगरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। बिलासपुर-मुंगेली मुख्य मार्ग पर नहर का पानी पहुंचने से सड़क पर जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। राहगीरों और वाहन चालकों को पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है।


बताया जा रहा है कि वनांचल क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले लबालब हैं। इससे वनांचल क्षेत्र के करीब 19 गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। वहीं किसानों द्वारा खेतों का अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से भी नहर में पानी का दबाव बढ़ रहा है। कई स्थानों पर नहर का पानी सड़क किनारे बनी नालियों तक पहुंच रहा है। नालियों में पर्याप्त निकासी नहीं होने के कारण पानी सड़क पर फैल रहा है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है।


गत वर्ष भी सामने आई थी समस्या
ज्ञात हो कि गत वर्ष भी बिलासपुर-मुंगेली मुख्य मार्ग पर नहर का पानी सड़क और नालियों में पहुंच गया था। उस समय भी लोगों को जलभराव के बीच से होकर आवागमन करना पड़ा था। इसके बावजूद इस वर्ष समय रहते प्रभावी व्यवस्था नहीं किए जाने को लेकर विभाग की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारों के अनुसार नहर लाइनिंग, जल निकासी मार्ग और नालियों की समय पर सफाई एवं निरीक्षण किया जाए तो इस तरह की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है। हर वर्ष एक जैसी स्थिति बनने से विभागीय कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।


नालियों पर अतिक्रमण भी बनी समस्या
जलभराव के पीछे दुकानदारों द्वारा नालियों के ऊपर किए गए अतिक्रमण को भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। नालियों में कचरा जमा होने और सफाई नहीं हो पाने से पानी की निकासी बाधित होती है। ऐसे में नहर का अतिरिक्त पानी सड़क पर फैल जाता है। नगरवासियों ने नहर एवं नालियों की नियमित सफाई कराने, अतिक्रमण हटाने तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।

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