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बलौदाबाजार: 1980 में भूदान से मिली जमीन पर फर्जीवाड़ा, 26 किसानों की जमीन कंपनी को बेची, SDM कोर्ट में केस दर्ज

गोविन्द राम ब्यूरो चीफ 
### सिमगा बलौदाबाजार-भाटापारा 
ग्राम पंचायत दरचुरा, तहसील सिमगा में वर्ष 1980-81 में भूमिहीन किसानों को भूदान योजना के तहत 26 किसानों को जमीन आबंटित की गई थी। आरोप है कि रामजन सिंह राजपूत पिता रामलखान सिंह राजपूत एवं शशि प्रभा सिंह राजपूत पति राणा प्रताप सिंह राजपूत ने कूटरचना कर किसानों से पट्टा व किसान किताब यह कहकर ले ली कि "जमीन को उन्नत खेती लायक बनाकर वापस कर देंगे"। 

किसानों का आरोप है कि बाद में दोनों ने फर्जी रजिस्ट्री और नामांतरण अपने नाम करवा लिया। विरोध करने पर किसानों को जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई।

जमीन कंपनी को बेची गई: 
पटवारी कार्यालय से जानकारी मिली कि उक्त समस्त भूमि को वर्ष 2022-2023 में निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, डायरेक्टर अंशुमान गुप्ता पिता गोपाल कृष्ण गुप्ता, पता दार्जलिंग पश्चिम बंगाल, हाल मुकाम मोहन कैंपस, कांपा, मोवा रायपुर को विक्रय कर दिया गया है।

शिकायत और कार्रवाई: 
इस संबंध में स्व. श्री दुकालू टंडन द्वारा राजस्व विभाग के सभी अधिकारियों, मंत्री, मानव अधिकार आयोग रायपुर, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग नई दिल्ली में शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सिमगा द्वारा प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।

वर्तमान स्थिति: 
किसानों का कहना है कि वर्तमान में निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा कथित कब्जा कर उक्त भूमि पर सीमेंट का बाउंड्री वॉल निर्माण किया जा रहा है, जिससे किसानों एवं ग्रामवासियों के अधिकार प्रभावित होने की आशंका है। पीड़ित किसानों ने निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है।

अपील: 
पीड़ित किसान परिवारों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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