चावल वाले बाबा’ दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार, महासमुंद पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप
आस्था और चमत्कार के दावों से चर्चा में रहे स्वयंभू बाबा पर महिला ने लगाया गंभीर आरोप, पुलिस कर रही मामले की विस्तृत जांच।
महासमुंद । रायपुर जिले में स्वयंभू धर्मगुरु और “चावल वाले बाबा” के नाम से प्रसिद्ध आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री की गिरफ्तारी ने प्रदेशभर में चर्चा छेड़ दी है। महासमुंद जिले के बागबाहरा थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी को दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं 376(2 (j),धारा 376(2)(n), धारा 376(2)(m) के तहत अपराध दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि वर्ष 2023 में आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। महिला का कहना है कि घटना के बाद उसने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी थी, लेकिन सामाजिक दबाव, बदनामी की आशंका और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण तत्काल कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकी। बाद में हिम्मत जुटाकर उसने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत प्राप्त होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच की। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
बताया जाता है कि नरेंद्र नयन शास्त्री प्रदेश के कई जिलों में धार्मिक प्रवचन और कथित भविष्यवाणी कार्यक्रमों के लिए जाने जाते रहे हैं। उनके दरबारों में बड़ी संख्या में लोग अपनी व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान और भविष्य जानने की उम्मीद लेकर पहुंचते थे। वे चावल और फूल के माध्यम से लोगों के जीवन से जुड़े सवालों का जवाब देने का दावा करते थे, जिसके कारण उन्हें “चावल वाले बाबा” के नाम से पहचान मिली।
रायपुर जिले के सिलयारी क्षेत्र में उनके आश्रम के संचालन की भी जानकारी सामने आई है। वर्षों से धार्मिक आयोजनों और कथित चमत्कारिक दावों के चलते उन्होंने अपना प्रभाव क्षेत्र विकसित किया था। हालांकि अब उन पर लगे गंभीर आरोपों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में किसी प्रकार की शिकायत या विवाद सामने आए थे या नहीं। फिलहाल मामला न्यायालय के विचाराधीन होने की प्रक्रिया में है और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
बॉक्स खबर
आस्था से खिलवाड़: विश्वास की आड़ में बढ़ता खतरा
‘चावल वाले बाबा’ की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि लोगों की आस्था और विश्वास का दुरुपयोग किस हद तक किया जा सकता है। समाज में ऐसे कई स्वयंभू बाबा और तांत्रिक सक्रिय हैं, जो चमत्कार, भविष्यवाणी और समस्याओं के त्वरित समाधान का दावा कर लोगों का भरोसा जीत लेते हैं। धीरे-धीरे यही विश्वास कई बार अंधभक्ति का रूप ले लेता है, जिससे लोग सही-गलत का आकलन करने की स्थिति में नहीं रह जाते।
धर्म विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक आस्था व्यक्तिगत विषय है, लेकिन किसी भी व्यक्ति या संस्था पर आंख मूंदकर विश्वास करना जोखिम भरा हो सकता है। हालिया घटनाएं यह संकेत देती हैं कि श्रद्धा और विश्वास के नाम पर लोगों को जागरूक रहने की आवश्यकता है। ऐसे मामलों में कानून का सहारा लेने और किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की शिकायत सामने आने पर तत्काल संबंधित एजेंसियों को जानकारी देना जरूरी है। आस्था सम्मान का विषय है, लेकिन उसका दुरुपयोग समाज के लिए गंभीर चिंता का कारण बन सकता है।