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शहीद के गाँव में भूमाफिया का 'अवैध' तांडव...डिप्टी CM का आदेश भी बेअसर...क्या सफेदपोशों के आगे घुटने टेक चुका है प्रशासन ?

इमरान खोखर बिहान ब्यूरो चीफ 

मुंगेली 

एक तरफ देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के सम्मान में बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत तंत्र को शर्मसार करने वाली है। ताजा मामला वीर शहीद धनंजय सिंह राजपूत के गाँव पण्डरभट्टा का हैं जहाँ सफेदपोश भूमाफियाओं ने बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग का जाल बिछा दिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस मामले में सूबे के डिप्टी सीएम के सख्त आदेश भी हवा में उड़ते नजर आ रहे हैं, उपमुख्यमंत्री बनने के बाद से ही अरुण साव लगातार समीक्षा बैठकों में अवैध प्लॉटिंग पर कड़ी और कानूनी कार्यवाही की बात करते हैं उसके बाद भी स्थानीय जिला प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है।

शहीद की धरती पर 'भूमाफिया' का कब्ज़ा...

जिस गाँव की मिट्टी ने देश को अपना लाल सौंप दिया, आज उसी मिट्टी को भूमाफिया चंद रुपयों के लालच में छलनी कर रहे हैं। बिना किसी रेरा (RERA) रजिस्ट्रेशन, बिना टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की अनुमति और बिना डायवर्शन के हरे-भरे खेतों और सरकारी नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से अवैध प्लॉटिंग की जा रही है। आखिर इन रसूखदार सफेदपोशों को किसका संरक्षण प्राप्त है, जो कानून की धज्जियाँ उड़ाने से भी नहीं डर रहे ? डिप्टी सीएम का कड़ा रुख भी स्थानीय अफसरों की सुस्ती और भूमाफियाओं के रसूख के आगे बेअसर साबित हो रहा है।

क्यों मौन है जिला प्रशासन ?

जनता के बीच अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि क्या जिला प्रशासन ने इन सफेदपोश भूमाफियाओं के आगे पूरी तरह घुटने टेक दिए हैं ? या कोई और वजह हैं ? शिकायत मिलने के बाद विभाग सिर्फ नोटिस जारी करने की औपचारिकता निभा देता है, जबकि जमीनी स्तर पर धड़ल्ले से प्लॉट बेचे जा रहे हैं, बयाना लेकर जमीन खरीददारों को ठगा जा रहा हैं।

आम जनता से धोखाधड़ी...

सीधे-साधे लोग अपनी गाढ़ी कमाई इन अवैध प्लॉटों में फंसा रहे हैं। कल को जब प्रशासन जागेगा, तो गाज इन गरीब खरीदारों पर गिरेगी, भूमाफिया तब तक करोड़ों समेटकर रफूचक्कर हो चुके होंगे।

जनता की मांग...बुलडोजर से ध्वस्त हो अवैध प्लाटिंग की संरचना...

 स्थानीय नागरिकों का कहना हैं कि अब समय आ गया हैं कि रायपुर रोड स्थित पण्डरभट्टा में पीला पंजा (बुलडोजर) चलना चाहिए, जिला प्रशासन अपनी कुंभकर्णी नींद से जागे और शहीद के गाँव की गरिमा को बहाल करने और डिप्टी सीएम के आदेशों का मान रखने के लिए अवैध प्लॉटिंग को तुरंत ध्वस्त  करना चाहिए, बिना किसी दबाव के तुरंत मौके पर बुलडोजर चलाकर अवैध बाउंड्रीवॉल और सड़कों को मलबे में तब्दील करना चाहिए।

FIR दर्ज हो...

अवैध प्लाटिंग करने वाले सफेदपोशों और उनके मददगारों पर निर्धारित नियमों के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

बिलासपुर और रायपुर में अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई, मगर मुंगेली में क्यों नहीं?

बिलासपुर और रायपुर सहित कई जिलों में प्रशासन द्वारा अवैध प्लॉटिंग, कॉलोनाइजिंग और अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न स्थानों पर बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाकर निर्माण हटाए गए हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई है।  ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मुंगेली जिले में भी वर्षों से अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति भूखंड विक्रय की शिकायतें सामने आती रही हैं, फिर भी अब तक कोई बड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यदि जिले में बिना टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की अनुमति के प्लॉट बेचे जा रहे हैं, तो प्रशासन को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों का मानना है कि बिलासपुर और रायपुर की तर्ज पर मुंगेली में भी अवैध प्लॉटिंग पर सख्ती जरूरी है, ताकि आम नागरिकों को भविष्य में जमीन संबंधी विवादों और धोखाधड़ी से बचाया जा सके।

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