भानुप्रतापपुर में जच्चा-बच्चा मौत मामले की जांच तेज, कांग्रेस जांच समिति पहुंची गौतम हॉस्पिटल — परिजनों ने अस्पताल की कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल
प्रद्युम्न शुक्ल ब्यूरो चीफ कांकेर बिहान छत्तीसगढ़
भानुप्रतापपुर। गौतम हॉस्पिटल में जच्चा और नवजात की मौत के मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया है। मामले की जांच और वस्तुस्थिति जानने के लिए कांग्रेस कमेटी की निरीक्षण टीम सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानुप्रतापपुर पहुंची, जहां टीम ने डॉक्टरों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों से चर्चा कर घटना से जुड़ी जानकारी एकत्रित की। टीम ने अस्पताल में उपलब्ध रिकॉर्ड, रेफरल प्रक्रिया और उपचार संबंधी जानकारी भी ली।
इसके बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल गौतम हॉस्पिटल पहुंचा, जहां घटना से जुड़े दस्तावेजों, उपचार प्रक्रिया और परिजनों से चर्चा कर जानकारी जुटाई गई। इस दौरान कांग्रेस की महिला प्रतिनिधियों और गौतम हॉस्पिटल के संचालक अनिल गौतम के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।
महिला कांग्रेस नेत्रियों ने मृतिका को अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद अपनाई गई कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि परिजनों द्वारा लगातार स्थिति गंभीर बताने और ऑपरेशन करने की मांग किए जाने के बावजूद समय पर निर्णय नहीं लिया गया, जिससे पूरे मामले पर संदेह गहरा गया है।
जांच के दौरान पीड़ित परिजनों ने भी अपना बयान दर्ज कराया और गौतम हॉस्पिटल की कार्यप्रणाली को संदेहास्पद बताया। परिजनों के अनुसार, महिला की हालत बिगड़ने पर उन्होंने कई बार ऑपरेशन करने की विनती की थी, लेकिन डॉक्टर की अनुपस्थिति में नर्स द्वारा सामान्य डिलीवरी कराने का प्रयास किया गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने ऑपरेशन कराने की जिद की, तब रात लगभग 1 बजे नर्स द्वारा कहा गया कि मरीज को किसी दूसरे अस्पताल ले जाएं। देर रात की स्थिति और महिला की गंभीर हालत को देखते हुए परिजन कहीं और ले जाने की स्थिति में नहीं थे, जिससे वे मजबूर हो गए और अस्पताल प्रबंधन की बात माननी पड़ी। परिजनों का कहना है कि समय पर उचित उपचार और निर्णय लिया जाता तो शायद जच्चा और नवजात की जान बचाई जा सकती थी।
कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित विशेष जांच समिति में महिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। समिति में सुमन सलाम, सुनील बकला पाड़ी, मधुला भास्कर, इराना ध्रुव, सविता उइके, वीरेंद्र ठाकुर, सुनाराम नेताम, पंकज वाधवानी, कृष्णा टेकाम एवं अमिता उइके को सदस्य बनाया गया है।
जांच समिति के सदस्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानुप्रतापपुर एवं गौतम हॉस्पिटल पहुंचकर मामले की विस्तृत जानकारी ले रहे हैं। साथ ही पीड़ित परिजनों के बयान और उपचार से जुड़े दस्तावेज भी एकत्र किए जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी।