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पड़ाव चौक की मोबाइल दुकान में भीषण आग, लाखों का सामान खाक दमकल की देरी पर उठे सवाल, व्यापारियों ने मांगी मजबूत फायर व्यवस्था

इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली 
मुंगेली। शहर के व्यस्ततम पड़ाव चौक स्थित गुरु कृपा मोबाइल शॉप में लगी भीषण आग ने नगर की अग्निशमन व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। सोमवार को हुई इस घटना में दुकान के भीतर रखा मोबाइल रिपेयरिंग का सामान, एलईडी टीवी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, लाइट एवं अन्य सामग्री जलकर पूरी तरह खाक हो गई। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आगजनी में करीब 8 से 10 लाख रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार दुकान में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से आग लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दुकान से धुएं का गुबार व तेज लपटें उठने लगीं। आसपास मौजूद दुकानदारों एवं स्थानीय लोगों ने तत्काल अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया।

30 से 40 मिनट देर से पहुंची दमकल

घटना के दौरान सबसे अधिक नाराजगी दमकल वाहन के समय पर मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर देखने मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के करीब 30 से 40 मिनट बाद दमकल वाहन मौके पर पहुंचा। तब तक दुकान का अधिकांश सामान जल चुका था। व्यापारियों का कहना है कि यदि दमकल समय पर पहुंच जाती तो नुकसान काफी हद तक कम किया जा सकता था।

घटना के बाद शहर के व्यापारिक वर्ग में चिंता का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि मुंगेली में लगातार व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन उसके अनुरूप अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत नहीं किया जा रहा है। खासकर भीड़भाड़ वाले बाजार और इलेक्ट्रॉनिक दुकानों वाले क्षेत्रों में आगजनी की घटनाएं बड़े हादसे का रूप ले सकती हैं।

चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने उठाई मांग

चैम्बर ऑफ कॉमर्स से जुड़े राजकुमार वाधवा ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद यदि समय पर सहायता नहीं मिल पाए तो उन संसाधनों का कोई महत्व नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि दमकल वाहनों की संख्या पर्याप्त है, लेकिन उनकी लोकेशन उपयुक्त नहीं होने के कारण आपात स्थिति में पहुंचने में देरी हो रही है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि दमकल वाहनों को शहर के केंद्रीय क्षेत्रों जैसे स्टेडियम, आगर क्लब या स्थानीय थाना परिसर में “रेडी मोड” पर रखा जाए, ताकि किसी भी घटना स्थल तक तत्काल पहुंच सुनिश्चित हो सके।

फायर व्यवस्था सुधारने की मांग तेज

घटना के बाद शहर में अग्निशमन व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। व्यापारियों एवं नागरिकों ने प्रशासन से फायर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने तथा दमकल केंद्र को पुनः नगर पालिका परिषद परिसर में संचालित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि आपातकालीन सेवाओं में कुछ मिनटों की देरी भी लाखों रुपए के नुकसान का कारण बन जाती है।

दुकान संचालक अमित सत्यपाल ने बताया कि आग में मोबाइल रिपेयरिंग का पूरा सामान, एलईडी टीवी, लाइट एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह जल गए। उन्होंने कहा कि घटना से उन्हें करीब 8 से 10 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

शार्ट सर्किट से आग लगने की प्राथमिक आशंका है। पुलिस और दमकल कर्मियों ने सूझबूझ से काम लिया,जिससे जनहानि टल गई। दुकान संचालक को हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां तक फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने का सवाल है,जनता की सुविधा के लिए नियमों के तहत जो भी बेहतर होगा,वो कदम उठाए जाएंगे।

अजय शतरंज,एसडीएम,मुंगेली

घटनास्थल पर राहत कार्य समय रहते शुरू कर दिया गया था। मल्हापारा की पुरानी घटना और आज की घटना में दमकल विभाग की टाइमिंग को लेकर जो शिकायतें मिली हैं,उन्हें गंभीरता से लिया जा रहा है। लालाकापा पुलिस लाइन से शहर की दूरी और प्रभार के नियमों से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों पर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है ताकि आपातकालीन सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम को सुधारा जा सके।

कुणाल पाण्डेय,तहसीलदार,मुंगेली

पूर्व में इन दमकल वाहनों का संचालन नगर पालिका के माध्यम से सुचारू रूप से होता था और वाहन शहर के भीतर रहते थे। व्यवस्था बदलने के बाद से यह दिक्कतें आ रही हैं। इस घटना में पीड़ितों की पूरी मदद की जा रही है। जनता की मांग के अनुसार,यदि शासन स्तर और जिला प्रशासन से फायर ब्रिगेड का संचालन दोबारा नगर पालिका को सौंपने का निर्देश मिलता है,तो हम तत्काल मुस्तैदी से इसकी जिम्मेदारी संभालने को तैयार हैं ताकि शहर के भीतर त्वरित राहत दी जा सके।

होरी सिंह ठाकुर,सीएमओ,नगर पालिका परिषद,मुंगेली

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