डीजल की किल्लत ने अब आम जनता और किसानों की परेशानी को गुस्से में बदल दिया है।
ज़िला जांजगीर चांपा ब्लॉक नवागढ़ पेट्रोल पंपों में घंटों लाइन लगाने के बाद भी लोगों को डीजल नहीं मिल रहा, लेकिन दूसरी तरफ डिब्बों और गैलनों में भर-भरकर खुलेआम कालाबाजारी का खेल जारी है। आरोप है कि कुछ पेट्रोल पंप संचालक जानबूझकर डीजल-पेट्रोल रोककर रख रहे हैं और बाद में मोटे दामों पर बेच रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में हालात इतने खराब हैं कि किसान खेती-किसानी छोड़ डीजल की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। कहीं ₹150 तो कहीं ₹200 लीटर तक डीजल बिकने की चर्चाएं जोरों पर हैं। ट्रैक्टर खड़े हैं, खेतों का काम प्रभावित हो रहा है और आम वाहन चालक भी परेशान हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर शासन-प्रशासन सब कुछ देखकर भी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा? खुलेआम डिब्बों में डीजल सप्लाई हो रहा है, कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। लोगों का आरोप है कि अगर प्रशासन समय रहते सख्ती करता तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती।
जनता ने मांग की है कि पेट्रोल पंपों की तत्काल जांच हो, कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और आम लोगों को पर्याप्त मात्रा में डीजल-पेट्रोल उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसानों और आम जनता को राहत मिल सके।