जिला

चारामा में गरजे सांसद भोजराज नाग अब दुर्गकोंदल की रेत खदानों पर कब चलेगा बुलडोजर?

कांकेर जिले के चारामा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ सांसद भोजराज नाग का गुस्सा खुलकर सामने आया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर जमकर फटकार लगाई, महानदी की रेत खदानों में खुद उतरकर निरीक्षण किया और देर रात तक कार्रवाई करवाई। इस कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया।

लेकिन अब जिलेभर में एक बड़ा सवाल उठ रहा है चारामा में सख्ती दिखी, तो दुर्गकोंदल की रेत खदानों पर सांसद की नजर कब पड़ेगी?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुर्गकोंदल क्षेत्र की कई रेत खदानों में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां एक-दो नहीं, बल्कि कई खदानों में दो-दो से लेकर चार-चार मशीनें दिन-रात रेत का सीना चीर रही हैं। नदी का अस्तित्व खतरे में है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मानो आंखों पर पट्टी बांधकर बैठा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि चारामा में मशीनों से हो रहे खनन पर कार्रवाई हो सकती है, तो दुर्गकोंदल में आखिर यह छूट किसके संरक्षण में दी जा रही है? लोग तंज कसते हुए पूछ रहे हैं कि क्या दुर्गकोंदल की खदानों तक प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नजर इसलिए नहीं पहुंच रही क्योंकि यहां सत्ता से जुड़े लोगों का प्रभाव है?

क्षेत्रवासियों का कहना है कि महानदी और अन्य नदियों को लूटने वालों पर कार्रवाई केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। कानून सबके लिए बराबर है, चाहे खदान किसी भी रसूखदार के इशारे पर क्यों न चल रही हो।

अब जनता की निगाहें सांसद भोजराज नाग पर टिकी हैं। लोगों की मांग है कि जिस तरह चारामा में उन्होंने सख्ती दिखाई, उसी तरह दुर्गकोंदल की रेत खदानों पर भी अचानक निरीक्षण कर सच्चाई सामने लाएं। क्योंकि सवाल केवल रेत का नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और प्रशासनिक निष्पक्षता का है।

Leave Your Comment

Click to reload image