सैकड़ों एकड़ में चूना पत्थर खदान के विरोध में ग्रामीणों ने किया उग्र प्रदर्शन*
बिहान छत्तीसगढ़ ब्यूरो चीफ -लाभो कुमार सूर्या सारंगढ़ जिला मुख्यालय स्थित नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड नं 1 कुटेला वार्ड नं 2 भोजपुर वार्ड नं 10 खैरहा,जुनाडीह के साथ शहर से लगे ग्राम रापागुला, दुर्गापुर, हरिहरपाली,चंदाई, खम्हारडीह, पचपेड़ी,भैसवैहान, गाताडीह,सुलोनी, में चूना पत्थर खदान के ई -नीलामी प्रस्ताव की जानकारी प्राप्त हुई है।जो कि पूर्णतः नगरीय एवं आबादी युक्त शहरी ग्रामीण की एरिया में है। जिसमें जिला मुख्यालय के जिला कंपोजिट बिल्डिंग कार्यालय, पुलिस अधीक्षक,उप जेल, जिला पंचायत भवन, जिला चिकित्सालय, स्कूल कांलेज , छात्रावास, जिला वन परिक्षेत्र कार्यालय, जिला न्यायालय, जिला चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, जिला लोक लोक निर्माण कार्यालय, जिला नागरिक आपूर्ति कार्यालय,खेलभाठा स्टेडियम, नगर पालिका में नालंदा परिसर आवासीय भवन, शासकीय संस्थान, सड़क एवं सार्वजनिक उपयोग की अन्य शासकीय एवं अर्ध शासकीय संस्थान स्थित है।ऐसी स्थिति में खनन कार्य विशेषकर विस्फोटक ( ब्लास्टिंग) आधारित खदान संचालन से क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्वस्थ्य एवं संपत्ति व ध्वनि प्रदुषण, वायु प्रदुषण,होने से स्वस्थ्य पर प्रतिकुल गंभीर प्रभाव पड़ना निश्चित ही है। इसी को मद्देनजर रखते हुए,आज प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों ने हजारों की संख्या में कलेक्ट्रेटका का घेराव करने के लिए पैदल निकले पर कलेक्ट्रेट चौंक में पुलिस द्वारा बैरिकेट्स लगाकर रोकने की कोशिश किया गया,पर ये उग्र ग्रामीणों ने नहीं मानें,व पुलिस से ग्रामीणो की झुमा झटका भी जोरों से हुई।पर कई बड़े नेताओं जिनमें जिला पंचायत सदस्य,बीडीसी,व जनपद अध्यक्ष, भी थे, उनके नेतृत्व में ग्रामीणों ने रोड भी जाम कर दिया जिसे पुलिस द्वारा काफी मशक्कत के बाद ही रोक पाया। बहरहाल ग्रामीणों का कहना है कि गुडेली, टिमरलगा,में तो एक खदान से धुआं ही धुआं हो जाता है ।तो सैकड़ों एकड़ के चूना पत्थर खदान से क्या नहीं होगा सीधे - सीधे ये खदान आसपास के नागरिकों के लिए मौत की व्यवस्था ही नजर आती है।जो कि किसी भी प्रकार से पर्यावरण या नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अधिनियमों के अनुरूप नहीं है।