चन्द्रखुरी में ‘जल जोहार’ थीम पर जल संरक्षण कार्यक्रम, जनभागीदारी से जल बचाने का संकल्प
इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली
मुंगेली । जिले के पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम चन्द्रखुरी में “जल संचयन जनभागीदारी” अभियान के तहत ‘जल जोहार’ थीम पर जल संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम में संभागायुक्त सुनील जैन एवं कलेक्टर कुन्दन कुमार ने सोखता गड्ढा, रिचार्ज पिट और रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं में प्रतीकात्मक रूप से पानी डालकर जल संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान विभिन्न मॉडलों के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण के व्यावहारिक उपायों की जानकारी भी दी गई।
संभागायुक्त सुनील जैन ने कहा कि पानी प्रकृति का अमूल्य संसाधन है, जिसका विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है। उन्होंने जल स्रोतों के सीमित होने का उल्लेख करते हुए सोखता गड्ढा, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और अधिक से अधिक पौधरोपण को अपनाने पर जोर दिया। साथ ही किसानों को गर्मी के मौसम में धान के बजाय वैकल्पिक फसलों की ओर रुख करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में ‘वॉटर हीरो’ नीरज वानखेड़े ने सरल और रोचक तरीके से जल संरक्षण का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि पानी का निर्माण नहीं किया जा सकता, इसे केवल बचाया जा सकता है। उन्होंने खेल और प्रयोगों के माध्यम से ग्रामीणों और महिलाओं को जागरूक किया।
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि “जल ही जीवन है” और इसके संरक्षण के लिए सभी को सजग रहना होगा। उन्होंने मनरेगा के तहत निर्मित जल संरचनाओं के संरक्षण और उपयोग पर जोर दिया। जिला पंचायत सभापति अंबालिका साहू ने भी जल संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की।
कार्यक्रम में ग्रामीणों को सोखता गड्ढा निर्माण, घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली अपनाने और जल संचयन इकाइयों के निर्माण के लिए प्रेरित किया गया। अंत में सभी ने जल संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पथरिया एसडीएम रेखा चंद्रा सहित अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।