भिलाई में सायरन बजते ही ब्लैकआउट:घर-दुकानों की लाइटें बंद, गाड़ियां अचानक रुकीं; अंधेरे में हवाई हमले से बचने की जानकारी देते रहे अफसर
दुर्ग
पाकिस्तान से तनाव के बीच आज (7 मई) दुर्ग में युद्ध के दौरान बचाव के तरीके बताए गए। 2 चरणों में हवाई हमले से बचने की रिहर्सल की गई। पहले मॉकड्रिल हुई और फिर शाम 7.30 बजे ब्लैकआउट किया गया।
शाम 4 बजे से मॉकड्रिल की शुरुआत हुई। करीब डेढ़ घंटे की प्रैक्टिस के बाद मॉकड्रिल का फर्स्ट फेज खत्म हुआ। दूसरे फेज में पूरे शहर में लोगों ने घर-दुकानों की लाइट बंद की। चलती गाड़ियां भी अचानक सड़क पर रुक गई। पूरे शहर में अंधेरा छा गया।
इस अंधेरे के बीच कई अफसर हवाई हमले से बचने की टिप्स देते रहे। देश के 244 इलाकों में ये मॉकड्रिल हुई जिसमें छत्तीसगढ़ का दुर्ग-भिलाई शहर भी शामिल था। भिलाई स्टील प्लांट को देखते हुए दुर्ग को अलर्ट पर रखा गया। पहले फेस में SDRF ने आग लगने पर एक्शन और घायल जवानों को कैसे ले जाया गया यह बताया गया। साथ ही सिविल डिफेंस का अभ्यास कराया गया। वहीं सूर्या मॉल में पहले फेस में ही ब्लैकआउट किया गया। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह के अनुसार शाम 7.30 से 7.45 बजे तक सेक्टर 1 और 9 के अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं को छोड़कर पूरी तरह से ब्लैकआउट रहेगा। इस दौरान जनरेटर, इन्वर्टर, इमरजेंसी लाइट या मोबाइल टॉर्च का उपयोग नहीं किया जाएगा। इस दौरान सड़कों पर चलने वाले वाहनों की लाइटें भी बंद होगी।