भैसमुड़ा की मड़ई में सजी लोक आस्था और संस्कृति की रंगत; विधायक अनुज शर्मा ने दिया संरक्षण का संदेश
धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भैसमुड़ा में आयोजित वार्षिक मड़ई मेला इस वर्ष भी पूरे उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। मेले में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक अनुज शर्मा का ग्रामीणों एवं मेला समिति द्वारा आतिशबाजी और बाजे-गाजे के साथ भव्य स्वागत किया गया। गांव में उनके आगमन से उत्सव का माहौल और भी जीवंत हो उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ हुई, जहां विधायक ने ग्रामीणों के साथ मिलकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मड़ई मेला छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। “मड़ई केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने वाला पर्व है। यह आपसी भाईचारे, मेल-मिलाप और सामूहिक आनंद का सबसे बड़ा मंच है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने भैसमुड़ा के ग्रामीणों को इस पारंपरिक आयोजन को भव्यता के साथ मनाने के लिए बधाई दी और आश्वस्त किया कि क्षेत्र की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। विधायक ने यह भी कहा कि राज्य की कला और कलाकारों को मंच प्रदान करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि लोक संस्कृति आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सके।
मड़ई मेले के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में स्थानीय एवं प्रदेश स्तरीय कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोकगीतों और लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। विधायक ने कलाकारों से मुलाकात कर उनके प्रयासों की सराहना की और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों ने भी आकर्षण का केंद्र बनाया। स्थानीय छोटे व्यापारियों और स्व-सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय का अवसर मिला, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिला।
इस अवसर पर विधायक ने ग्रामीणों से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनीं और गांव के विकास कार्यों को लेकर चर्चा की। कार्यक्रम में टिकेश्वर मनहरे, शीतल चित्रेश वर्मा, यशवंत वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।