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शासकीय धन में सेंध सेंट्रल बैंक मुंगेली में 26.87 लाख की हेराफेरी, बैंक प्रबंधन कटघरे में

इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली 
मुंगेली। जिले में शासकीय धन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, मुंगेली शाखा से जुड़ा शासकीय राशि गबन का मामला प्रशासनिक और बैंकिंग व्यवस्था की बड़ी चूक को उजागर करता नजर आ रहा है। कलेक्ट्रेट मुंगेली की अधोसंरचना मद में जमा 26 लाख 87 हजार रुपये की राशि को बैंक के एक कर्मचारी द्वारा अनधिकृत रूप से ट्रांसफर किए जाने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।

सूत्रों के अनुसार, अधोसंरचना मद के खाते से 8 लाख 50 हजार रुपये बैंक कर्मचारी के निजी खाते में तथा शेष 18 लाख 37 हजार रुपये मंजूलता पटेल नामक खाते में तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से भेजे गए। यह पूरा लेन-देन बिना किसी प्रशासनिक स्वीकृति के किया गया, जिससे बैंक की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।

इतनी बड़ी राशि का गबन महज एक कर्मचारी की करतूत नहीं माना जा रहा। प्रारंभिक जांच में शाखा प्रबंधन की भूमिका भी संदिग्ध पाई जा रही है। नियमों के अनुसार शासकीय खातों से किसी भी प्रकार की निकासी या ट्रांसफर उच्च स्तर की अनुमति और सत्यापन के बिना संभव नहीं है, इसके बावजूद राशि का स्थानांतरण होना बैंक प्रबंधन की लापरवाही या मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है।

मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बैंक प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। हालांकि नोटिस के बावजूद बैंक प्रबंधन द्वारा न तो खातों का पूरा स्टेटमेंट उपलब्ध कराया गया और न ही संतोषजनक स्पष्टीकरण दिया गया। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि बैंक की ओर से लगातार टालमटोल रवैया अपनाया जा रहा है, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है।

अतिरिक्त कलेक्टर जी.एल. यादव ने बताया कि प्रकरण उजागर होने के बाद गबन की पूरी राशि दोबारा अधोसंरचना मद के खाते में जमा करा दी गई है, लेकिन यह कदम केवल मामले को दबाने का प्रयास माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राशि लौटाने मात्र से बैंक और संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती।

प्रशासन द्वारा खाते का विस्तृत विवरण, लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और बैंक अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। यदि जांच में अनियमितता और लापरवाही की पुष्टि होती है तो बैंक प्रबंधन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, आर्थिक दंड और आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

शासकीय धन के इस मामले ने आम जनता के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि प्रशासनिक मद की राशि ही सुरक्षित नहीं है तो आम खाताधारकों की जमा पूंजी कितनी सुरक्षित है। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और आने वाले दिनों में सेंट्रल बैंक मुंगेली शाखा पर बड़ी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।

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