गांधीडीह में बालिका शिक्षा को मिला नया संबल एक परिसर में बने 4 सुसज्जित कन्या छात्रावास, पहली से कॉलेज तक की छात्राओं को सुविधा
इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली
मुंगेली। लोरमी विकासखंड के गांधीडीह क्षेत्र में बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी और सराहनीय पहल सामने आई है। यहां एक ही परिसर में सर्वसुविधायुक्त चार कन्या छात्रावासों का निर्माण पूर्ण कर उन्हें विधिवत संचालन में लाया गया है। इन छात्रावासों का शुभारंभ 1 जनवरी 2026 से हो चुका है, जहां अब कक्षा पहली से लेकर कॉलेज स्तर तक की छात्राएं सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही हैं।
कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में साकार हुई यह योजना ग्रामीण एवं आदिवासी अंचल की छात्राओं के लिए वरदान साबित हो रही है। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त शिवकुमार बांधे ने बताया कि पूर्व में छात्राओं को किराए के भवनों में रहना पड़ता था, जहां स्थान की कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण स्वीकृत क्षमता के अनुरूप प्रवेश नहीं हो पाता था। इससे कई छात्राएं पढ़ाई से वंचित रह जाती थीं।
अब स्वयं के पक्के और सुसज्जित भवन में छात्रावास संचालन से छात्राओं को पर्याप्त स्थान, स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित आवास, शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय, अध्ययन कक्ष और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। इससे न केवल छात्राओं की आवासीय समस्या का समाधान हुआ है, बल्कि उनके शैक्षणिक, शारीरिक और मानसिक विकास को भी मजबूती मिली है।
नव-निर्मित कन्या छात्रावासों में गुणवत्तापूर्ण निर्माण के साथ पर्याप्त रोशनी, वेंटिलेशन, शांत अध्ययन वातावरण और सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए गए हैं। इससे छात्राएं निश्चिंत होकर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पा रही हैं। सुरक्षित छात्रावास की सुविधा मिलने से अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ा है, जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों की अधिक बालिकाएं अब शिक्षा से जुड़ रही हैं।
यह पहल केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करना, विद्यालय छोड़ने की दर को कम करना और ग्रामीण छात्राओं को समान अवसर उपलब्ध कराना है। गांधीडीह में बने ये कन्या छात्रावास क्षेत्र में शिक्षा के नए द्वार खोलते हुए बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख रहे हैं।