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पी.आई.सी. पदों से तीन सभापतियों का इस्तीफा नगर पालिका मुंगेली की राजनीति में हलचल, विभागीय जिम्मेदारियों से बनाई दूरी

इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली 
मुंगेली । नगर पालिका परिषद मुंगेली में प्रेसिडेंट इन काउंसिल (पी.आई.सी.) के तहत गठित विभागीय सभापति पदों से एक साथ तीन पार्षदों के इस्तीफे ने नगर की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। कार्यालय नगर पालिका परिषद मुंगेली के आदेश क्रमांक 3611 दिनांक 15 जनवरी 2026 के अंतर्गत गठित पी.आई.सी. व्यवस्था को लेकर असंतोष के संकेत सामने आए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विधायक प्रतिनिधि, भाजपा मुंगेली के कोषाध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद जयप्रकाश मिश्रा (पप्पी) ने विधि तथा सामान्य प्रशासन विभाग के सभापति पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष को भेजे पत्र में उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 70 तथा वर्ष 1998 एवं 71 के नियमों के तहत उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन वे इस पद पर कार्य नहीं करना चाहते। उन्होंने अपना इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने का अनुरोध किया है।

इसी क्रम में एंड्रज वार्ड क्रमांक-19 के पार्षद रोशन सोनी (मोदीथ) ने भी राजस्व एवं बाजार विभाग के सभापति पद से इस्तीफा सौंप दिया है। अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस विभागीय दायित्व का निर्वहन करने में असमर्थ हैं, इसलिए पद से मुक्त किया जाए।

तीसरा इस्तीफा कालीमाई वार्ड क्रमांक-14 की पार्षद श्रीमती छोटी सत्येन्द्र सिंह परिहार द्वारा दिया गया है। उन्हें जल कार्य विभाग का सभापति बनाया गया था, किंतु उन्होंने भी इस पद पर कार्य नहीं करने की इच्छा जताते हुए नगर पालिका अध्यक्ष को अपना इस्तीफा प्रेषित किया है।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी को भी सूचना

तीनों ही मामलों में इस्तीफे की प्रतिलिपि मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सूचनार्थ भेजी गई है। अब इन इस्तीफों के बाद पी.आई.सी. के तहत गठित तीन महत्वपूर्ण विभागों के पद रिक्त हो गए हैं।

राजनीतिक मायने निकालने में जुटे गलियारे

एक साथ तीन सभापतियों के इस्तीफे को लेकर नगर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इसे पी.आई.सी. गठन को लेकर आंतरिक असहमति, जिम्मेदारियों के बंटवारे में असंतोष अथवा राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस्तीफा देने वाले पार्षदों ने अपने पत्रों में इसे व्यक्तिगत निर्णय बताते हुए पद छोड़ने की बात कही है।

अब सबकी निगाहें नगर पालिका अध्यक्ष के निर्णय पर टिकी हैं कि इस्तीफों को कब स्वीकार किया जाता है और रिक्त पदों पर नई नियुक्ति को लेकर क्या कदम उठाया जाता है।

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