श्रीमदभागवत कथा कल्प वृक्ष का पका हुआ फल है- भागवताचार्य राजेन्द्र पाणिग्राही
सारंगढ वि ख अन्तर्गत ग्राम कोसीर छोटे मे चल रहे श्रीमदभागवत कथा के दूसरे दिन कपिल अवतार,ध्रुव चरित्र की कथा के दौरान व्यास पीठ महाराज जी ने अपने सुमधुर आवाज से श्रोताओ को श्रीमदभागवत को कल्प वृक्ष का पका हुआ फल जिसमें न तो छिलका न ही गुठली है इस फल का रस ही अमृत है जिसे महर्षि वेदव्यास जी ग्रहण कर हम आप के लिए भी यही अमृतमयी कथा हमारी उद्धार के अचूक उपाय है। आप मन लगा कर इस कथा का सेवन किजिए आपके जीवन मे अमूल चूल परिवर्तन आयेगी। श्रीमदभागवत कथा गुरु परपंरा से संबंध है गुरुजन की कृपा से ही प्राप्त होती है। कल की कथा मे जड भरत,नरसिंह अवतार की कथा का रसपान करेंगे।