जिला

धान खरीदी में तेजी, समितियों की लिमिट बढ़ी मुंगेली में 43 लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी, 90 हजार किसानों को मिला लाभ

इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली 
मुंगेली। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य शासन के निर्देशानुसार पूरी पारदर्शिता और सुव्यवस्थित ढंग से जारी है। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी उपार्जन समितियों में खरीदी की सीमा बढ़ा दी गई है। साथ ही प्रतिदिन धान खरीदी की लिमिट में भी वृद्धि की गई है, जिससे अब अधिक मात्रा में धान खरीदी संभव हो पाई है।

कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिले के 66 समितियों के अंतर्गत संचालित 105 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी सुचारू रूप से की जा रही है। टोकन काटने की प्रक्रिया निर्बाध जारी है और किसानों को धान विक्रय के दौरान किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी नहीं हो रही है।

90 हजार किसानों ने बेचा धान

जिला खाद्य अधिकारी हुलेश डड़सेना ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत जिले में कुल 1 लाख 10 हजार 900 से अधिक किसान पंजीकृत हैं। इनमें से अब तक 90 हजार से अधिक किसानों ने धान का विक्रय कर लिया है। जिले में कुल 43 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है।

खरीदी में मोटा धान 23 लाख 72 हजार 486 क्विंटल, पतला धान 134 क्विंटल तथा सरना धान 18 लाख 95 हजार 496 क्विंटल शामिल है।

उठाव और भुगतान भी तेज

उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव लगातार जारी है। अब तक 27 लाख 85 हजार क्विंटल से अधिक धान का उठाव किया जा चुका है। किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए माइक्रो एटीएम और चेक के माध्यम से राशि दी जा रही है।

अब तक किसानों को 994 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। प्रतिदिन लगभग 3 हजार किसानों को करीब 12 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान हो रहा है, जिससे किसानों में संतोष और विश्वास का माहौल बना हुआ है।

अवैध भंडारण और परिवहन पर कड़ी नजर

कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले की सीमाओं और सभी चेक पोस्ट पर चौकसी बढ़ा दी गई है। संदिग्ध वाहनों और अवैध परिवहन गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कोचियों और बिचौलियों के माध्यम से अवैध धान खपाने पर रोक लगाने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से खरीदी, भंडारण और परिवहन की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी सख्त निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।

Leave Your Comment

Click to reload image