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जांजगीर जिले में कई आरोग्य मंदिरों पर ताला—सरकारी स्वास्थ्य सेवाएँ दम तोड़ रही हैं

जांजगीर (छत्तीसगढ़):


जिले में संचालित कई आरोग्य मंदिरों की बदहाली अब खुलकर सामने आने लगी है। सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए इन केंद्रों की तस्वीर बिल्कुल उलट नजर आ रही है। क्षेत्र के कई आरोग्य मंदिरों पर हमेशा ताला लटका रहता है। न डॉक्टर उपलब्ध, न नर्स, और न ही कोई अन्य स्वास्थ्यकर्मी।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र केवल नाम के लिए खोला जाता है। “एक-दो घंटे के लिए ताला खुलता है, बस औपचारिकता निभाकर स्टाफ लौट जाता है, उसके बाद पूरे दिन ताला लटका रहता है,” ग्रामीणों ने बताया। ऐसी स्थिति में आम लोगों को इलाज के लिए या तो निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ता है या फिर दूर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओर भागना पड़ता है।

सूत्रों के अनुसार कुछ डॉक्टर और कर्मचारी खुद का निजी क्लीनिक चलाने में अधिक समय दे रहे हैं, जिसके कारण सरकारी आरोग्य मंदिर नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

स्थानीय जनप्रतिनिधि व सामाजिक संगठनों ने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएँ बहाल की जा सकें।

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