लोरमी जनपद के सरपंचों ने उठाई आवाज—मानदेय और वित्तीय राशि के लंबित भुगतान पर जताई नाराज़गी
इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली
मुंगेली। जनपद पंचायत लोरमी के अंतर्गत आने वाली सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने बीते कई महीनों से मानदेय एवं वित्तीय राशि के लंबित भुगतान को लेकर नाराज़गी जताते हुए जिला पंचायत मुंगेली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। सरपंच संघ लोरमी के बैनर तले सौंपे गए इस पत्र में पंचायतों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति और इससे प्रभावित हो रहे ग्रामीण विकास कार्यों का विस्तृत ब्यौरा दर्ज किया गया है।
सरपंच संघ के अध्यक्ष मनभजन टंडन (सरपंच, रजपालपुर) के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 2025 में निर्वाचित ग्राम पंचायतों को अब तक वित्तीय अनुदान की राशि प्राप्त नहीं हुई है। आर्थिक सहायता के अभाव में पंचायतें मूलभूत आवश्यकताओं, दैनिक प्रशासनिक गतिविधियों और कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में असमर्थ हो रही हैं।
संपूर्ण जनपद के सरपंचों ने बताया कि ग्रामीणों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है, जिससे स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लगातार नाराज़गी और दबाव का सामना करना पड़ रहा है। वित्तीय संकट के कारण स्वच्छता अभियान, पेयजल व्यवस्था, सड़क मरम्मत, नाली निर्माण, विद्युत मरम्मत और अन्य अनिवार्य सेवाएँ प्रभावित हो रही हैं। कई पंचायतों में यह स्थिति अब गंभीर रूप ले चुकी है।
इसी के साथ एक और महत्वपूर्ण मुद्दा सरपंचों एवं पंचों के मानदेय के लंबित भुगतान का है। ज्ञापन में बताया गया है कि अब तक निर्वाचित प्रतिनिधियों को केवल दो माह का ही मानदेय मिला है, जबकि शेष महीनों का भुगतान रुका हुआ है। मानदेय न मिलने से जनप्रतिनिधियों को निजी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे अपने कार्यों में पूर्ण रूप से समर्पित नहीं हो पा रहे हैं।
इस ज्ञापन में जनपद के कई ग्राम पंचायतों—गोरखपुर, मनकी, लीलापुर, खपरीकला, हरदी, चकला सहित कई क्षेत्रों के सरपंच शामिल रहे। सरपंच अनुसुईया लहरे, चन्द्रकांता, देवमती भास्कर सहित उपस्थित प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से कहा कि समय पर वित्तीय संसाधन उपलब्ध न होना पंचायत व्यवस्था की रीढ़ पर सीधे प्रहार जैसा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को समझना होगा कि वित्तीय प्रवाह रुकने से पंचायत स्तर के विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ जाते हैं।
सरपंच संघ ने जिला प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप कर लंबित सभी भुगतानों को शीघ्र जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि राशि जल्द उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होंगे और पंचायतें अपने संवैधानिक दायित्वों का पालन करने में असमर्थ हो जाएँगी।
सरपंच संघ लोरमी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध या तनाव उत्पन्न करना नहीं है, बल्कि प्रशासन को जमीनी स्तर की वास्तविक स्थिति से अवगत कराना है, ताकि समाधान जल्द से जल्द निकल सके और ग्रामीण क्षेत्र विकास के मार्ग पर निरंतर बढ़ता रहे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद प्रतिनिधियों—लक्ष्मी नारद जायसवाल, अमित शोंद्रे, गौकरण पटेल, कमलेश ध्रुव, प्रभात साहू, अनूप कुर्रे, अमन तिवारी, दिलीप भास्कर, सुभाष कुर्रे, उत्तरा रात्रे—ने आशा व्यक्त की कि जिला पंचायत प्रशासन इस गंभीर विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर राहत प्रदान करेगा।