मनोरंजन के नाम पर मौत का सामान :तरल नाइट्रोजन का खुलासा
रिपोर्ट: जिला बस्तर ब्यूरो प्रमुख
*जगदलपुर, बस्तर*
बस्तर दशहरा के उपलक्ष्य में चल रहे मेले में एक गंभीर स्वास्थ्य संकट की ओर ध्यान आकर्षित हुआ है। यह मेला पिछले पखवाड़े से जगदलपुर के दंतेश्वरी पैलेस परिसर में चल रहा है, जिसमें हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने भाग लिया। लेकिन इस चकाचौंध और मनोरंजन के बीच एक खतरनाक लापरवाही सामने आई है — तरल नाइट्रोजन का अवैध और असुरक्षित प्रयोग।
मेले में एक खाद्य स्टॉल्स पर पान और अन्य पदार्थों को आकर्षक बनाने के लिए तरल नाइट्रोजन का सीधा उपयोग किया गया। यह दृश्य भले ही रोमांचक लगे, लेकिन इसके पीछे छिपा खतरा बेहद गंभीर है। *भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI)* ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि तरल नाइट्रोजन का सीधा उपयोग खाद्य पदार्थों में बिना विशेषज्ञ की निगरानी के करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकता है।
तरल नाइट्रोजन अत्यधिक ठंडा होता है और इसके संपर्क में आने से शरीर के ऊतक जल सकते हैं, सांस लेने में दिक्कत हो सकती है, और यहां तक कि पेट और आंतों को भी नुकसान पहुंच सकता है यदि इसे सीधे सेवन किया जाए। FSSAI की जून 2024 की एडवाइजरी में यह स्पष्ट किया गया है कि ऐसे प्रयोगों से कई जगहों पर गंभीर चोटें और स्वास्थ्य समस्याएं सामने आई हैं।
बस्तर जिले के ब्यूरो प्रमुख ने इस मुद्दे को उजागर करते हुए बताया,
"मेले में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है। खाद्य विक्रेताओं ने बिना किसी प्रशिक्षण या विशेषज्ञ की निगरानी के तरल नाइट्रोजन का प्रयोग किया, जो सीधे तौर पर FSSAI के नियमों का उल्लंघन है। यह न केवल गैरकानूनी है, बल्कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी है।"
अब तक किसी भी स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी या स्वास्थ्य विभाग ने इस पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह चौंकाने वाली बात है कि इतने बड़े आयोजन में हजारों लोगों की मौजूदगी के बावजूद किसी ने इस खतरनाक प्रयोग पर सवाल नहीं उठाया।
*क्या कहता है कानून?*
FSSAI के अनुसार, तरल नाइट्रोजन का प्रयोग केवल प्रशिक्षित विशेषज्ञों की निगरानी में किया जा सकता है, और वह भी सीमित मात्रा में। इसका सीधा सेवन या खाद्य में मिलाना प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में संबंधित विक्रेताओं और आयोजकों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
*जनता से अपील*
बिहान छत्तीसगढ़ की ओर से जनता से अपील की जाती है कि वे ऐसे प्रयोगों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। स्वास्थ्य से बड़ा कोई उत्सव नहीं होता।