मुंगेली पुलिस की अभिनव पहल — “एक व्यापक सुरक्षा, जनभागीदारी एवं सकारात्मक बदलाव कार्यक्रम” से बदलती तस्वीर
इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली बिहान छत्तीसगढ़
जिला पुलिस मुंगेली द्वारा मई माह से शुरू किया गया अभिनव कार्यक्रम “पहल” अब एक मिसाल बनता जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में सायबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, और यातायात सुरक्षा एवं अनुशासन को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत बनाना है। कार्यक्रम की रूपरेखा पुलिस अधीक्षक मुंगेली के निर्देशन में “पहल” के अंतर्गत मई माह से जिलेभर में जन-जागरूकता की श्रृंखला प्रारंभ की गई। कॉलेज और स्कूलों के छात्र प्रतिनिधि सम्मेलन के माध्यम से युवाओं में सायबर सुरक्षा, नशा उन्मूलन और यातायात अनुशासन पर संदेश दिए गए।
नशे की लत से ग्रस्त युवाओं को परिजनों सहित बुलाकर नशे के दुष्परिणाम समझाए गए और पुनर्वास की दिशा में कदम बढ़ाए गए। प्रमुख उपलब्धियां कोटवार प्रशिक्षण से सूचना तंत्र सशक्त हुआ, अपराध नियंत्रण और जनविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। बीट प्रणाली से प्रत्येक ग्राम पुलिस से जुड़ा, जिससे त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था बनी।
अपराध नियंत्रण में सुधार:
लूट की बरामदगी दर 66.60% (2024) से बढ़कर 68.57% (2025)
नकबजनी में 6.68% से 59.20%,
साधारण चोरी में 54.85% से 61.24% की वृद्धि दर्ज।
महिला एवं बाल अपराधों में कमी, अधिकांश अपहृत बच्चों की बरामदगी और गुमशुदगी में कमी आई।
सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में गिरावट, यातायात जागरूकता के प्रभाव से दुर्घटनाओं में लगातार कमी दर्ज।
नशा उन्मूलन में कठोर कार्रवाई, गांजा और ब्राउन शुगर के अवैध व्यापार पर रोक लगी, युवाओं में नशे की प्रवृत्ति घटी।
सायबर अपराधों में कमी: वर्ष 2024 में ₹1.33 करोड़ की ठगी के मुकाबले 2025 में राशि घटकर ₹1.18 करोड़ रह गई, जो सायबर जागरूकता की सफलता दर्शाता है।
मुंगेली पुलिस की यह पहल न केवल अपराध नियंत्रण में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि जनभागीदारी आधारित पुलिसिंग की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव भी ला रही है।