मुंगेली पुलिस की उत्कृष्ट पहल: 'अकेली लड़की को मौका नहीं, सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है' हर कन्या का सुरक्षित और संरक्षित घर तक पहुंचना ही सच्चे 'कन्या भोज' का सर्वोच्च महत्व है
इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली (बिहान छत्तीसगढ़ )
मुंगेली पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल द्वारा जिले में चलाएं जा रहे ' पहल' अभियान ने सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए एक सशक्त संदेश दिया है कि एकाकी चलने वाली हर युवती की सुरक्षा सिर्फ उसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरी समाज एवं प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि कन्या सुरक्षा की यह अवधारणा परिवार, समुदाय और पुलिस के सम्मिलित प्रयासों से ही साकार हो सकती है।
यह पहल युवतियों के संरक्षण, उनके आत्मसम्मान और उनके बचाव के लिए समर्पित है, जिसमें यह कहा गया है कि समाज में कन्या भोज का असली अर्थ तभी पूरा होता है, जब हर कन्या सुरक्षित और भय-मुक्त अवस्था में अपने घर पहुंचे। इसमें बेटी के सम्मान व सुरक्षा को सर्वोपरि रखा गया है, जो परिवार और समाज दोनों का दायित्व बनता है।पुलिस ने युवतियों के प्रति संवेदनशीलता और सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान भी चलाये हैं
, जिनमें सुरक्षा के लिए संदेश देना, सुरक्षा उपाय बताना और सामाजिक सरोकारों को जगाना शामिल है। पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा, सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा, तथा आत्मरक्षा के तरीकों पर निरंतर जागरूकता बढ़ाई जा रही है। यह पहल सिर्फ एक तात्कालिक संदेश नहीं, बल्कि सामाजिक विश्वास और सुरक्षा के लिए एक लंबी लड़ाई की शुरुआत है, जिसके अंतर्गत समाज के सभी वर्ग महिलाओं की सुरक्षा को अपना प्राथमिक कार्य समझें। मुंगेली पुलिस की यह पहल युवतियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने, उनके स्वतंत्र और सुरक्षित जीवन के अधिकार को साकार करने का प्रतीक है।
> सभी से अपील है कि वे ‘अकेली लड़की मौका नहीं’ की सोच को अपनाते हुए कन्याओं के सुरक्षित आवागमन की जिम्मेदारी खुद लें, क्योंकि यही सच्चा 'कन्या भोज' का मूल सार है।