पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने शिक्षक दिवस के अवसर पर किया विधानसभा के समस्त शासकीय विद्यालय के प्राचार्यों एवं शिक्षकों का अभिनंदन
बिहान छत्तीसगढ़
पवन तिवारी कबीरधाम
गुरु ही वे दीपस्तंभ हैं, जिनके ज्ञान, मार्गदर्शन और मूल्यों से जीवन की दिशा तय होती है : भावना बोहरा
भारत के महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती और उनकी स्मृति में राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय उड़ियाकला में पंडरिया विधायक भावना बोहरा द्वारा शिक्षक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में पंडरिया विधानसभा अंतर्गत समस्त शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में पदस्थ प्रत्येक प्राचार्यों एवं शिक्षकों को उनके निःस्वार्थ सेवाभाव, समर्पण एवं एक शिक्षित व सभ्य समाज के निर्माण में अतुलनीय भूमिका निभाने हेतु उनका अभिनंदन किया गया। इस दौरान विधायक भावना बोहरा द्वारा विधानसभा के लगभग 1500 से अधिक प्राचार्य एवं शिक्षकगण उपस्थित रहें जिन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका विशेज अभिनन्द किया। इसके साथ ही पंडरिया विधानसभा के 20 शिक्षकों को उत्कृष्ट कार्य व विशेष योगदान के लिए शॉल,श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन विधायक भावना बोहरा ने किया और सभी बच्चों को संबोधित कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में लगभग 2000 से अधिक पंडरिया विधानसभा के समस्त शासकीय शिक्षक, प्राचार्य, छात्र-छात्राएं उनके अभिभावक एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा द्वारा पंडरिया विधानसभा के शिक्षकों एवं प्राचार्यों के समर्पण और एक सभ्य समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका हेतु उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति एवं वेदांत दर्शन को वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठित कर ‘आधुनिक भारत-शिक्षित भारत’ के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अतुलनीय। गुरुजनों की शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे चरित्र तथा राष्ट्र निर्माण और समाज में नई चेतना जगाने का कार्य करते हैं। गुरु ही वे दीपस्तंभ हैं, जिनके ज्ञान, मार्गदर्शन और मूल्यों से जीवन की दिशा तय होती है। सनातन संस्कृति और हमारे शास्त्रों में शिक्षकों को भगवान की संज्ञा दी गई है। शिक्षकों को भगवान ब्रम्हा, विष्णु, महेश के रूप में बताया गया है और उनका सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य भी है। हमारे शिक्षक निस्वार्थ भाव से समाज को एक नई दिशा देने के साथ ही हमारे आने वाली पीढ़ियों और देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत बनाते हैं। एक शिक्षक के लिए गर्व का समय तब होता है जब उनका शिष्य उनसे भी आगे निकल जाता है, इसमें उन्हें निराशा नहीं बल्कि गर्व होता है और यही एक अच्छे गुरु या शिक्षक की पहचान होती है।
मैं भारत के महान दार्शनिक, शिक्षाविद् और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को भी उनकी जयंती पर नमन करती हूं।आज का यह विशेष कार्यक्रम उनकी स्मृति और हमारे जीवन को ज्ञान, नैतिकता और प्रेरणा से रोशन करने वाले आप सभी शिक्षकों के प्रति समर्पित है। हमारा पंडरिया विधानसभा अपनी सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता के लिए जाना जाता है। यहाँ के शिक्षक हमारे समाज की रीढ़ हैं। वे न केवल बच्चों को किताबी ज्ञान देते हैं, बल्कि उन्हें जीवन के मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ाते हैं।
पंडरिया के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में हमारे शिक्षक, बच्चों के भविष्य को संवारने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के कुशल नेतृत्व में डबल इंजन भाजपा सरकार निरंतर स्कूलों के उन्नयन, शिक्षकों व छात्र-छात्राओं की मूलभूत सुविधाओं तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैय्या कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री समग्र शिक्षा अभियान के तहत पंडरिया विधानसभा में अभूतपूर्व कार्य किये जा रहें हैं। इसमें हमारे शिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।