80 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनर का हुआ सम्मान धारा 49 अनुसूची को विलोपित करने पोस्ट कार्ड अभियान जारी रखने का लिया निर्णय
जांजगीर चांपा/छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ संयुक्त तहसील चाम्पा, सारागांव, बम्हनीडीह की बैठक मां गायत्री उ. मा. विद्यालय सारागांव में अध्यक्ष बालमुकुंद चतुर्वेदी की अध्यक्षता एवं महावीर सिंह राज की उपस्थिति में आयोजित की गई। जिसमें विभिन्न समस्याओं एवं मांगो पर विस्तार से चर्चा किया गया। 80 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनर मनोहर लाल आदित्य का शाल श्रीफल से सम्मान किया गया। बैठक में म.प्र. छ.ग. पुर्नगठन नियम 2000 के धारा 49 अनुसूची 06 को विलोपित करने शासन को ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया। समय-समय पर वेतन पुनरीक्षण किया गया है जिसमें पेंशनरों का हक छीना गया है जैसे 1996 के वेतन पुनरीक्षण में 11 वर्ष 3 माह का एरियर्स, वेतन पुनरीक्षण 2006 में 32 माह का एरियर्स, वेतन पुनरीक्षण 2016 में 27 माह का एरियर्स नहीं दिया गया, जिसके लिए पोस्ट कार्ड अभियान जारी रखने का निर्णय लिया गया तथा लंबित 2 प्रतिशत मंहगाई राहत का आदेश शीघ्र जारी करने का मांग किया गया।
छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ संयुक्त तहसील चाम्पा, सारागांव, बम्हनीडीह के अध्यक्ष बालमुकुंद चतुर्वेदी ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि वित्त निर्देश 26/2009 के तहत छत्तीसगढ़ शासन
वित्त एवं योजना विभाग, मंत्रालय, रायपुर द्वारा अतिरिक्त पेंशन/परिवार पेंशन का भुगतान हेतु दिनांक 31 अगस्त 2009 को जारी आदेश में पेंशनर/परिवार पेंशनर जिस माह आयु पूर्ण करेंगे उस माह के आगामी माह की पहली तारीख से लाभ दिए जाने का प्रावधान किया गया था। जिस पर संशोधन करते हुए छत्तीसगढ शासन वित्त विभाग, नवा रायपुर द्वारा दिनांक 14 अगस्त 2025
छत्तीसगढ़ राज्य के पेंशनरों / परिवार पेंशनरों को अतिरिक्त पेंशन का लाभ प्रदान करने की शर्तों के संबंध में राज्य शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि राज्य के पेंशनर / परिवार पेंशनर द्वारा 80 वर्ष या उसके अधिक की आयु पूर्ण करने पर संदर्भित वित्त निर्देशों के तहत् अतिरिक्त पेंशन की पात्रता उस कैलेण्डर माह के पहले दिन से देय होगी,
बैठक में अध्यक्ष बालमुकुंद चतुर्वेदी, कार्यवाहक अध्यक्ष गेंदराम डड़सेना, तिजेंद्र तिवारी, महावीर सिंह राज, विजय सिंह राठौर, सूरज सिंह राठौर, शिवचरण लाल कर्ष,शिवकुमार श्रीवास, दासव प्रसाद गुप्ता, मनोहर लाल आदित्य, हीरा राम रजक, वेदप्रसाद राठौर, भागीरथी राठौर, खेमन लाल साहू, अघोरी राम साहू, केशव डड़सेना, लिलेश्वर प्रसाद तिवारी, भगवान प्रसाद बानी, मोती लाल पाटकर, पी एल गुप्ता, बी आर मिरी, रामेश्वर प्रसाद बनवा, जे एस राज, शामिल थे।