जिला

क्यूआर कोड से मनरेगा कार्यों की निगरानी के साथ 03 वर्षों के कार्यों की मिलेगी जानकारी

इमरान खोखर 
मुंगेली । महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्यों में पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन मुंगेली ने नई पहल की है। जिले की सभी 367 ग्राम पंचायत भवनों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर विशेष क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। 
इन क्यूआर कोड्स को किसी भी आमजन द्वारा अपने मोबाइल से स्कैन करने पर संबंधित ग्राम पंचायत में पिछले 03 वर्षों में हुए मनरेगा कार्यों की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। इसमें स्वीकृत कार्यों की संख्या, पूरा हुए कार्य, जारी भुगतान की स्थिति और भौतिक प्रगति जैसी अहम जानकारियाँ उपलब्ध होंगी। पारदर्शिता और जवाबदेही की ओर कदम क्यूआर कोड व्यवस्था से ग्रामीण अब सीधे मनरेगा कार्यों की प्रगति देख पाएंगे। इससे अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की जवाबदेही तय होगी और कार्यों में पारदर्शिता आएगी।
      कलेक्टर कुन्दन कुमार ने बताया कि महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्यों में पारदर्शिता और जनभागीदारी के लिए आयुक्त मनरेगा के द्वारा दिए गये निर्देश में क्यूआर कोड लगाये जाने की शुरुवात किया गया है  जिसके तहत जिले के 367 ग्राम पंचायत के पंचायत भवन में क्यूआर कोड लगाये जा चुके है. इस पहल ग्रामीणों को उनके अधिकारों की जानकारी देने और योजनाओं में उनकी सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए की गई है। जो राज्य सरकार की ‘‘पारदर्शी शासन-जनभागीदारी’’ की सोच को आगे बढ़ाता है। 
      जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभाकर पाण्डेय ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम पंचायत अथवा शासकीय भवनों में क्यूआर कोड्स लगवाए जा रहे हैं, इन क्यूआर कोड्स को मोबाइल से स्कैन करके एक क्लिक में मनरेगा कार्यों की 03 वर्षों की जानकारी स्वीकृत और पूर्ण कार्यों की सूची, भुगतान की स्थिति, पंचायत के विकास कार्यों का जानकारी ग्रामीण ले सकेंगे। इस पहल से न केवल कार्यों की निगरानी आसान होगी, बल्कि ग्रामीण अपने पंचायत में हुए विकास कार्यों से अवगत रहेंगे और किसी भी गड़बड़ी की सूचना भी सीधे जिला प्रशासन तक पहुँचा सकेंगे।

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