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झिरिया मोहल्ला में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त, रेलवे व नगरपालिका की लापरवाही उजागर*

राजेश साहू ब्यूरो, जिला-एमसीबी

मनेंद्रगढ़ (जिला एमसीबी), 25 जुलाई:


मनेंद्रगढ़ नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 15 अंतर्गत झिरिया मोहल्ला में मूसलधार बारिश के चलते कई घर जलमग्न हो गए, जिससे क्षेत्रवासियों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। मोहल्ले के लोग भारी परेशानी और दहशत में पिछले दिनों से हो रहे लगातार बारिश के कारण रात भर जगे रहे, क्योंकि जल निकासी का कोई प्रबंध नहीं था और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।

बताया जा रहा है कि झिरिया मोहल्ला रेलवे की जमीन के किनारे बसा है, और एक वर्ष पूर्व रेलवे विभाग द्वारा इस बस्ती को जमीन खाली करने का नोटिस भी दिया गया था। बावजूद इसके वहां आज भी सैकड़ों परिवार निवासरत हैं। आज दिन में हुई बारिश ने इन लोगों की मुसीबतों को और बढ़ा दिया, क्योंकि रेलवे लाईन के नीचे बने पुल को रेलवे द्वारा बंद कर दिया गया है, जिससे बारिश का पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है। यही कारण है कि जल निकासी अवरुद्ध हो गई और पूरा मोहल्ला तालाब में तब्दील हो गया।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार रेलवे और नगरपालिका को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन दोनों ही विभागों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। बारिश का पानी घरों के अंदर घुस गया है, और कई घर पूरी तरह डूब गए हैं जिससे घरों का सामान भीग गया और कई परिवारों के लोगों को अपने समानो सहित सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा।

स्थानीय निवासी चंद्रिका साहू ने बताया, “हमने बार-बार रेलवे को पुल खुलवाने के लिए आवेदन दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब यही हालात रहे तो अगर रात में दोबारा तेज बारिश होती है, तो जानमाल की भारी क्षति हो सकती है।”

एक अन्य महिला निवासी मीना बाई ने बताया, “हमारे बच्चों को स्कूल नहीं भेज पाए, खाने के लिए भी परेशानी हो रही है। पूरा मोहल्ला जलमग्न है और प्रशासन अब भी मौन है।”

इस पूरे मामले में न तो रेलवे और न ही नगरपालिका प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल जल निकासी की व्यवस्था की जाए और रेलवे पुल को खोलकर पानी के बहाव को बहाल किया जाए, जिससे आने वाले दिनों में किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।

निष्कर्षतः, झिरिया मोहल्ला की यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। यदि तत्काल समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं।

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