मानेंद्रगढ़: 25 गांवों की नक्शा शीट निर्माण में गड़बड़ी, भू अधीक्षक, राजस्व निरीक्षक व पटवारी पर होगी एफआईआर – कलेक्टर ने दिए निर्देश
राजेश साहू ब्यूरो, जिला एमसीबी
प्रदेश की बहुचर्चित लल्लूराम मीडिया रिपोर्ट मे प्रकाशित समाचार मे उल्लेख किया गया है कि जिला प्रशासन की जांच के आधार पर एमसीबी जिले के तत्कालीन प्रभारी भू-अधीक्षक, भू-अभिलेख, राजस्व निरीक्षक और पटवारी के खिलाफ जल्द ही अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। कलेक्टर डी. व्यंकट राहुल ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने और विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मानेंद्रगढ़ राजस्व अनुभाग के तहत आने वाले 25 गांवों की 62 नक्शा शीट अत्यधिक जीर्ण-शीर्ण हो चुकी थीं। इसके चलते विभाग द्वारा उनका नवीन निर्माण कराया गया। विशेष रूप से पटवारी हल्का क्रमांक-14 में कुल 5 नक्शा शीट चलन में हैं, जिनमें से 2 पुराने और 3 नवीन नक्शे हैं।
इन नक्शों के निर्माण एवं उपयोग में गंभीर अनियमितता और भ्रष्टाचार सामने आया है। आरोप है कि पुराने नक्शों को जानबूझकर नष्टप्राय बताया गया और नवीन नक्शा निर्माण में भारी हेराफेरी की गई। नक्शों के ले-आउट में बदलाव, भूमि सीमाओं की हेराफेरी तथा रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा जैसी गड़बड़ियों की शिकायत दर्ज की गई थी।
इस मामले में कलेक्टर को प्राप्त शिकायत की जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही है। इसके चलते डी. व्यंकट राहुल ने तत्कालीन तहसीलदार के खिलाफ जांच और बाकी अधिकारियों पर FIR के आदेश दिए हैं।
यह मामला न केवल राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस प्रकार से नक्शा निर्माण जैसे संवेदनशील विषय में भ्रष्टाचार ने जगह बना ली है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले की पारदर्शी जांच की जाएगी।
आगे की कार्रवाई में दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच और नवीन-पुराने नक्शों का मिलान कर जिम्मेदारों की पहचान की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर यह एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि सरकारी दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ अब दंडनीय अपराध मानी जाएगी।