KG-2 के छात्र को पेड़ पर लटकाया, संचालक पर FIR:
सूरजपुर
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में प्राइवेट स्कूल की टीचर ने होमवर्क नहीं करने पर केजी-2 के छात्र को पेड़ से लटका दिया था। जांच में पता चला कि टीचर नाबालिग है। 12वीं के सर्टिफिकेट में दर्ज जन्मतिथि के अनुसार टीचर की उम्र 18 साल पूरी नहीं हुई है। सूरजपुर DEO ने जांच के बाद स्कूल की मान्यता रद्द कर दी है। वहीं रामानुजगंज पुलिस ने स्कूल संचालक पर FIR दर्ज की है।
दरअसल, यह मामला नारायणपुर गांव के हंसवानी विद्या मंदिर का है। 24 नवंबर को केजी-2 की टीचर ने बच्चों का होमवर्क चेक किया। एक छात्र ने अपना होमवर्क नहीं किया था, जिसे टीचर ने सजा के तौर पर क्लास से बाहर निकाल दिया। फिर उसे स्कूल परिसर में एक पेड़ पर रस्सी के सहारे लटका दिया था। रस्सी के सहारे बच्चा घंटों लटकता रहा।
ग्रामीण ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। परिजन स्कूल पहुंचें और हंगामा कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने स्कूल की जांच कराई। हंसवानी विद्या मंदिर में जिस टीचर ने बच्चे को पेड़ से लटकाया था, वह नाबालिग निकली। टीचर ने साल 2020 में हाईस्कूल की परीक्षा हायर सेकेंडरी स्कूल देवनगर से पास की थी।
10वीं की अंकसूची में उसकी जन्मतिथि 02 दिसंबर 2007 दर्ज है। टीचर ने वर्ष 2022 में 12वीं की परीक्षा पास की। वर्तमान में कॉलेज की पढ़ाई करने के साथ ही वह निजी स्कूल में बतौर टीचर काम कर रही थी।अंकसूची में दर्ज जन्मतिथि के अनुसार टीचर की उम्र 02 दिसंबर 2025 को 18 साल पूरी होगी। 18 साल पूरे होने के पहले ही निजी स्कूल ने नौकरी में रखा गया था।
मामला संज्ञान में आने के बाद परिजनों ने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया था। डीईओ सूरजपुर की गठित जांच टीम के साथ ही रामानुजनगर पुलिस ने भी स्कूल पहुंचकर जांच की। परिजनों का बयान लिया।
मामले में पुलिस ने स्कूल में संचालक सुभाष शिवहरे के खिलाफ धारा 127 (2) और किशोर न्याय बोर्ड की धारा 75, 82 के तहत अपराध दर्ज किया है।
हाईकोर्ट की सख्ती और डीपीआई से मिले निर्देश के बाद सूरजपुर डीईओ अजय कुमार मिश्रा ने हंसवानी विद्या मंदिर की मान्यता रद्द कर दी है। स्कूल में केजी-1 से लेकर 8वीं तक 60 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल की मान्यता रद्द करने की जानकारी डीपीआई रायपुर को भेज दी गई है। इन बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट किया जाएगा।
हालांकि, क्षेत्र के पेरेंट्स स्कूल को बंद करने के पक्ष में नहीं थे। अभिभावकों ने विधायक भूलन सिंह मरावी के सामने स्कूल को यथावत संचालित करने की मांग रखी। विधायक ने सूरजपुर कलेक्टर को फोन भी किया, लेकिन कलेक्टर ने उन्हें बताया कि मान्यता रद्द की जा चुकी है।