क्राइम

सीयू छात्र की मौत बाद सिम्स प्रबंधन एक्शन में

बिलासपुर

बिलासपुर के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल से एक छात्र के लापता होने और बाद में उसका शव परिसर के तालाब में मिलने के बाद छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सिम्स हॉस्टल में छात्रों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी बढ़ा दी गई है।

बैठक में सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने बताया कि सिम्स के हॉस्टल कैंपस में 33 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इमली पारा स्थित हॉस्टल के लिए 16 कैमरे लगाने की मांग की गई है, जबकि गर्ल्स हॉस्टल में पहले से ही 26 कैमरे लगे हुए हैं।

एंटी-रैगिंग कमेटी की बैठक में छात्रों को भी आमंत्रित किया गया था, जहां उन्होंने अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए। एक छात्र ने हॉस्टल लाइब्रेरी के समय और मच्छरों की समस्या के बारे में शिकायत की। बैठक में यह भी बताया गया कि गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं के प्रवेश के लिए रात 8 बजे का समय निर्धारित किया गया है, जिसके बाद वार्डन की अनुमति के बिना प्रवेश नहीं मिलेगा।

सिम्स में बुलाई गई एंटी-रैगिंग कमेटी की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें छात्रों की बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू करना, गार्डों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराना, हॉस्टल की नियमित जांच करना और पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाना शामिल है।

सिम्स के डीन मूर्ति ने स्पष्ट कहा है कि रैंगिग किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिकायत मिलने पर स्टूडेंटस को क्लास में घुसने पर पाबंदी से लेकर स्कॉलरशिप रोकने, एग्जाम से वंचित करने यहां तक कि 25 हजार से लेकर एक लाख तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है। एंटी रैंगिंग कमेटी की बैठक में एंटी रैंगिंग कंट्रोल रूम बनाने तथा डीन सहित छह डाक्टरों के मोबाइल नंबर जारी किए गए।

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