स्कूल बना मदिरा का अड्डा: शिक्षा के मंदिर से शराब तस्करी का धंधा उजागर
इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली/बावली(बिहान छत्तीसगढ़)
जहाँ बच्चों को शिक्षा और संस्कार मिलना चाहिए था, वहीँ शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बावली के अतिरिक्त कमरे से अवैध शराब का जखीरा बरामद होने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
संभागीय उड़न दस्ता और आबकारी विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए स्कूल परिसर से 10 बोरी अंग्रेजी शराब (लगभग 500 नग) और 30 लीटर की गैलन में भरा लिक्विड स्प्रिट जब्त किया। इस दौरान कमरे में लगे दो तालों को तोड़कर पंचनामा की कार्यवाही की गई।
स्थानीय लोगों में गुस्सा है कि जिस जगह बच्चों का भविष्य गढ़ा जाना चाहिए, वहां लंबे समय से शराब का कारोबार फल-फूल रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध कारोबार का संचालन चन्द्रशेखर उर्फ काली, जो वर्तमान में विधायक प्रतिनिधि है और जिसकी पत्नी जनपद पंचायत की उपाध्यक्ष हैं, द्वारा कराया जाता है।
गौरतलब है कि बावली और आसपास के क्षेत्रों में पिछले 20–25 वर्षों से अवैध शराब की बिक्री और तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है। बताया जाता है कि काली का नेटवर्क केवल मुंगेली तक सीमित नहीं है, बल्कि बेमेतरा, बिलासपुर, बलौदा बाजार और भाटापारा तक फैला हुआ है।
राजनीतिक संरक्षण और दबदबे के चलते इस कारोबार पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। इससे पहले भी 6 जुलाई को आरोपी के पास से 50.580 बल्क लीटर शराब जब्त की गई थी, लेकिन इसके बावजूद उसका अवैध धंधा जारी रहा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शिक्षा के मंदिर को बदनाम करने वाले ऐसे कृत्यों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में स्कूल जैसी पवित्र जगहों का दुरुपयोग न हो सके।