क्राइम

बंदूक के नोक में अपहरण कर एक करोड़ की फिरौती मांग

नरपतगंज 

मामला अपहरण से संबंधित है पूरा वाक्या यह कि शख्स का नाम कैमरून जट्ट है जो नेपाल सुनसरी का रहने वाला है। दिनांक 2 अगस्त 2025 दिन शनिवार समय दोपहर के 3:00 बजे अपनी मोटरसाइकिल से किसी रिश्तेदार से मिलने नेपाल बॉर्डर पार कर भारतीय सीमा क्षेत्र बिहार के नरपतगंज इलाके में घूरना थाना अंतर्गत जैसे ही पहुंचा कि, पथराहा हाईवे पर एक सफेद रंग के स्कार्पियो ने आगे से घेर लिया, और उस गाड़ी पर सवार अयाज वकील उर्फ टोनी अहमद,तथा तनवीर आलम कुछ अज्ञात सहयोगियों के साथ कैमरून जट्ट की कनपट्टी पर एक देसी कट्टा सटा कर उसे जबरन स्कॉर्पियो में बिठा लिया और वीरपुर की ओर भाग निकला तथा वहां किसी अज्ञात स्थान पर ले जाकर उससे एक करोड़ रुपए फिरौती की मांग की। फिरौती की मांग पूरी नहीं किए जाने की स्थिति में,परिणाम के तौर पर उसे जान से मारने की धमकी भी मिल रही थी। इस बीच कमरुंन जट्ट ने अपनी पत्नी नसरीन परवीन को फोन पर सारी बातें बताई। अपने पति के अपहरण को लेकर नसरीन परवीन सर्व प्रथम बीरपुर थाने में अपने पति को छुड़ाने की गुहार लगाई लेकिन थाना प्रभारी ने नसरीन परवीन को मदद करने के बजाय उल्टा अपराधियों के  पक्ष में उसे फिरौती नहीं देने पर उसके पति को थाने में बांधकर मार पीट करने की बात कह धमकी भी दी।
   इसके बावजूद नसरीन परवीन अपने पति कमरून जट्ट को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पति को छुड़ाने के लिए नसरीन परवीन ने अपनी होशियारी से किसी अन्य परिचित व्यक्ति को फोन कर उसे फिरौती की रकम चुकाने के वास्ते उधार मांगा जिस पर उक्त व्यक्ति ने 30 30 लाख रुपए का कुल 60 लाख दो चेक के द्वारा उन अपराधियों को देकर अपने पति कमरुल जाट को छुड़ा लिया और 40 लाख बाद में चुकाने की भी बात कही जिस पर अपराधियों ने एक बॉन्ड पेपर पर दस्तक करवा कर छोड़ दिया।पति को छुड़ाने के बाद नसरीन परवीन ने फौरन घूरना थाने में एक FIR 48/25 के रूप में दर्ज कर दिया।एक ओर जहां भारत और नेपाल के बीच  रिश्ते को मजबूत करने में भारत अपनी अहम भूमिका निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ता, वहीं दूसरी ओर भारतीय सीमा क्षेत्र बिहार में  लूट,अपहरण, जैसा जंगल राज। आज भी कायम है।
     ऐसे में पड़ोसी राष्ट्र 
नेपाल के इस कमरून जट्ट को न्याय कब तक मिलेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

Leave Your Comment

Click to reload image