दलित परिवार पर हमला मामले मे जिला अदालत के बाद अब हाईकोर्ट ने की सरपंच पति की जमानत याचिका ख़ारिज Fir के एक माह बाद भी नामजद आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर
जांजगीर-चांपा,
जिले के बलौदा ब्लॉक के ग्राम नवगवां मे दलित परिवार पर हुए हमला के मामले मे नामजद मुख्य आरोपी की जमानत याचिका जिला न्यायलय ने 09 जुलाई को नामंजूर कर दिया था, इसके बाद आरोपी के वकील ने अग्रिम जमानत की याचिका हाई कोर्ट मे लगाया था, मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय उच्च न्यायलय ने आरोपी की अग्रिम ज़मानत की याचिका को 01 अगस्त को ख़ारिज कर दिया है,
दरअसल बलौदा ब्लॉक के ग्राम नवगवां मे 13 और 15 जून को रात्रि के समय गांव के सरपंच पति परमानंद राठौर ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर गांव के एक दलित परिवार पर हमला किया था, मामले की लिखित शिकायत पीड़ित सतीश कुमार ने 16 जून को आजाक और पुलिस अधीक्षक कार्यालय मे किया था 15 दिनों के गहन जांच के बाद पुलिस ने 01 जुलाई को सरपंचपति के खिलाफ एट्रोसिटी समेत कई धाराओं मे अपराध पंजीबद्ध किया था, उसके बाद से आरोपी परमानन्द राठौर फरार है,

प्रार्थी ने अपने शिकायत मे बताया था कि गांव के सरपंच द्वारा गांव मे 20-25 फ़ीट का सीसीरोड बनवाया था फिर सरपंच पति ने गांव के मुख्य मार्ग को 10 दिनों तक अपना ट्रैक्टर को अडाकर जाम कर दिया था जाम के वजह से सभी लोग परेशान थे, साइड मांगने के चक्कर मे प्रार्थी का किसी अन्य व्यक्ति से विवाद हुआ था, लेकिन सरपंच पति ने अपनी गलती छुपाने के लिए अपने समर्थकों के साथ मेरे घर पर हमला कर दिया था l
Fir हुए एक महीना बीत गया लेकिन अब तक नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नही हुई है, पीड़ित परिवार न्याय की आस मे अधिकारीयों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अभी तक गिरफ़्तारी न होने के कारण पोलिस की कार्याशीली सवालों के घेरे मे है,
वही Fir मे देरी और अब गिरफ़्तारी मे देरी को लेकर सामाजिक संगठनों ने नाराजगी जताते हुए
भीम आर्मी समेत कई संगठनों ने एक महीने मे आरोपी की गिरफ्तारी नही होने को लेकर नाराजगी जताते हुए आंदोलन कई चेतावनी दी है