राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनावों के वोटर लिस्ट में हो रही गड़बड़ियों को तथ्यों के साथ पेश किया
आज दिल्ली में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत में चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे विभिन्न राज्यों की विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनावों के वोटर लिस्ट में हो रही गड़बड़ियों को तथ्यों के साथ पेश किया और तमाम सवालों के बेबाकी से जवाब दिए। उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव में कर्नाटक की बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा के अधीन आने वाली सात सीटों में से केवल एक विधानसभा सीट पर हुई वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों को तथ्यों के साथ सामने लाया। इस लोकसभा सीट से भाजपा ने कांग्रेस को 32,707 मतों से हराया था। जबकि इसकी केवल एक विधानसभा सीट पर ही 1लाख वोटों की हेराफेरी हुई। निष्पक्ष चुनाव होता तो तय है कि भाजपा कतई नहीं जीतती।
कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग से डिजिटल वोटर लिस्ट की लगातार मांग की पर आयोग द्वारा नहीं देने पर राहुल जी के मार्गदर्शन में वोटर लिस्ट की धांधली को सबूत के साथ पकड़ने ही कर्नाटक की बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा की एक विधानसभा सीट पर काम शुरू हुआ, प्रत्येक मतदाता की जानकारी इकट्ठा की गई और यह छह महीने की कवायद के बाद पूरा हुआ, इसका निष्कर्ष निकला कि यहां एक लाख से अधिक वोटों की चोरी पकड़ी गई, समझने वाली बात यह है कि इस लोकसभा की सातों विधानसभा सीटों पर जांच होती तो वोट चोरी का आंकड़ा कितना बड़ा होता ? हार जीत का अंतर केवल 32707 मतों का था। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि ऐसे कितनी सीटों पर चुनाव आयोग तथा भाजपा ने मिलकर गड़बड़ियां की होंगी।
चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसका दायित्व ही पारदर्शी चुनाव कराना,सभी पार्टियों को बराबर के अधिकार देना तथा प्रत्येक सही मतदाता को चुनाव में भागीदारी दिलाना है पर चुनाव आयोग अपनी इन बुनियादी जिम्मेदारियों से परे सरकार की पिट्ठू बनकर काम कर रही है। यह सर्वविदित है कि पूर्व में भारत के इसी चुनाव आयोग की विश्व स्तरीय विश्वसनीयता थी, वह कई राष्ट्रों में चुनावों हेतु आमंत्रित की जाती थी पर 2014 के बाद का चुनाव आयोग बड़ी तेजी से अपनी विश्वसनीयता खोते हुए एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था से खिसककर सरकार की कठपुतली बन गई है। विशेषकर वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त आगरा निवासी ज्ञानेश कुमार गुप्ता और इनसे पहले के मुख्य चुनाव आयुक्त अमरोहा निवासी राजीव कुमार अग्रवाल ने चुनाव आयोग की साख को पूरी तरह से खत्म करने का पाप किया है।
हमारा शुरू से मानना है कि यह चोरी की सरकार है, इसने चुनाव आयोग के खुले सहयोग से वोटों की चोरी कर केंद्र में सरकार बनाई है। राहुल जी वैसे भी आधारहीन बातें नहीं करते और न ही बेबुनियाद आरोप लगाते हैं। अब कांग्रेस सहित सारी विपक्षी पार्टियों का यह दायित्व है कि जनता के सहयोग से इस गंभीर मुद्दे को निर्णायक अंत की ओर लेकर जाएं, फौरी तौर पर राहुल जी के इस तथ्यात्मक खुलासे को सारे देश में प्रसारित कर आम मतदाताओं को जागरूक करें, दूसरा चुनाव आयोग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हेतु सक्रिय हों, ताकि पारदर्शी लोकतंत्र फिर जीवित हो सके और चोरी की नहीं बल्कि पहले की तरह भारत के मतदाताओं की सरकार बने जो उनके प्रति पूरी तरह से जवाबदेह रहे।
परमजीत बॉबी सलूजा,
नया रायपुर , छत्तीसगढ़।