कांग्रेस बोली- पहलगाम-सीजफायर पर मोदी जवाब दें
नई दिल्ली
सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले रविवार को सभी दलों की बैठक हुई। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा- इस सत्र में हम पहलगाम हमले, सीमाओं पर संघर्ष, ट्रम्प का सीजफायर दावा, बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे मुद्दों को उठाएंगे। प्रधानमंत्री सरकार के प्रमुख होते हैं, उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि वे संसद के जरिए इन मुद्दों पर देश को जानकारी दें।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- सदन चलाना सभी की जिम्मेदारी है। सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। साथ ही डोनाल्ड ट्रम्प के ऑपरेशन सिंदूर पर किए दावों पर भी उचित जवाब देगी।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में डेढ़ घंटे से ज्यादा चली मीटिंग में कई वरिष्ठ मंत्री, NDA और विपक्षी दलों के नेता मौजूद रहे। मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा और पास करने का काम किया जाएगा।
संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले शनिवार को I.N.D.I.A. गठबंधन की ऑनलाइन मीटिंग हुई। इसमें 24 दलों के नेता शामिल हुए। इस दौरान संसद में सरकार के खिलाफ एकजुट होकर मुद्दे उठाने की रणनीति बनाई गई।
नेताओं ने तय किया कि संसद में वे एकजुट रहेंगे और सरकार से तीखे सवाल पूछेंगे। नेताओं ने एकमत होकर 8 प्रमुख मुद्दे तय किए हैं। इनमें पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर, डोनाल्ड ट्रंप का सीजफायर करवाने का बयान, बिहार में SIR, विदेश नीति (पाकिस्तान, चीन, गाजा), डिलिमिटेशन का सवाल और दलित, आदिवासी, पिछड़े, महिला व अल्पसंख्यक वर्गों पर हो रहे अत्याचार शामिल हैं।
इसके अलावा विपक्ष अहमदाबाद प्लेन हादसे जैसे अन्य मामलों पर भी सरकार से जवाब मांगेगा। बैठक में नेताओं ने कहा कि वे चाहते हैं संसद सुचारू रूप से चले, लेकिन मोदी सरकार को इन विषयों पर जवाब देना ही होगा।
सरकार की सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए आम सहमति बनाने की कोशिशों के बावजूद बिहार की चुनावी सियासत बड़ी बाधा बन सकती है। सरकार के लिए राहत की बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने SIR पर रोक नहीं लगाई है। अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी। सरकार मामला कोर्ट में विचाराधीन होने की ढाल लेकर सदन में पहुंचेगी।