धरसींवा दुष्कर्म केस में बड़ा मोड़: ब्लैकमेलिंग मामले में कांग्रेसी नेता और पत्रकार जेल भेजे गए पुलिस बोली- 'अभी और होंगी गिरफ्तारियां'
दबाव के आगे नहीं झुकी पुलिस: पुख्ता साक्ष्यों के साथ दो रसूखदार आरोपी सलाखों के पीछे,
फरार साथियों की तलाश में छापेमारी तेज
कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ्तार, कांग्रेस का थाना में जम कर हंगामा
रायपुर

राजधानी रायपुर के धरसींवा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिलयारी चौकी में दर्ज नाबालिग से दुष्कर्म प्रकरण की जांच के दौरान पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में स्थानीय कांग्रेस नेता सूरज सिंह ठाकुर तथा पत्रकार मोहम्मद उस्मान सैफी (सैफी खान) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने मामले की संवेदनशीलता का लाभ उठाते हुए दुष्कर्म के आरोपियों और उनके परिजनों को कानूनी कार्रवाई एवं सामाजिक बदनामी का भय दिखाकर धन उगाही की।
ज्ञात हो कि नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पुलिस पूर्व में ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी है। विवेचना के दौरान पुलिस को ऐसे तथ्य प्राप्त हुए जिनसे संकेत मिला कि प्रकरण का उपयोग कुछ व्यक्तियों द्वारा आर्थिक लाभ अर्जित करने के लिए किया जा रहा था। जांच में पीड़िता के दादा की संलिप्तता भी सामने आई थी, जिन्हें पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की।
दुष्कर्म आरोपियों के परिजनों से ब्लैकमेलिंग: कांग्रेसी नेता और पत्रकार के गठजोड़ का पर्दाफाश
पुलिस जांच के अनुसार आरोपी सूरज सिंह ठाकुर, मोहम्मद उस्मान सैफी तथा उनका एक अन्य सहयोगी लगातार दुष्कर्म आरोपियों के परिजनों के संपर्क में थे। आरोप है कि उन्होंने मामले को सार्वजनिक करने तथा कानूनी कार्रवाई को और गंभीर बनाने की धमकी देकर धन की मांग की। जांच में यह भी सामने आया कि 28 मई 2026 को मोहम्मद उस्मान सैफी अपने साथियों के साथ एक वाहन से आरोपियों के घर पहुंचा था। वहां परिजनों पर दबाव बनाकर उनसे नकद एवं डिजिटल माध्यम से राशि प्राप्त की गई। पुलिस ने दावा किया है कि इस संबंध में पर्याप्त तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के बयान उपलब्ध हैं।
कांग्रेसी नेता की गिरफ्तारी पर थाने में भारी हंगामा, दबाव के बावजूद पुलिस ने जुटाए पुख्ता साक्ष्य
कांग्रेस नेता सूरज सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता धरसींवा थाना पहुंचे और पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने इसे राजनीतिक प्रेरित कार्रवाई बताते हुए नारेबाजी की। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से संचालित की जा रही है तथा किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आरोपियों पर BNS की कड़ी धाराएं दर्ज: कोर्ट ने भेजा जेल, फरार साथी की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली से संबंधित आरोपों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत अपराध दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं मामले में शामिल एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण से जुड़े प्रत्येक पहलू की गहन जांच की जा रही है तथा दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीएसपी व अतिरिक्त पुलिस बल रहे तैनात
गिरफ्तारी की सूचना फैलने के बाद धरसींवा थाना परिसर में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। प्रदर्शन और संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सीएसपी लंबोदर पटेल स्वयं मौके पर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
वर्जन
"नाबालिग से दुष्कर्म मामले की जांच के दौरान ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। उपलब्ध डिजिटल एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है तथा निष्पक्ष जांच की जा रही है।"
राजेंद्र दिवान
थाना प्रभारी
पत्रकार और कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी पर भड़के कांग्रेस, थाने का घेराव
रसूखदारों की इशारे में हुई कार्यवाही---पप्पू राजेन्द्र बंजारे
गिरफ्तारी के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण के अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे तथा अन्य कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धरसींवा थाने का घेराव किया। बंजारे ने आरोप लगाया कि कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की भूमिका पर पहले ही सवाल उठ चुके हैं, तो मामले के सभी पहलुओं की पारदर्शी जांच आवश्यक है।
सिलयारी दुष्कर्म के आरोपियों को बचाने थाने पहुंची कांग्रेस पर भड़के विधायक अनुज शर्मा
,,,कहा-बेटी के दरिंदों और उनके मददगार दलालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा
विधायक अनुज शर्मा ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में किसी भी आरोपी अथवा उसके सहयोगियों के प्रति नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस को निष्पक्ष रूप से कार्रवाई करने दी जानी चाहिए तथा दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिलना चाहिए।