रेत के अवैध खनन पर सख्ती और निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार
छत्तीसगढ़ में रेत संकट को कम करने और खनन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाए हैं। पहले जहां खदानों की संख्या घटने से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे और अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा था, वहीं अब नई नीतियों के जरिए इस स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिला और राज्य स्तर पर टास्क फोर्स सक्रिय है। इसमें खनिज, राजस्व, पुलिस, परिवहन और पर्यावरण विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जो लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रहे हैं। राजनांदगांव और बलरामपुर सहित कई जिलों में अवैध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई भी की गई है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 16 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2025 और गौण खनिज नियम 2015 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इन संशोधनों का उद्देश्य खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाना है।नए नियमों के तहत अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। दोषी पाए जाने पर 25 हजार रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।