कुरा होगा अब ' कुंवरगढ़ ': महोत्सव में मुख्यमंत्री की ऐतिहासिक घोषणा 136 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, तहसील भवन लोकार्पित, हर वर्ष भव्य आयोजन का ऐलान
चंद्रकांत साहू धरसींवा
धरसीवां क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर कुँवरगढ़ (पूर्व नाम कुरा/कुंरा) उस समय उल्लास और जयघोष से गूंज उठी, जब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कुँवरगढ़ महोत्सव के मंच से नगर पंचायत ‘कुरा’ का नाम बदलकर ‘कुंवरगढ़’ करने की ऐतिहासिक घोषणा की। इस निर्णय ने क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए उनकी सांस्कृतिक पहचान को नया आयाम दिया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए 136 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। साथ ही धरसींवा में 73 लाख रुपये की लागत से बने नवीन तहसील भवन का लोकार्पण भी किया गया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब कुँवरगढ़ महोत्सव प्रत्येक वर्ष शासकीय स्तर पर और अधिक भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा।
कुँवरगढ़ इतिहास विशेषांक पुस्तक का विमोचन
महोत्सव का प्रमुख आकर्षण पत्रकार हेमन्त वर्मा द्वारा लिखित शोधपरक कृति ‘इतिहास कुँवरगढ़ विशेषांक’ का विमोचन रहा। मुख्यमंत्री ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कृतियां नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में सहायक होती हैं। विधायक अनुज शर्मा ने भी इस पहल की प्रशंसा की और इसे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया।
विरासत और विकास का संगम- विष्णु देव साय
अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कुँवरगढ़ की भूमि शौर्य, परंपरा और आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “आज इस नगर को उसके मूल नाम ‘कुंवरगढ़’ से पहचान दिलाना हमारे लिए गौरव का विषय है। हमारी सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने कहा कि 136 करोड़ रुपये की विकास योजनाएं क्षेत्र की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करेंगी, जिसमें सड़क, पेयजल और सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार शामिल है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आज का दिन कुँवरगढ़ के लिए स्वर्णिम- अनुज शर्मा
क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह दिन कुँवरगढ़ के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि यह क्षेत्रवासियों के आत्मसम्मान और पहचान की पुनर्स्थापना है।
उन्होंने कहा कि कुँवरगढ़ की ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने के साथ अब विकास का नया दौर शुरू होगा, जिसमें जनभागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कुँवरगढ़ महोत्सव में सुनील सोनी आरू साहू की सुरमयी संध्या
महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में सुप्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गायक सुनील सोनी ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उनके गीतों पर युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सभी झूम उठे। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में लोकगीतों और लोकप्रिय धुनों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
रंगारंग आतिशबाजी और भव्य आयोजन ने महोत्सव को और भी आकर्षक बना दिया, जिससे यह आयोजन लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में अंकित रहेगा।
कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, जिला भाजपा अध्यक्ष श्याम नारंग, जिला कलेक्टर गौरव सिंह, पुलिस अधीक्षक स्वेता सिन्हा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
कुँवरगढ़ महोत्सव ने इस बार न केवल सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दी, बल्कि विकास और जनभावनाओं के संगम का भी सशक्त संदेश दिया।