राजधानी

मेडिकल कॉलेज मान्यता घोटाले में 6 आरोपियों की आज स्पेशल कोर्ट में पेशी

रायपुर

रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (SRIMSR), नवा रायपुर से जुड़े मेडिकल कॉलेज घूसखोरी (bribery) मामले में आज CBI की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई होगी। इस मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 6 आरोपियों को रायपुर की कोर्ट में पेश किया जाएगा।

बता दें कि सीबीआई की जांच व्यापक पैमाने पर मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई मेडिकल कॉलेजों में मान्यता के नाम बड़ा घोटाला हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों में डॉ. मंजप्पा सीएन, डॉ. चैत्रा एमएस, डॉ. अशोक शेलके, अतुल कुमार तिवारी, सथीशा ए और रविचंद्र के. शामिल हैं।

CBI को पुख्ता जानकारी मिली थी कि स्वास्थ्य मंत्रालय और NMC के कुछ अधिकारी, प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के साथ मिलकर गड़बड़ी कर रहे हैं। इन लोगों ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मेडिकल कॉलेजों को फर्जी तरीके से मान्यता दिलाने में मदद की। साथ ही अपने फेवर में अच्छी रिपोर्ट बनाने के एवज में निजी मेडिकल कॉलेजों से घूस ली।

इस मामले में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली और NMC के कुछ अधिकारी, निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार में शामिल है। आरोप है कि मंत्रालय के अधिकारियों ने कॉन्फिडेंशियल डॉक्यूमेंट और संवेदनशील जानकारी को लीक किया और प्राइवेट कॉलेजों के निरीक्षण प्रक्रिया में हेरफेर की।

CBI की FIR में बताया गया है कि डॉ. जीतू लाल मीणा, जो कि नेशनल हेल्थ अथॉरिटी में जॉइंट डायरेक्टर हैं, उन्हें डॉ. वीरेंद्र कुमार ने भारी रिश्वत पहुंचाई। इस पैसे से राजस्थान के सवाई माधोपुर में एक हनुमान मंदिर बनवाया, जिसकी कीमत 75 लाख बताई जा रही है। यह पैसा हवाला के जरिए ठेकेदार भीकालाल को दिया गया।

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