देश दुनिया
प्रधानमंत्री कार्यालय की नई इमारत 'सेवा तीर्थ' का उद्घाटन:
नई दिल्ली
प्रधानमंत्री कार्यालय का पता आज से बदल गया है। नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नए पीएम ऑफिस सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1 व 2 का उद्घाटन किया। पीएम ऑफिस अब तक साउथ ब्लॉक में था।
पीएम मोदी ने कहा कि नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक की इमारतें ब्रिटिश शासन की हुकूमत की प्रतीक थीं। ये भवन ब्रिटेन के महाराज की सोच को गुलाम भारत की जमीन पर उतारने का माध्यम था। हमें गुलामी की इस मानसिकता से बाहर निकलना जरूरी था।
पीएम ने कहा- दिल्ली की इमारतों में ऐतिहासिक स्थलों पर गुलामी के चिन्ह भरे पड़े हैं। आजाद भारत में जो सैनिक शहीद हुए, यहां उनके लिए कोई स्मारक नहीं था। 2014 में देश ने तय किया कि गुलामी की मानसिकता और नहीं चलेगी। हमारे इन फैसलों के पीछे हमारी सेवा भावना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए PMO कॉम्प्लेक्स ‘सेवा तीर्थ’ में महिलाओं, युवाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े अहम फैसलों की फाइलों पर साइन किए। सरकार के अनुसार, इन फैसलों का उद्देश्य इन वर्गों को सीधा लाभ पहुंचाना है।
प्रधानमंत्री ने PM राहत योजना से जुड़ी फाइलों पर भी साइन किए। इस पहल के तहत, एक्सीडेंड पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस ट्रीटमेंट मिलेगा, जिससे उनके इलाज में देरी न हो। साथ ही लखपति दीदी योजना का लक्ष्य दोगुना कर 3 करोड़ से छह करोड़ करने का निर्णय लिया गया।
प्रधानमंत्री ने कृषि अवसंरचना कोष के आवंटन को 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री ने 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी दी है।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक ऐसा 'Heart-wrenching' मामला सामने आया है
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक ऐसा 'Heart-wrenching' मामला सामने आया है, जिसने रसूखदार परिवारों के बंद दरवाजों के पीछे छिपे Domestic Violence के खौफनाक चेहरे को बेनकाब कर दिया है। एक प्रतिष्ठित टिम्बर व्यापारी की बेटी, शेफाली अग्रवाल, ने अपने ससुराल पक्ष पर हैवानियत की सारी हदें पार करने का संगीन आरोप लगाया है। यह केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि एक महिला की गरिमा और उसके अजन्मे बच्चे के 'Human Rights' के कत्ल की कोशिश है।
'Torture Cell' बनी ससुराल: विरोध पर मिलती थी 'बर्बरता'
शेफाली अग्रवाल के मुताबिक, शादी के कुछ समय बाद ही उनका घर एक 'नरक' में तब्दील हो गया। पीड़िता का दावा है कि उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित (Severe Physical & Mental Abuse) किया गया। जब भी शेफाली ने अपने स्वाभिमान के लिए आवाज उठाई, उसके ससुराल वालों ने 'Brutality' के साथ उसका गला घोंटने की कोशिश की। आरोप है कि दहेज और रसूख के नशे में चूर ससुराल पक्ष ने उसे हर पल नीचा दिखाने और उसे एक 'Living Object' की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश की।
गर्भवती शरीर पर प्रहार: हैवानियत की 'Extremity'
इस मामले का सबसे 'Grievous' और संवेदनशील पहलू वह है जहाँ शेफाली ने आरोप लगाया कि उसके Pregnant होने के बावजूद उस पर दया नहीं दिखाई गई। पीड़िता के अनुसार, उसके पेट पर जानबूझकर लात-घूंसे (Kicking on the Womb) मारे गए। इस जघन्य हमले का नतीजा यह हुआ कि उसे Forced Miscarriage (गर्भपात) का दर्द झेलना पड़ा। एक मां के लिए अपने बच्चे को खोने से बड़ा 'Trauma' कुछ नहीं हो सकता, और आरोप है कि यह नुकसान उसे उसके अपने ही 'अपनों' ने दिया है।
रसूख बनाम कानून: क्या निष्पक्ष होगी 'Investigation'?
शेफाली का कहना है कि उसने कई बार मदद की गुहार लगाई, लेकिन ससुराल पक्ष के 'Political and Financial Influences' (राजनीतिक और आर्थिक रसूख) के कारण उसकी आवाज को दबा दिया गया। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या हापुड़ पुलिस और प्रशासन इन आरोपों की निष्पक्ष जांच (Unbiased Probe) कर पाएगा? क्या रसूखदार लोगों के खिलाफ IPC/BNS और POCSO/Domestic Violence Act की धाराओं का सही इस्तेमाल होगा, या 'Power' के दबाव में न्याय की फाइलें धीमी पड़ जाएंगी?
सिस्टम के लिए 'Litmus Test'
यह केस केवल शेफाली की लड़ाई नहीं है, बल्कि हमारे 'Legal System' के लिए एक चुनौती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसे मामलों में सख्त 'Legal Action' नहीं होता, तो समाज में गलत संदेश (Wrong Precedent) जाता है।
क्या एक बेटी को इंसाफ (Justice) मिलेगा?
क्या गर्भपात कराने के जिम्मेदार लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा?
क्या प्रशासन 'Victim Safety' सुनिश्चित कर पाएगा?
फिलहाल, पूरा हापुड़ इस 'High-Profile' मामले पर नजरें गड़ाए बैठा है। न्याय की इस लड़ाई में अब गेंद प्रशासन के पाले में है, जहाँ सच और रसूख के बीच की जंग छिड़ी हुई है।
त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आगमन कक्ष में जिला होटल व्यवसायी संघ, काठमांडू द्वारा यात्री सहायता कक्ष संचालन
काठमांडू

बांग्लादेश में हिंदू परिवार के 5 घरों में आग लगाई
ढाका
बांग्लादेश में हिंदू परिवारों के कम से कम पांच घरों में आग लगाने की घटना सामने आई है। यह घटना शनिवार, 27 दिसंबर को पिरोजपुर जिले के दम्रिताला गांव की बताई जा रही है।
परिवार के सदस्यों के मुताबिक आग लगने के वक्त वे घर के अंदर फंसे हुए थे क्योंकि दरवाजे बाहर से बंद थे। कुल आठ लोग टिन और बांस की बाड़ काटकर बाहर निकलने में कामयाब रहे। लेकिन उनके घर, सामान और पालतू जानवर पूरी तरह जलकर राख हो गए।
स्थानीय पुलिस ने पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक आग लगने की सटीक वजहों का पता नहीं चल पाया। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हमलावरों ने एक कमरे में कपड़े भरकर आग लगा दी, जिससे आग तेजी से पूरे घर में फैल गई।
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ ईशनिंदा यानी धर्म का अपमान करने के आरोपों से जुड़े मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जून से दिसंबर 2025 के बीच ऐसे कम से कम 71 मामले दर्ज किए गए हैं।
यह जानकारी बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों पर काम करने वाले संगठन 'ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज' (HRCBM) की रिपोर्ट में सामने आई है।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि हमले के लिए हर बार एक ही तरह का तरीका अपनाया जा रहा है।
पहले सोशल मीडिया पर आरोप, फिर तुरंत गिरफ्तारी, उसके बाद भीड़ का इकट्ठा होना और हिंदू इलाकों पर हमला। अब ईशनिंदा के आरोप डर फैलाने और अल्पसंख्यकों को दबाने का हथियार बनते जा रहे हैं।
HRCBM का कहना है कि ये घटनाएं देश के 30 से ज्यादा जिलों में फैली हुई हैं। रंगपुर, चांदपुर, चटगांव, दिनाजपुर, खुलना, कुमिल्ला, गाजीपुर, टांगाइल और सिलहट जैसे कई इलाकों में ऐसे मामले सामने आए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इतनी बड़ी संख्या में एक जैसे मामले होना यह दिखाता है कि यह सिर्फ इक्का-दुक्का घटनाएं नहीं हैं, बल्कि अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का एक चलन बनता जा रहा है।
बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारत में वीजा सर्विस रोकी:
बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारत में वीजा सर्विस रोकी:सुरक्षा का हवाला दिया; कहा- हादी हत्याकांड के आरोपी के भारत भागने की
जानकारी नहीं
बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारत में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने सभी वीजा और काउंसलर सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह रोक अगले आदेश तक लागू रहेगी। इससे पहले अगरतला में बांग्लादेश कॉन्सुलेट भी वीजा सर्विस पर रोक लगा चुका है। यह फैसला शनिवार को हाई कमीशन के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद लिया गया।
दूसरी तरफ बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने भी यह साफ किया कि इस बात की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के आरोपी ने भारत में शरण ली है।
गृह मंत्रालय के IG रफीकुल इस्लाम ने बताया कि मुख्य आरोपी फैसल करीम मसूद के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हादी की मौत के बाद आरोपी के भारत में शरण लेने का दावा किया जा रहा था।
बंगाल SIR- वोटर लिस्ट से 58 लाख+ नाम हटे
बंगाल SIR- वोटर लिस्ट से 58 लाख+ नाम हटे:ममता की भवानीपुर सीट में 44 हजार नाम डिलीट; साउथ 24 परगना जिले से 8
लाख नाम कटे
चुनाव आयोग (EC) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के पहले फेज के बाद निर्वाचन क्षेत्रवार आंकड़े जारी किए। इसके मुताबिक, राज्य में 58 लाख से ज्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए हैं।
सीएम ममता बनर्जी के भवानीपुर सीट से 44,787 वोटरों के नाम हटाए गए हैं। यहां जनवरी 2025 की लिस्ट में 1,61,509 वोटर्स थे। भाजपा के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी की नंदीग्राम सीट से 10,599 नाम हटाए गए। यहां SIR से पहले 2,78,212 वोटर थे।
जिलावार आंकड़ों में साउथ 24 परगना सबसे ऊपर रहा, जहां 8 लाख 16 हजार से ज्यादा वोटरों के नाम हटाए गए है। यह इलाका TMC सांसद अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है। उन्होंने डायमंड हार्बर सीट से पिछले लोकसभा चुनाव में सात लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
दूसरी तरफ, बंगाल भाजपा के को-इंचार्ज अमित मालवीय ने दावा किया है कि CM ममता बनर्जी ने 11 दिसंबर को पहले फेज के आखिरी दिन अपना SIR फॉर्म भर दिया है। मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा- ममता ने कुछ ही घंटे पहले एक रैली से झूठा दावा किया था कि वे फॉर्म जमा नहीं करेंगी।
झारखंड की छात्रा की जिंदल हॉस्टल में मिली लाश
झारखंड की छात्रा की जिंदल हॉस्टल में मिली लाश:B-Tech स्टूडेंट ने सुसाइड नोट में लिखा-सॉरी मम्मी-पापा, बस्तर में भी स्कूली
छात्रा ने लगाई फांसी
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ और बस्तर जिले में 2 छात्राओं ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। रायगढ़ के जिंदल यूनिवर्सिटी में बी-टेक सेकेंड ईयर की छात्रा ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगा ली। छात्रा ने सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें सॉरी मम्मी पापा लिखा है। मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है।
वहीं बस्तर जिले में शनिवार को 12वीं की एक छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि अर्धवार्षिक परीक्षा में कुछ विषय के एग्जाम ठीक नहीं गए थे, इसलिए छात्रा टेंशन में थी। मानसिक तनाव में आकर सुसाइड कर लिया। मामला परपा थाना क्षेत्र का है।
लॉरेंस-बिश्नोई गैंग के मेंबर हो,बोलकर रिटायर्ड-जवान से ठगी
लॉरेंस-बिश्नोई गैंग के मेंबर हो...बोलकर रिटायर्ड-जवान से ठगी
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में CRPF के रिटायर्ड जवान से 6 लाख 30 हजार रुपए की ठगी हुई है। साइबर ठगों ने मुंबई क्राइम ब्रांच के अफसर बनकर जवान को धमकाया। साइबर ठगों ने कहा कि तुम्हारे बैंक अकाउंट का गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के लेन-देन में इस्तेमाल किया गया है।
साइबर ठगों ने कहा कि तुम्हारे पैन कार्ड और आधार कार्ड से कनाडा में खाता खुला है। रिटायर्ड जवान को ठगों ने झांसे में लेकर जमकर धमकाया और रकम वसूल लिए। पीड़ित रिटायर्ड जवान की शिकायत पर सकरी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम अब सेवा तीर्थ:
नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नाम बदलकर सेवा तीर्थ कर दिया है। देश भर के राज्य भवन का नाम अब लोक भवन होगा। इसके अलावा केंद्रीय सचिवालय को कर्तव्य भवन के नाम से जाना जाएगा।
सरकार के सूत्रों के हवाले से मंगलवार को यह जानकारी दी। PMO के अफसरों ने कहा, 'सार्वजनिक संस्थानों में बड़ा बदलाव हो रहा है। सत्ता से सेवा की ओर बढ़ रहे हैं। ये बदलाव प्रशासनिक नहीं, सांस्कृतिक है।'
इससे पहले केंद्र सरकार ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया था। पीएम का आधिकारिक निवास भी रेस कोर्स रोड कहलाता था, जिसे 2016 में बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दफ्तर (PMO) अब 78 साल पुराने साउथ ब्लॉक से निकलकर 'सेवा तीर्थ' नाम वाले नए एडवांस कैंपस में शिफ्ट होने जा रहा है। यह बदलाव सेंट्रल विस्टा री डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का बड़ा हिस्सा है। 14 अक्टूबर को कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन सेवा तीर्थ-2 में सेना प्रमुखों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर चुके हैं।
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक कई इमारतों का री डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन शामिल है। इसमें नया संसद भवन, मंत्रालय के कार्यालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय, प्रधानमंत्री आवास, उप-राष्ट्रपति आवास का निर्माण किया जाना है।
सितंबर में बताया गया था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय का पता रायसीना हिल्स, नॉर्थ ब्लॉक से जल्द ही बदलने वाला है। इसे जनपथ में बनी कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) बिल्डिंग में शिफ्ट किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
सेंट्रल विस्टा री डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत सभी मंत्रालयों के लिए कर्तव्य पथ पर 10 ऑफिस बिल्डिंग और एक कन्वेंशन सेंटर समेत CCS बनना है। इनमें से तीन बिल्डिंग लगभग बन चुकी हैं। सभी ऑफिस शिफ्ट होने के बाद दोनों ब्लॉकों को 'युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय'में बदल दिया जाएगा।
हिंदी फिल्म जगत के सबसे बड़े कलाकार धर्मेंद्र जी अब हमारे बीच नहीं रहे एक युग का हुआ अंत इधर 'इक्कीस' से एक्टर का वॉइस नोट वायरल, उधर पंचतत्व में विलीन हुआ ही-मैन धर्मेन्द्र जी
हिंदी फिल्म जगत के सबसे बड़े कलाकार धर्मेंद्र जी अब हमारे बीच नहीं रहे
धर्मेंद्र सिंह देओल का 89 साल की उम्र में निधन, अमिताभ, हेमा समेत पूरा परिवार पहुंचा विले पार्ले श्मशान
बॉलीवुड के 'ही-मैन' वेटरन एक्टर धर्मेंद्र ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। 24 नवंबर को 89 साल के धर्मेंद्र ने आखिरी सांस ली और इसी के साथ पूरा बॉलीवुड और समूचा देश उनके लिए जैसे रो पड़ा है। पिछले कई दिनों से जिंदगी की जंग लड़ते हुए धर्मेंद्र ने आज हार मान ली। हेमा मालिनी से लेकर ईशा देओल तक विले पार्ले पवनहंस, श्मशान घाट पर नजर आईं।
बॉलीवुड के 'ही-मैन' धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे। सोमवार, 24 नवंबर को वह इस दुनिया को विदा कह गए। 89 साल की उम्र में धर्मेंद्र ने अपने जुहू स्थित घर पर ही अंतिम सांस ली है। लंबे समय से उनकी तबीयत नाजुक थी। उन्होंने 12 नवंबर को ही ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल से परिवार के कहने पर डिस्चार्ज किया गया था। इसके बाद से घर पर ही उनका इलाज चल रहा था। धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार विले पार्ले स्थित पवन हंस श्मशान भूमि में किया गया है। इस दौरान पूरा देओल परिवार और कई सिनेमाई दिग्गज नजर आए। हेमा मालिनी, ईशा देओल, सनी देओल, बॉबी देओल से लेकर अमिताभ बच्चन भी इस दौरान आंखों में आंसू समेटे मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र को मुखाग्नि उनके बड़े बेटे सनी देओल ने दी है।
धर्मेंद्र का जाना, हिंदी सिनेमा के एक युग के अंत जैसा है। यह दुखद और आंख नम कर देने वाला ही है कि सोमवार को ही उनकी अगली फिल्म 'इक्कीस' का मोशन पोस्टर रिलीज हुआ है। पिछले करीब एक महीने से धर्मेंद्र को सांस लेने सम्बंधी समस्या हो रही थी,जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहां हालत नाजुक होने के बाद उन्हें आई.सी.यू .में भर्ती किया गया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बाद भी धर्मेंद्र उम्र और बीमारी के आगे जिंदगी की जंग हार गए। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री को एक गहरा धक्का लगा है।
हेमा मालिनी और ईशा देओल पहुंचीं हेमा मालिनी, ईशा देओल और परिवार के तमाम सदस्यों के अलावा एक्टर के सभी करीबी और अपने पवनहंस श्मशान घाट पर नजर आ रहे हैं। अमिताभ बच्चन भी अपने जिगरी यार को आखिरी विदाई देने के लिए विले पार्ले पवनहंस पहुंचे। दुखद ये है कि एक्टर ने अपना 90वां जन्मदिन मनाने से ठीक 14 दिन पहले उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है।
धर्मेंद्र की आखिरी विदाई पर उनके परिवार के सभी लोग एकसाथ जमा हैं। वहीं उनके लिए पूरा बॉलीवुड उमड़ पड़ा है। अमिताभ बच्चन के अलावा अभिषेक बच्चन, अनिल कपूर, आमिर खान, सलमान खान, सलीम खान जैसी तमाम हस्तियां विले पार्ले क्रियेशन ग्राउंड पहुंचीं।
सांस लेने की तकलीफ के बाद कराया गया था हॉस्पिटलाइज
ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किए जाने से पहले खबर थी कि धर्मेंद्र दो दिनों तक वैंटिलेटर पर थे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ के बाद 10 नवंबर को हॉस्पिटलाइज कराया गया था। बता दें कि पिछली बार उन्हें 31 अक्टूबर को मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। हालांकि एक तरफ जहां खबर आई थी कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ की वजह से एडमिट किया गया था। वहीं उनके करीबी सूत्रों ने बताया था कि उन्हें नॉर्मल रूटीन चेकअप के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
8 दिसंबर को अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले थे एक्टर
बता दें कि जल्द ही एक्टर
8 दिसंबर को अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले थे और ये बर्थडे सेलिब्रेशन अधूरा ही रह गया। धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को ब्रिटिश भारत के पंजाब के लुधियाना जिले के एक गांव नसराली में हुआ था। उनका असली नाम 'केवल कृष्ण देओल' है जिन्हें फिल्मी दुनिया में धर्मेंद्र के नाम से जाना जाता रहा है। उनका जन्म एक पंजाबी जाट परिवार केवल कृष्ण और सतवंत कौर के घर में हुआ था। धर्मेंद्र का पैतृक गांव लुधियाना के पखोवाल तहसील रायकोट के पास डांगों है।
साहनेवाल गांव में बिताया बचपन, पिता थे उसी स्कूल के प्रिंसिपल एक्टर ने अपनी शुरुआती जीवन साहनेवाल गांव में बिताया और लुधियाना के लालतेन कलां में सरकारी सीनियर मिडल स्कूल में पढ़ाई की। वहीं उनके पिता गांव के स्कूल के प्रिंसिपल थे।
19 साल के धर्मेंद्र ने की थी प्रकाश कौर से शादी
प्रकाश कौर से हुई थी। इस शादी से उनके दो बेटे, सनी देओल और बॉबी देओल और दो बेटियां, विजेता और अजीता हैं।
धर्मेंद्र की लाइफ में हेमा मालिनी आईं फिल्मों में एंट्री के बाद धर्मेंद्र की लाइफ में हेमा मालिनी आईं और उन्होंने उनसे शादी की। उस समय इस शादी को लेकर काफी विवाद भी हुई। इस शादी को लेकर खबर आई कि धर्मेंद्र और हेमा मालिनी ने इसके लिए इस्लाम धर्म अपनाया। हालांकि, एक राजनीतिक अभियान के दौरान जब ये अफवाहें जोरों पर फैलने लगीं तो धर्मेंद्र ने दावा किया कि वह हिंदू बने रहे और उनका परिवार आर्य समाजी है। उन्होंने और हेमा मालिनी ने 1970 के दशक में 'शोले' सहित कई फिल्मों में साथ काम किया। हेमा मालिनी से उन्हें दो बेटियां हैं, ईशा देओल और अहाना देओल।
"दिल भी तेरा हम भी तेरे " से धर्मेंद्र का डेब्यू बता दें कि सुपरस्टार धर्मेंद्र ने 1960 में "दिल भी तेरा हम भी तेरे " से डेब्यू किया था। उन्होंने पहली बार 1960 के दशक के बीच 'आई मिलन की बेला' , 'फूल और पत्थर' और 'आए दिन बहार के' जैसी फिल्मों के लिए लोकप्रियता हासिल की।हिंदी फिल्मों में उनकी कई ऑन-स्क्रीन भूमिकाओं के लिए उन्हें भारत का 'ही-मैन' करार दिया गया। हालांकि, उन्हें दर्शकों के बीच पहचान मिली थी साल 1966 में आई फिल्म'फूल और पत्थर' से। इस रोमांटिक ड्रामा फिल्म में धर्मेन्द्र मीना कुमारी के साथ नजर आए थे। धर्मेंद्र ने अपने करियर में कई शानदार और यादगार फिल्में कीं जिसमें 'आया सावन झूम के', 'जीवन मृत्यु', 'मेरा गांव मेरा देश', 'सीता और गीता', 'राजा जानी', 'यादों की बारात', 'शोले', 'प्रतिज्ञा', 'चरस', 'धरम वीर', 'गुलामी', 'हुकूमत', 'आंखें' , 'शिकार', 'बंदिनी' , 'हकीकत' , 'अनुपमा' ,' ममता' , 'मझली दीदी' , 'सत्यकाम' , 'नया जमाना' , 'समाधि' , 'रेशम की डोरी' , 'चुपके चुपके', 'दिल्लगी' , 'द बर्निंग ट्रेन' , 'दो दिशाएं' जैसी फिल्में शामिल हैं।
धर्मेन्द्र ने 300 से अधिक फिल्मों में किया काम
धर्मेंद्र को भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे हैंडसम और सफल फिल्म स्टार्स में से एक माना जाता है। उन्हें बॉलीवुड का 'ही-मैन' नाम भी दिया गया है। करीब 6 दशकों से अधिक के सिनेमाई करियर के साथ उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है। धर्मेंद्र के नाम हिंदी सिनेमा में सबसे ज्यादा हिट फिल्मों में अभिनय करने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 1987 में एक ही वर्ष में सात लगातार हिट और नौ सफल फिल्में दीं।
हाल के समय में भी की कई फिल्में 1990 के दशक के अंत में, वह कई सफल फिल्मों में कैरक्टर रोल में दिखाई दिए , जैसे 'प्यार किया तो डरना क्या' , 'लाइफ इन ए... मेट्रो' , 'अपने' , 'जॉनी गद्दार' , 'यमला पगला दीवाना' , 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' और 'तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया' जैसी फिल्में शामिल हैं। धर्मेंद्र अब शरीर से भले हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनकी फिल्में, उनके किस्से, उनकी यादें हमेशा-हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगी।अर्चना सिंह
लेखक के बारे मेंअर्चना सिंह
अर्चना सिंह, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में असिस्टेंट एडिटर हैं। वह एंटरनेटमेंट टीम के साथ जुड़ी हुई हैं। उनका पत्रकारिता में 18 साल का अनुभव है।
नहीं रहे धर्मेंद्र, इधर 'इक्कीस' से एक्टर का वॉइस नोट वायरल, उधर पंचतत्व में विलीन हुआ ही-मैन
नहीं रहे धर्मेंद्र, इधर 'इक्कीस' से एक्टर का वॉइस नोट वायरल, उधर पंचतत्व में विलीन हुआ ही-मैन
आदेश श्रीवास्तव के बेटे का एक्सीडेंट, पिता के नाम पर बने चौक से टकराई रेंज रोवर, टूटा इंस्टॉलेशन: रिपोर्ट
आदेश श्रीवास्तव के बेटे का एक्सीडेंट, पिता के नाम पर बने चौक से टकराई रेंज रोवर, टूटा इंस्टॉलेशन: रिपोर्ट
श्रद्धा कपूर ने दी खुशखबरी बॉयफ्रेंड राहुल मोदी की फिल्म में करेंगी काम, शहीद विजय सालस्कर पर बनाएंगी मूवी
श्रद्धा कपूर ने दी खुशखबरी! बॉयफ्रेंड राहुल मोदी की फिल्म में करेंगी काम, शहीद विजय सालस्कर पर बनाएंगी मूवी
अमल मलिक की बहन अदा ने फिर लूट ली सारी लाइमलाइट, पापा अनु मलिक के साथ देख लोग बोले- ये कितनी अटेंशन सीकर हैं
अमल मलिक की बहन अदा ने फिर लूट ली सारी लाइमलाइट, पापा अनु मलिक के साथ देख लोग बोले- ये कितनी अटेंशन सीकर हैं
शेफाली शाह बोलीं- अक्षय कुमार की मां बनकर मैंने अपनी ही कब्र खोद ली..., पति ने भी दी थी नसीहत शेफाली शाह बोलीं- अक्षय कुमार की मां बनकर मैंने अपनी ही कब्र खोद ली..., पति ने भी दी थी नसीहत
श्रद्धा कपूर ने बताया अब कैसी है उनकी तबीयत, कहा- टर्मिनेटर बनकर घूम रही हूं...!, 'ईथा' की शूटिंग में लगी थी चोट
श्रद्धा कपूर ने बताया अब कैसी है उनकी तबीयत, कहा- टर्मिनेटर बनकर घूम रही हूं...!, 'ईथा' की शूटिंग में लगी थी चोट
धर्मेंद्र की पहली शादी फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले 1954 में 19 साल की उम्र में
एक्टर धर्मेंद्र अस्पताल से डिस्चार्ज
एक्टर धर्मेंद्र को बुधवार सुबह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। उनके परिवार ने फैसला किया है कि अब उनका इलाज घर पर ही किया जाएगा। यह जानकारी उनके डॉक्टर ने दी।
धर्मेंद्र पिछले कई हफ्तों से कभी अस्पताल में भर्ती हो रहे थे, तो कभी घर लौट रहे थे। उन्हें सुबह करीब 7:30 बजे अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।
वहीं, धर्मेंद्र के डिस्चार्ज होने के बाद परिवार ने प्राइवेसी की अपील करते हुए आधिकारिक बयान में कहा,
धर्मेंद्र जी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और अब वे घर पर आराम करेंगे। हम मीडिया और लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे किसी तरह की अफवाह न फैलाएं और इस समय उनकी तथा परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करें। हम सभी का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने धर्मेंद्र जी की अच्छी हेल्थ और लंबी उम्र के लिए दुआ की। कृपया उनका सम्मान करें क्योंकि वे आप सभी से बहुत प्यार करते हैं।
धर्मेंद्र के डिस्चार्ज होने के बाद जुहू में उनके घर वाली गली पुलिस ने बंद कर दी है, ताकि भीड़ जमा न हो सके।
दिल्ली ब्लास्ट को सरकार ने आतंकी घटना माना
नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने दिल्ली कार ब्लास्ट को आतंकी हमला माना है। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लाल किला के पास हुए टेरर अटैक पर प्रस्ताव पारित किया गया।
इधर पुलिस ने आशंका जताई थी कि दिल्ली धमाके में शामिल आतंकियों के पास एक नहीं, बल्कि दो कारें थीं। लाल रंग की इस फोर्ड इकोस्पोर्ट कार का नंबर DL10-CK-0458 है। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को इसकी तलाश के लिए दिल्ली के साथ पड़ोसी राज्यों यूपी और हरियाणा में अलर्ट जारी किया गया था।
अलर्ट जारी होने के बाद बुधवार शाम को ही कार को हरियाणा के खंदावली गांव के पास से बरामद किया गया। यह कार डॉ. उमर उन नबी के नाम पर रजिस्टर्ड है। FSL और NSG की टीम ने कार की जांच की है। स्थानीय लोगों ने कहा- कार मंगलवार से यहां पर थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार दोपहर भूटान से लौटे। वे एयरपोर्ट से सीधे LNJP अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट के घायलों के इलाज का जायजा लिया और डॉक्टरों से भी बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि साजिश को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने वाले आतंकियों ने देशभर में 200 बम (IEDs) से 26/11 जैसे हमले करने की साजिश रची थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली के लाल किला, इंडिया गेट, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब और गौरी शंकर मंदिर जैसी जगह धमाके किए जाने थे।
आतंकियों के टारगेट पर गुरुग्राम और फरीदाबाद के साथ देशभर के रेलवे स्टेशनों और बड़े मॉल्स भी थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि वे धार्मिक स्थलों पर हमला कर देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने कश्मीर के पुलवामा, शोपियां और अनंतनाग के डॉक्टरों को चुना, ताकि वे बिना रोकटोक कहीं भी जा सकें।
संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक
नई दिल्ली
संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा। 19 दिन में पूरे सत्र के दौरान 15 बैठकें होंगी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। रिजिजू ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इससे पहले 21 जुलाई से 21 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र चला था। सत्र के पहले दिन राज्यसभा के तत्कालीन उपसभापति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया। फिर पूरा सत्र बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन
को लेकर विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया था। मानसून सत्र में कुल 21 बैठकें हुईं।
लोकसभा में 120 घंटे चर्चा का समय निर्धारित था, लेकिन सिर्फ 37 घंटे कार्यवाही चली। राज्यसभा में सिर्फ 41 घंटे चर्चा हुई। लोकसभा-राज्यसभा में कुल 27 बिल पास हुए। गिरफ्तार PM-CM को हटाने वाला संविधान संशोधन बिल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। इसे जेपीसी के पास भेजने का प्रस्ताव पारित हुआ।
संसद के शीतकालीन सत्र में I.N.D.I.A. ब्लॉक मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग ला सकता है। 18 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर I.N.D.I.A. ब्लॉक की बैठक हुई थी।
बैठक के बाद कांग्रेस, TMC, सपा, DMK, राजद समेत 8 विपक्षी दलों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा- संसद के मौजूदा सत्र (मानसून सत्र) में 3 दिन बाकी हैं। महाभियोग लाने के लिए 14 दिन पहले नोटिस देना जरूरी है। CEC के रवैये को देखते हुए हम अगले सत्र (शीतकालीन सत्र) में नोटिस देंगे।
लालकृष्ण आडवाणी से मिले पीएम मोदी, जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को भाजपा के सीनियर लीडर और भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी से मिलने उनके निवास पहुंचे। पीएम ने आडवानी को उनके 98वें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। पीएम ने कहा कि आडवाणी जी का जीवन भारत के लोकतंत्र और जनसेवा की निरंतर प्रेरणा है।
जम्मू-कश्मीर में चलती ट्रेन से टकराई चील:
अनंतनाग
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग शनिवार सुबह एक चील चलती ट्रेन की विंडस्क्रीन से टकरा गई। इससे विंडस्क्रीन टूट गई। कांच के टूटने से चील ट्रेन में लोकोमोटिव पायलट के केबिन में जा गिरा।
घटना बारामूला-बनिहाल एक्सप्रेस में बिजबेहरा और अनंतनाग रेलवे स्टेशन के बीच हुई। विंडस्क्रीन टूटने से पायलट के चेहरे पर मामूली चोटें आईं। हालांकि, टक्कर के बाद पक्षी पायलट के केबिन में बैठ गया।
ट्रेन को अनंतनाग स्टेशन पर रोका गया। इसके बाद चील को बाहर निकाला गया। बाद में घायल पायल का इलाज किया गया। हालांकि इससे ट्रेन ऑपरेशन नहीं रुका। जांच के बाद ट्रेन रवाना कर दी गई।
राजनाथ बोले- बिहार में अब कट्टा नहीं, तोप बनेगा:
पटना
कैमूर में शनिवार को आयोजित NDA की जनसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और RLSP प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले चरण के मतदान ने साफ कर दिया है कि 14 तारीख के बाद एनडीए दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी।
उन्होंने कहा कि लालू यादव के समय में लोग कहते थे– 'आव ना बिहार में, कट्टा ठोक देब कपार में', लेकिन आज नीतीश कुमार के राज में कहा जाता है– 'आईं ना एनडीए के विकसित बिहार में।' राजनाथ सिंह ने कहा कि अब कट्टा और लालटेन का युग चला गया, अब विकास और रोजगार का युग शुरू हो गया है।
वहीं, उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि प्रथम चरण के मतदान में एनडीए सभी सीटों पर बढ़त बना चुकी है। नीतीश कुमार पहले भी मुख्यमंत्री थे, आज भी हैं और आगे भी मुख्यमंत्री रहेंगे। जंगलराज पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह शब्द विपक्ष को नहीं, न्यायालय ने दिया था। जनता से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि NDA को वोट दें ताकि बिहार में फिर से जंगलराज नहीं लौटे।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजद पर कसा तंज:बोले - लालटेनिया’ के पास कोई विकास मॉडल नहीं है
पताही, मोतिहारी
चिरैया विधानसभा क्षेत्र के बराजयराम गांव के खेल मैदान में शनिवार को भाजपा प्रत्याशी लालबाबू प्रसाद गुप्ता के समर्थन में विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री राजभूषण चौधरी निषाद मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। जनसभा में हजारों की संख्या में लोग जुटे और नेताओं का जोरदार स्वागत किया।
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘लालटेनिया’ (राजद) के पास कोई विकास मॉडल नहीं है, जबकि भाजपा सरकार ने बिहार के विकास को नई दिशा दी है। सम्राट चौधरी ने कहा कि राजद के 15 वर्षों के शासन में सिर्फ 94 हजार युवाओं को नौकरी मिली, जबकि नीतीश कुमार के नेतृत्व में 2005 से अब तक 18 लाख 50 हजार युवाओं को रोजगार दिया गया। उन्होंने वादा किया कि आने वाले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी दी जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ‘डबल इंजन की सरकार’ ने बिहार को विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 60 लाख पक्के मकान, जबकि नीतीश कुमार ने 40 लाख पक्के मकान बनवाए हैं। इस तरह अब तक 1 करोड़ घर बिहार में बन चुके हैं।
वहीं, केंद्रीय मंत्री राजभूषण चौधरी निषाद ने कहा कि बिहार की जनता प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों पर भरोसा करती है और इस बार भी ‘डबल इंजन की सरकार’ बनाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य केवल सत्ता में आना नहीं, बल्कि हर वर्ग का विकास सुनिश्चित करना है।
जनसभा में उत्तर प्रदेश के मंत्री गिरीश चंद्र यादव, चुनाव प्रभारी राजीव रंजन, योगी अखिकेश्वर दास, जिला महामंत्री राकेश यादव, दीप माला शर्मा, पिंटू कुमार, संजय सिंह, विकास कुमार उर्फ निक्कू सिंह, जयलाल सहनी, नितेश मिश्र, और लालबाबू सिंह सहित कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।