राज्य
जगदलपुर नर्सिंग-कॉलेज कैंपस से प्रबंधन ने शिवलिंग हटवाया
जगदलपुर
जगदलपुर में स्थित सरकारी नर्सिंग कॉलेज में हिंदू-मुस्लिम छात्राओं के बीच विवाद की स्थिति बनी। प्रबंधन का कहना है कि, खाने-पीने को लेकर कुछ छात्रों के बीच विवाद हुआ था। हालांकि, बाद में इसने धार्मिक रूप ले लिया। इसके बाद प्रबंधन ने कैंपस से शिवलिंग को हटवा कर बाहर दूसरी जगह पर रखवा दिया।
नर्सिंग कॉलेज में माहौल बिगड़ने के बाद हिंदू छात्राओं ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हिंदू संगठन भी मौके पर समर्थन में पहुंच गया। हिंदू संगठन ने उसी जगह पर दूसरे शिवलिंग को स्थापित किया। क्योंकि पहले वाला शिवलिंग खंडित हो गया था। जिसके बाद छात्राओं ने नारेबाजी करते हुए पूजा-पाठ कर आरती की गई।
दरअसल, जगदलपुर में सरकारी नर्सिंग कॉलेज है। 2 दिन पहले यहां मुस्लिम कश्मीरी छात्राओं और हिंदू छात्राओं के बीच पूजा-पाठ समेत अन्य मामले को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि इसने धार्मिक तूल पकड़ लिया। हॉस्टल की वॉर्डन अर्जिया अली खान का कहना है कि, प्रिंसिपल स्वर्णलता पीटर के कहने पर और विवाद शांत करने के लिए मंदिर को हटाया गया था। उसे दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। प्रिंसिपल ने गार्ड को मंदिर हटाने कहा था, लेकिन पहले गार्ड ने मना कर दिया, कहा मुझसे नहीं हो पाएगा। फिर बाद में हटाने पर हिंदू छात्राओं ने जमकर बवाल शुरू कर दिया।
वहीं हिंदू संगठन सक्षम के सदस्य कुणाल चालीसगांवकर का कहना है कि प्रिंसिपल और वॉर्डन ने शिवलिंग हटवाया नहीं बल्कि फेंकवा दिया। शिवलिंग खंडित हो गया है। हमारी आस्था को ठेस पहुंची है। खंडित शिवलिंग की जगह सावन में आयोजित 51 महारुद्राभिषेक में से एक जागृत शिवलिंग की स्थापना करवाई गई। ये कृत्य बर्दाश्त से बाहर है।
’शाला प्रवेश उत्सव: विधायक शकुंतला पोर्ते की उपस्थिति में सेजेस प्रतापपुर में हुआ भव्य आयोजन -बच्चों का गरिमामय स्वागत, जिले में कुल 2087 स्कूलों में पढ़ाई शुरू’
बिहान छत्तीसगढ़ प्रतापपुर संवाददाता सुरज निर्मलकर
विकासखंड प्रतापपुर के सेजेस विद्यालय में विगत दिवस शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते उपस्थित रहीं। उन्होंने स्कूल में प्रवेश ले रहे बच्चों का पुष्पगुच्छ व तिलक लगाकर स्वागत किया और उन्हें शिक्षा का महत्व बताया।
शासन द्वारा शाला प्रवेश उत्सव के माध्यम से विद्यालयों में बच्चों को उत्साहपूर्वक प्रवेश दिलाने का यह प्रयास न केवल शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाता है, बल्कि विद्यार्थियों में स्कूल जाने को लेकर नई उमंग, उत्साह और आत्मविश्वास भी जगाता है। इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, पालकगण एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम में विधायक श्रीमती पोर्ते ने कहा कि शिक्षा से ही समाज और राष्ट्र का भविष्य सशक्त बनता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और शिक्षा के प्रति उनमें रूचि जगाएं।

इस वर्ष जिले में शासकीय विद्यालयों का संचालन आरंभ हो चुका है। जिले में कुल 2087 शालाएं प्रारंभ की गई हैं, जिनमें 1372 प्राथमिक शालाएं, 553 उच्च प्राथमिक शालाएं, 55 हाई स्कूल तथा 107 हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।
विकासखंडवार देखें तो विकासखण्ड भैयाथान में कुल प्राथमिक शालाएं 206, उच्च प्राथमिक शालाएं 85, हाई स्कूल 15, हायर सेकेण्डरी 18। विकासखण्ड ओड़गी में कुल प्राथमिक शालाएं 220, उच्च प्राथमिक शालाएं 83, हाई स्कूल 06, हायर सेकेण्डरी 12।विकासखण्ड प्रतापपुर में कुल प्राथमिक शालाएं 315, उच्च प्राथमिक शालाएं 116, हाई स्कूल 12, हायर सेकेण्डरी 26। विकासखण्ड प्रेमनगर में कुल प्राथमिक शालाएं 151, उच्च प्राथमिक शालाएं 62, हाई स्कूल 03, हायर सेकेण्डरी 12 । विकासखण्ड रामानुजनगर में कुल प्राथमिक शालाएं 216, उच्च प्राथमिक शालाएं 92, हाई स्कूल 08, हायर सेकेण्डरी 16 और विकासखण्ड सूरजपुर में कुल प्राथमिक शालाएं 264, उच्च प्राथमिक शालाएं 115, हाई स्कूल 11, हायर सेकेण्डरी 23 स्कूल खोले गए हैं।
थाने मे किसी भी स्टाफ की कोई भी अवैध कारोबार कर रहे अपराधियों से संलिप्तता थाना प्रभारी की संलिप्तता मानी जाएगी- एस पी थाना प्रभारी बम्हनीडीह कमलेश शेंडेय पर कार्यवाही करने के बजाय लेनदेन का आरोप... तत्परता दिखाते हुए एस पी विजय कुमार पांडेय ने की लाइन अटैच की कार्यवाही...
जांजगीर चांपा
पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा की आबकारी एक्ट की कार्यवाही में लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारी निरीक्षक कमलेश शेंडेय को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच किया गया। थाना प्रभारी बम्हनीडीह के द्वारा थाना बम्हनीडीह क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री पर थाना बम्हनीडीह पुलिस द्वारा आबकारी एक्ट के तहत मामूली कार्यवाही कर छोड़ दिए जाने और लेनदेन किए जाने का शिकायत संज्ञान में आने के कारण पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा विजय कुमार पाण्डेय (IPS) द्वारा आबकारी एक्ट की मामूली कार्यवाही को गंभीरता से लेते हुए निरीक्षक कमलेश शेंडेय थाना प्रभारी बम्हनीडीह को लाइन हाजिर किया जाकर, उसके बदले तत्काल उपनिरी. भवानी सिंह थाना चांपा को थाना प्रभारी बम्हनीडीह का प्रभारी बनाया गया।
इस कार्यवाही के बाद उन्होंने कहा कि थाने मे किसी भी स्टाफ की कोई भी अवैध कारोबार कर रहे अपराधियों से संलिप्तता थाना प्रभारी की संलिप्तता मानी जाएगी, यदि जिले की कानून व्यवस्था और अपराध की सम्पूर्ण जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक की मानी जाती है तो थाने की सम्पूर्ण जिम्मेदारी भी थाना प्रभारी की ही मानी जाएगी।
जिले में शिक्षक युक्तियुक्तकरण में भारी अनियमितता: शिक्षकों में आक्रोश, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
जांजगीर-चांपा
जिले में शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों की खुलेआम अनदेखी और शासन के नियमों का उल्लंघन सामने आया है। छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के दिनांक 02 अगस्त 2024 के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जांजगीर-चांपा जिले में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में लापरवाही और मनमानी बरती गई, जिससे सैकड़ों शिक्षक मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।
शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक विद्यालयों की अनदेखी – जिले में कुल 435 अतिशेष शिक्षकों में से केवल 253 रिक्त पद दिखाए गए, जबकि शेष पदों को जानबूझकर प्रकाशित नहीं किया गया। यह स्पष्ट रूप से युक्तियुक्तकरण के नियमों का उल्लंघन है। 109 शिक्षकों को गलत तरीके से जिले से बाहर भेजा गया – कई पूर्व माध्यमिक शालाओं में आवश्यक शिक्षक संख्या पूरी नहीं होने के बावजूद अतिरिक्त शिक्षक पदस्थ नहीं किए गए, जबकि इन शिक्षकों को जिले से बाहर अन्य जिलों में भेजा गया है।
रिक्त पदों की जानकारी छुपाई गई – जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा संभागीय कार्यालय को जो रिक्त पद सूची भेजी गई, उसमें दर्ज संख्या की जानकारी नहीं दी गई, जिससे अधिक दर्ज संख्या वाले विद्यालयों को वंचित कर कम दर्ज संख्या वाले विद्यालयों को प्राथमिकता दी गई।
विषय के अनुसार गलत समायोजन – कला विषय के शिक्षक को हिन्दी पढ़ाना, हिन्दी के शिक्षक को कला, तथा अंग्रेजी विषय में भी इसी तरह के अनुचित समायोजन किए गए, जिससे शिक्षकों की योग्यता और विषय विशेषज्ञता की अनदेखी हुई।
शिक्षक संगठनों की मांग – शिक्षकों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा है कि जिला एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा जानबूझकर गड़बड़ियां की गई हैं। उन्होंने इस विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण को तत्काल निरस्त करने और अन्य जिलों में भेजे गए 109 शिक्षकों को पुनः जिले में पदस्थ करने की मांग की है।
अवैध कब्जे पर चला प्रशासन का बुलडोजर, तहसीलदार की अगुवाई में हुई कार्रवाई ...
चांपा।
कुरदा ग्राम पंचायत अंतर्गत कुदरी बैराज के पास राजस्व भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की। तहसीलदार प्रशांत पटेल के नेतृत्व में राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर बेजा कब्जे में बनी दुकानों और निर्माणों को ध्वस्त किया। यह कार्रवाई ग्राम पंचायत कुरदा के प्रस्ताव के आधार पर की गई, जिसमें अवैध रूप से घर और दुकान बना लेने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
प्रशासन ने पहले से ही कब्जाधारियों को चेतावनी दी थी, बावजूद इसके कई लोगों ने सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य कर लिया था। सोमवार को अचानक तहसीलदार की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर चलवाया। कार्रवाई के दौरान लोगों में आक्रोश देखा गया, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी ने स्थिति को नियंत्रण में रखा।
इस अभियान के तहत फिलहाल घरों के बाहर किए गए अवैध निर्माणों को हटाया गया है। तहसीलदार प्रशांत पटेल ने स्पष्ट कहा, "मेरे क्षेत्र में कोई भी अवैध कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पहले समझाइश दी गई थी, अब कार्रवाई की जा रही है। 15 दिनों का अंतिम नोटिस देकर शेष कब्जाधारियों को भी चेतावनी दी गई है। इसके बाद फिर से कार्रवाई की जाएगी।"
अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहवासियों को सरकारी भूमि से दूर रहने की हिदायत दी। साथ ही यह भी कहा गया कि आगे कोई भी नया अतिक्रमण हुआ, तो तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान में तहसीलदार प्रशांत पटेल, नायब तहसीलदार, पटवारी समेत चांपा नगर का पूरा पुलिस बल मौजूद रहा।
राजेश्री डॉ रामसुंदर दास महंत का कृष्ण कृपा आवास पर आगमन
न्यूज़ जांजगीर-चांपा
महामंडलेश्वर राजेश्री डॉ रामसुंदर दास जी महाराज की भगवान शिवरीनारायण की सच्ची भक्ति ने उन्हें एक महान संत बनाया है
महामंडलेश्वर राजेश्री डॉ रामसुंदर दास जी महाराज का दिनांक 14जून 2025 को जांजगीर-चांपा जिले के एक-दिवसीय प्रवास पर रहे, जिसमें उन्होंने मीडिया जगत से जुड़े हुए,साहित्यकार तथा परशुराम मार्ग स्थित सोनी कालोनी में रहने वाले शशिभूषण सोनी के कृष्ण कृपा आवास पर आगमन हुआ।
भारतवर्ष की भूमि संत-महात्माओं, ऋषियों, तपस्वियों, मनस्वियों और देवी-देवताओं की भूमि रही हैं । यह सौभाग्य हैं कि मनुष्य को उसके जीवन का समय-समय पर बोध करानी वाली और ज्ञान का ज्योत जगाने वाली निर्मल मन और ह्दय में अगाध श्रद्धा रखने वाले की कृपा अवश्य प्राप्त हो जाती हैं ।संत-महात्मा ईश्वर के स्वरुप होते हैं । ऐसे देवतुल्य पुरुष को प्रेम और आग्रह विनय से ही पाया जा सकता हैं, क्योंकि ईश्वर के समय चलते-फिरते ये संत स्वयं प्रेमरुप हैं । भगवान श्रीरामचन्द्र जी ने प्रेम के कारण ही शबरी के जूठे बेर खाए तो भगवान श्रीकृष्ण ने दुर्योधन के मेवा-मिष्ठान आदि छप्पन प्रकार के भोगों को ठुकराकर विदुर के घर शाक और केले के छिलके तक खाएं । शशिभूषण सोनी ने बताया क महामंडलेश्वर स्वामी रामसुंदर दास जी महंत
एक ऐसे प्रखर संत हैं जिन्होंने अपनी आध्यात्मिक ज्ञान और सच्ची भक्ति से लोगों के दिलों में जगह बनाई हैं। उनकी निश्छलता, निष्कपटता और पवित्रता व भगवान शिवरीनारायण की सच्ची भक्ति के कारण केवल जांजगीर-चांपा जिले ही नहीं बल्कि भारतवर्ष के कोने-कोने में लोग उन्हें मानने लगे हैं । ऐसे दिव्य गुरु को श्रद्धालु भक्त अपने मन की आंखों से पल-पल दर्शन-पूजन कर निहाल होते रहते हैं, आनंदित होते रहते हैं। यानी कि श्रद्धालु भक्तों को हर वस्तु में, हर व्यक्ति में, हर प्राणी में उसके आराध्य के दर्शन होने लगते हैं ।
महामंडलेश्वर राजेश्री डॉ रामसुंदर दास महाराज की विशेषताएं ।

आध्यात्मिक ज्ञान- महामंडलेश्वर जी महाराज का आध्यात्मिक ज्ञान बहुत ही गहरा हैं और वह लोगों को सन्मार्ग पथ पर हमेशा चलने की शिक्षा देते रहते हैं ।
निश्छलता और निष्कपटता
उनकी निभावने की क्षमता अद्वितीय हैं और वह लोगों को अपने आचरण से प्रेरित करते रहते हैं।
भगवान शिवरीनारायण की सच्ची भक्ति
महामंडलेश्वर जी महाराज की भगवान शिवरीनारायण की सच्ची भक्ति ने उन्हें एक महान संत-महात्मा बनाया हैं।
महामंडलेश्वर जी महाराज का प्रभाव ।
लोगों के दिलों में जगह- महामंडलेश्वर डॉ रामसुंदर जी महाराज ने लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई हैं और वह उनके लिए एक आदर्श हैं।
आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार-प्रचार- वह अपने आध्यात्मिक ज्ञान को लोगों के साथ बांटते हैं और उन्हें सन्मार्ग पथ पर चलने की प्रेरणा देते हैं ।
डॉ रामसुंदर दास जैसे संत-महात्मा का कृष्ण कृपा आवास पर आगमन और आशीर्वाद से हम सभी लाभान्वित होंगे और हमारे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा - कुलवंत सिंह सलूजा।
प्रेस क्लब चांपा के उर्जावान अध्यक्ष कुलवंत सिंह सलूजा ने कहा कि महामंडलेश्वर राजेश्री डॉ रामसुंदर दास जी महाराज जैसे महान संत-, स्वर्गीय रामचरण सोनी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि, चरण पादुका पूजन और उनके आशीर्वाद से हम सभी को लाभ होता हैं और हमारे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं, वे हमेशा स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु रहे यही ईश्वर से प्रार्थना हैं ।
नीट परीक्षा में संचिता सोनी ने पहले प्रयास में मुश्किल परीक्षा को आसान बनाई ,दी जा रही हैं बधाईयां
जांजगीर-चांपा
* सूर्य प्रकाश सोनी और श्रीमति मंजू सोनी की सुपुत्री संचिता ने अपने प्रथम प्रयास में नीट परीक्षा में सफलता हासिल की ।*
10 और 12 वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था और अब नीट परीक्षा में सफलता प्राप्त कर इन्होंने अपने सपने को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया हैं ।
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट ( नीट ) का परीक्षा परिणाम दिनांक 14 जून, 2025 शनिवार को घोषित हुआ । इसमें सदर बाजारनिवासी सूर्य प्रकाश और श्रीमति मंजू सोनी की बेटी संचिता सोनी ने अपना परचम लहराया हैं । बहुत ही प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा में फादर्स-डे पर अपने मम्मी-पापा और घर-परिवार को शानदार उपहार भी दिया हैं ।
कोसा, कांसा एवं कंचन की नगरी चांपा के थोक सराफा व्यापारी नारायण सोनी - श्रीमति गोदावरी सोनी की पौत्री व सूर्या - मंजू सोनी की मेघावी सुपुत्री संचिता ने उत्कृष्ट सफलता हासिल की हैं ।
संचिता सोनी को आल इंडिया 8500 वां रैंक हासिल हैं । संचिता ने वर्ष 2022-2023 में 10 वीं की परीक्षा गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल बनारी जांजगीर से 96:00 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जांजगीर-चांपा सिटी टापर्स बनी । वहीं 12 वीं की परीक्षा इसी स्कूल से वर्ष 2024-2025 में 90 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण हुई ।
संचिता सोनी की सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं कि उसने नीट परीक्षा की पूरी तैयारियां अपने सुरेश सोनी चाचा-चाची के घर पर रहकर ऐलेन कोचिंग सेंटर रायपुर से की और जांजगीर-चांपा जिला ही नहीं बल्कि स्वर्णकार समाज का नाम रौशन की हैं ।
आज ऐलेन कोचिंग सेंटर रायपुर ने संचिता सोनी को सम्मानित की ।
ऐलेन कोचिंग सेंटर रायपुर ने अपनी श्रेष्ठ छात्रा सुश्री संचिता सोनी को रायपुर बुलाकर आयोजित समारोह में सम्मानित किया हैं। ऐलेन कोचिंग सेंटर का यह प्रयास छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने और उनकी उपलब्धियों को मान्यता देने का एक अच्छा उदाहरण हैं । संचिता सोनी की सफलता और ऐलेन कोचिंग सेंटर द्वारा उन्हें सम्मानित करना दोनों ही प्रेरणादायक हैं और अन्यान्य छात्रों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा।
छोटे-से शहर में रहकर उपलब्धि हासिल करना गौरव की बात ।
संचिता सोनी ने नीट परीक्षा में सफलता प्राप्त कर परिवार, समाज और शहर का नाम रौशन की हैं । छोटे-से शहर चांपा में रहकर प्रथम प्रयास में नीट जैसी कठिन परीक्षा को पास करना संचिता की प्रतिभा को दर्शाता हैं । संचिता की इस उपलब्धि पर प्रगतिशील स्वर्ण एवं रजत समिति चांपा अध्यक्ष रामव्लभ सोनी और सचिव शशिभूषण सोनी ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी । स्थानीय सर्राफा व्यापारी संघ चांपा के अध्यक्ष नारायण प्रसाद सोनार और सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमति गोदावरी सोनी की पौत्री संचिता सोनी की सफलता पर केद्रीय स्वर्णकार समाज, स्वर्णकर समाज सर्किल , प्रेस क्लब चांपा चांपा सहित अन्यान्य लोगों ने संचिता को बधाई । संचिता की इस सफलता से ना केवल उनके सपरिवार गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल जांजगीर ही नहीं बल्कि पूरे स्वर्णकर समाज के लोग अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा हैं । बिटिया की इस उपलब्धि से यह साबित होता हैं कि अगर शिक्षा की नीव शुरू से ही मजबूत हैं तो कोई भी प्रतिभागी के रास्ते में कोई रुकावट नहीं आती हैं । इसका ताज़ा उदाहरण नीट परीक्षा परिणाम से जारी । इस परीक्षा में 22 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और लड़कियों की मेहनत ने एक नया इतिहास रच दिया । इस वर्ष की सबसे बड़ी एंट्रेंस एग्जाम में महेश कुमार ने 720 /720 ,वही लड़कियों में अविका अग्रवाल टापर्स बनी हुई हैं। पिता सराफा व्यापारी और माता श्रीमती मंजू सोनी की बेटी ने अपने पहले प्रयास में नीट परीक्षा में 720 में से 560 अंक प्राप्त कर 8500 रैंक सफलता हासिल की हैं । गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल बनारी ,जांजगीर की छात्रा हैं और उसकी इस सफलता से स्वर्णकर समाज सर्किल चांपा गौरवान्वित महसूस कर रहा हैं । संचिता की इस उपलब्धि पर प्रगतिशील स्वर्ण एवं रजत समिति चांपा के सचिव और स्वर्णकार समाज के मीडिया प्रभारी शशिभूषण सोनी ने उसे बधाई और शुभकामनाएं दी हैं ।
संचिता की सफलता:
नीट परीक्षा में सफलता: संचिता सोनी ने पहले प्रयास में नीट परीक्षा-2025 में560 / 720 अंक प्राप्त कर सफलता हासिल की हैं।
गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल, बनारी जांजगीर की छात्रा-
संचिता गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल, बनारी जांजगीर में अध्ययनरत 12, की छात्रा हैं और इन्होंने 90 प्रतिशत अंक हासिल की हैं।
सफ़लता का श्रेय -
संचिता सोनी ने अपनी सफलता का श्रेय ऐलन कोचिंग सेंटर रायपुर और
मम्मी-पापा श्रीमति मंजू-सूर्या सोनी, नारायण - श्रीमति गोदावरी सोनी दादा-दादी और कृष्ण गोपाल -नवधा सोनी नाना-नानी को दी हैं।
स्वर्णकर समाज सर्किल चांपा- संचिता की सफलता से स्वर्णकर समाज सर्किल चांपा भी गौरवान्वित महसूस कर रहा हैं।
बधाई और शुभकामनाएं।
शशिभूषण सोनी- प्रगतिशील स्वर्ण एवं रजत समिति चांपा के सचिव और स्वर्णकार समाज के मीडिया प्रभारी शशिभूषण सोनी ने संचिता को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
उज्जवल भविष्य की कामना- प्रेस क्लब चांपा अध्यक्ष कुलवंत सिंह सलूजा, सचिव डॉ मूलचंद गुप्ता, उपाध्यक्ष गौरव गुप्ता, कोषाध्यक्ष विक्रम तिवारी, डॉ रविन्द्र द्विवेदी तथा शशिभूषण सोनी ने संचिता के लिए उज्जवल भविष्य हेतु बधाई और शुभकामनाएं दी हैं । डॉ कुलवंत सिंह सलूजा ने कहा कि संचिता सोनी बिटिया की इस सफलता से न केवल उसके परिवार बल्कि प्रेस क्लब परिवार, स्वर्णकर समाज को गर्व महसूस हो रहा हैं, उसकी इस उपलब्धि से यह साबित होता हैं कि अगर शिक्षा की नींव मजबूत हो तो कोई भी माध्यम चाहे वह अंग्रेजी हो या हिंदी सफलता के रास्ते में रुकावट नहीं बन सकती
12 वीं या कॉलेज पास विद्यार्थियों के लिए प्रवेश हेतु अधिसूचना जारी...
जांजगीर चाम्पा
जिले में विगत 27 वर्षों से सफलता पूर्वक संचालित तथा उच्च स्तरीय कंप्यूटर प्रशिक्षण के लिए प्रख्यात कंप्यूटर संस्थान गुप्ता इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर टेक्नोलॉजी आइसेक्ट कंप्यूटर कॉलेज चांपा में नए सत्र 2025-26 के लिए कंप्यूटर कोर्स डीसीए, पीजीडीसीए बीसीए, टायपिंग कोर्स, टैली प्रोफेशनल, डाटा एंट्री ऑपरेटर व अन्य डिप्लोमा व डिग्री कोर्स बीबीए, बीए, बीएससी, बीकॉम, एम. ए. एमएससी, एमकॉम, एसडब्ल्यू, बीलिब, एमलिब, पीजीडीवायएन (योगा में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा), पीजीडीआरडी (ग्रामीण विस्तार अधिकारी के पद हेतु) में प्रवेश हेतु अधिसूचना जारी कर दी गई है। सभी कोर्स हेतु सीमित सीट निर्धारित है, जिसमें प्रवेश पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जायेगा। कक्षायें भी अतिशीघ्र शुरू की जावेगी।
गौरतलब है कि यह संस्थान क्षेत्र का सबसे पुराना और क्वालिटी एजुकेशन और जॉब ओरिएंटेड कोर्स के लिए प्रसिद्ध है, जो कि पिछले 27 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र मे अपना कीर्तिमान स्थापित किया हुआ है। संस्थान का स्वयं का भव्य कॉलेज भवन एवं भव्य कंप्यूटर लैब है, लाइब्रेरी, कॉमन रूम और अलग अलग कई क्लास रूम है। संस्था में सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क लाइब्रेरी सुविधा उपलब्ध करायी जाती है, तथा तकनीकी कौशल का विशेष ध्यान रखा जाता है। संस्थान में प्रवेश हेतु अलग से कॉउंसलिंग रूम कॉलेज के बाहर बनाया गया है। जहां विशेषज्ञों द्वारा सभी विद्यार्थियों का निःशुल्क मार्गदर्शन किया जाता है। संस्थान में सभी कोर्स में प्रवेश प्रारंभ हो गया है, प्रवेश सम्बन्धी जानकारी के लिए संस्था में कार्यालयीन समय मे संपर्क किया जा सकता है।
अवैध कब्जा हटाने पर रायगढ़ में हंगामा:
रायगढ़
रायगढ़ में केलो नदी के किनारे कायाघाट क्षेत्र में मरीन ड्राइव निर्माण के लिए शनिवार को पहले चरण में अवैध कब्जा कर बनाए गए 20 घरों को ढहा दिया गया। इसके बाद 100 घरों को तोड़ा जाएगा। अतिक्रमण हटाए जाने से क्षेत्र में तनाव की स्थिति निर्मित है।
इस दौरान महिलाओं ने पुलिस का रास्ता रोक लिया। जहां दोनों के बीच झड़प हो गई। महिलाओं का कहना है कि प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए बेहद तेजी दिखाई। रात 9 बजे कब्जाधारियों को 24 घंटे में मकान खाली करने का नोटिस दिया गया।
शनिवार सुबह 7 बजे प्रशासन का दल मौके पर पहुंचा। इसमें जिला प्रशासन, नगर निगम, राजस्व, फायर एंड सेफ्टी, पुलिस, ट्रैफिक और दूसरे जिलों से बुलाए गए बल समेत सैकड़ों महिला-पुरुष पुलिसकर्मी और अधिकारी शामिल थे। इन्होंने कार्रवाई शुरू कर दी।
नगर निगम मरीन ड्राइव निर्माण के लिए पूरी तैयारी में था। शुक्रवार रात 9 बजे निगम ने 20 लोगों को अंतिम नोटिस थमा दिया। नोटिस मिलते ही प्रगति नगर के सैकड़ों लोग आधी रात को कलेक्टर बंगले पहुंच गए। प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर से मुलाकात की। चर्चा के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला।
अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद शनि मंदिर से छठ घाट तक कार्रवाई होगी। पार्षद के साथ सैकड़ों लोग नगर निगम पहुंचे। उन्होंने आयुक्त को अपनी समस्या बताई। जिन लोगों को नोटिस मिला था, उन्होंने दस्तावेज भी सौंपे। इसके बावजूद नगर निगम ने शुक्रवार देर शाम मरीन ड्राइव निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया।
विरोध करने वाली महिलाओं को थाने ले गई पुलिस शनिवार सुबह अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम ने जैसे ही मकान तोड़ना शुरू किया, लोगों ने विरोध किया। अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। कुछ महिलाएं बुलडोजर के सामने जाकर लेट गईं। महिला पुलिसकर्मियों ने 7 महिलाओं को थाने ले गईं।
घरों पर बुलडोजर चलाने की जांच के लिए कांग्रेस ने कमेटी गठित की है। पीसीसी द्वारा घोषित कमेटी के संयोजक विधायक उमेश पटेल बनाए गए हैं। इसी तरह विधायक लालजीत राठिया, उत्तरी जांगड़े, विद्यावती सिदार, कविता प्राणलहरे, निगम सभापति शेख सलीम, शहर अध्यक्ष अनिल शुक्ला और जिला अध्यक्ष नागेंद्र नेगी भी कमेटी में शामिल हैं।
यातायात जांजगीर चांपा पुलिस की सराहनीय पहल, वाहन दुर्घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए, रोड किनारे लगे पेड़ो में रेडियम के रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे है।*
जांजगीर-चांपा
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में ऐसे रास्ते जो रात्रि में अंधेरे में रहते हैं और जहां लगातार संकीर्ण मोड़ों पर दुर्घटनाएं होती है, रोड किनारे लगे पेड़ो में रेडियम के रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में सड़क दुर्घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए, कमी लाने के लिए लगातार जन जागरूकता कार्यक्रम यातायात पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात श्री उदयन बेहार के नेतृत्व में विशेष अभियान के तहत यातायात पुलिस जांजगीर चांपा द्वारा जिले के ऐसे रास्ते जो रात्रि में अंधेरे में रहते हैं और जहां लगातार संकीर्ण मोड़ों पर दुर्घटनाएं होती है, रोड किनारे लगे पेड़ो में रेडियम के रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं।
*यातायात जांजगीर चांपा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि
. शराब के नशे में वाहन न चालांए।
तेज गति से वाहन न चलाएं।
. हेलमेड पहन कर मोटर सायकल चलाए
मोटर सायकल में तीन सवारी न करे।
माल वाहक वाहन, ट्रैक्टर, पिकअप या अन्य माल वाहक वाहन में सवारी न बैठाए
रात्रि यात्रा में विशेष सतर्कता बरते
. नींद या नशे की स्थिति में वाहन चलाने पर सख्त प्रतिबंध।
. यातायात नियमों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है. नाबलिकों को वाहन नहीं चलाने देवे। यातायात जांजगीर-चांपा के इस निर्णय का सभी नागरिकों ने स्वागत किया है
पिता का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है ....डॉ .क्रांति खूंटे कसडोल, अन्तर्राष्ट्रीय महिला पुरुस्कार से सम्मानित डॉ क्रांति खूंटे ने हमारे प्रतिनिधि को एक विशेष भेंट बताया
.डॉ .क्रांति खूंटे कसडोल, अन्तर्राष्ट्रीय महिला पुरुस्कार से सम्मानित डॉ क्रांति खूंटे ने हमारे प्रतिनिधि को एक विशेष भेंट बताया है कि माता पिता का सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है जिसके वजह से हम सभी अपना सफर तय करते हुए सफलता की मुकाम तक पहुंचते हैं,फादर्स डे पिताओं के सम्मान में एक व्यापक रूप से मनाया जाने वाला पर्व हैं जिसमे पितृत्व (फादरहुड), पितृत्व-बंधन तथा समाज में पिताओं के प्रभाव को समारोह पूर्वक मनाया जाता है। अनेक देशों में इसे जून के तीसरे रविवार, तथा बाकी देशों में अन्य दिन मनाया जाता है। उन्होंने आगे बताया है कि मैं आज जो भी हुआ और जिस मुकाम पर पहुंची हु इसका पूरा श्रेय मेरे माता-पिता एवं मेरे पति का सर्वश्रेष्ठ योगदान रहा है,यह माता के सम्मान हेतु मनाये जाने वाले मदर्स डे (मातृ-दिवस) का पूरक है।
इसका इतिहास से हमें पता चलता है कि फादर्स डे की शुरुआत बीसवीं सदी के प्रारंभ में पिताधर्म तथा पुरुषों द्वारा परवरिश का सम्मान करने के लिये मातृ-दिवस के पूरक उत्सव के रूप में हुई. यह हमारे पूर्वजों की स्मृति और उनके सम्मान में भी मनाया जाता है। फादर्स डे को विश्व में विभिन तारीखों पर मनाते है - जिसमें उपहार देना, पिता के लिये विशेष भोज एवं पारिवारिक गतिविधियाँ शामिल हैं। आम धारणा के विपरीत, वास्तव में फादर्स डे सबसे पहले पश्चिम वर्जीनिया के फेयरमोंट में 19 जून 1910 को मनाया गया था। कई महीने पहले 6 दिसम्बर 1907 को मोनोंगाह, पश्चिम वर्जीनिया में एक खान दुर्घटना में मारे गए 210 पिताओं के सम्मान में इस विशेष दिवस का आयोजन श्रीमती ग्रेस गोल्डन क्लेटन ने किया था। प्रथम फादर्स डे चर्च आज भी सेन्ट्रल यूनाइटेड मेथोडिस्ट चर्च के नाम से फेयरमोंट में मौजूद है।
गलत सूचनाओं तथा पश्चिम वर्जीनिया द्वारा पहले फादर्स डे को छुट्टी के रूप में दर्ज नहीं करने के कारण कई अन्य सूत्र यह मानते हैं कि प्रथम फादर्स डे स्पोकाने, वाशिंगटन के सोनोरा स्मार्ट डोड के प्रयासों से दो वर्ष बाद 19 जून 1910 को आयोजित किया गया था। 1909 में स्पोकाने के सेंट्रल मेथोडिस्ट एपिस्कोपल चर्च के बिशप द्वारा हाल ही में मान्यता प्राप्त मदर्स डे पर दिए गए एक धर्म उपदेश को सुनने के बाद, डोड को लगा कि पिताधर्म को भी अवश्य मान्यता मिलनी चाहिए. वे अपने पिता विलियम स्मार्ट जैसे अन्य पिताओं के सम्मान में उत्सव आयोजित करना चाहती थीं, जो एक सेवानिवृत्त सैनिक थे तथा जिन्होंने छठे बच्चे के जन्म के समय, जब सोनोरा 16 वर्ष की थी, अपनी पत्नी की मृत्यु के बाद अपने परिवार की अकेले परवरिश की थी,
अगले वर्ष ओल्ड सेन्टेनरी प्रेस्बिटेरियन चर्च (अब नौक्स प्रेस्बिटेरियन चर्च) के पादरी डॉ कोनराड ब्लुह्म की सहायता से सोनोरा इस विचार को स्पोकाने वायएमसीए के पास ले गयी। स्पोकाने वायएमसीए तथा मिनिस्टीरियल अलायन्स ने डोड के इस विचार का समर्थन किया और 1910 में प्रथम फादर्स डे मना कर इसका प्रचार किया। सोनोरा ने सुझाव दिया कि उनके पिता का जन्मदिन, 5 जून को सभी पिताओं के सम्मान के लिये तय कर दिया जाये. चूंकि पादरी इसकी तैयारी के लिए कुछ और वक़्त चाहते थे इसलिये 19 जून 1910 को वायएमसीए के युवा सदस्य गुलाब का फूल लगा कर चर्च गये, लाल गुलाब जीवित पिता के सम्मान में और सफेद गुलाब मृतक पिता के सम्मान में.डोड घोड़ा-गाड़ी में बैठकर पूरे शहर में घूमीं और बीमारी के कारण घरों में रह गये पिताओं को उपहार बांटे. इसे आधिकारिक छुट्टी बनाने में कई साल लग गए। वायएमसीए, वायडब्लूसीए तथा चर्च के समर्थन के बावजूद फादर्स डे के कैलेंडर से गायब होने का डर बना रहा. जहां मदर्स डे को उत्साह के साथ मनाया जाता वहीं फादर्स डे की हँसी उड़ाई जाती.धीरे-धीरे छुट्टी को समर्थन मिला लेकिन गलत कारणों के लिए. यह स्थानीय अखबार के चुटकुलों सहित व्यंग्य, पैरोडी तथा उपहास का पात्र बन गया। बहुत से लोगों ने इसे कैलेंडर को विचारहीन प्रोत्साहन से भरने के पहले कदम के रूप में देखा.
छुट्टी को राष्ट्रीय मान्यता देने के लिये सन् 1913 में एक बिल पेश किया गया। सन 1916 में, राष्ट्रपति वुडरो विल्सन एक फादर्स डे समारोह में भाषण देने स्पोकाने गये तो वे इसे आधिकारिक बनाना चाहते थे किंतु इसके व्यावसायीकरण के डर से काँग्रेस ने इसका विरोध किया।अमेरिकी राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज ने 1924 में सिफारिश की कि यह दिवस पूरे राष्ट्र द्वारा मनाया जाये किंतु इसकी राष्ट्रीय घोषणा को रोक दिया. इस छुट्टी को औपचारिक मान्यता दिलाने के दो प्रयासों को ठुकरा चुकी थी। 1957 में, मेन सीनेटर मार्ग्रेट चेज स्मिथ ने काँग्रेस पर माता-पिता में से पिता को अकेला छोड़ कर, सिर्फ माताओं का सम्मान करके 40 साल तक पिता की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए एक प्रस्ताव लिखा.1966 में, राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने प्रथम राष्ट्रपतीय घोषणा जारी कर जून महीने के तीसरे रविवार को पिताओं के सम्मान में, फादर्स डे के रूप में तय किया। छह साल बाद 1972 में वह दिन आया जब राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने इस कानून पर हस्ताक्षर किये और यह एक स्थायी राष्ट्रीय छुट्टी बना. 2010 में, 'फादर्स डे' की स्मृति में स्पोकाने में 'फादर्स डे' शताब्दी समारोह एक महीने तक चला. फादर्स डे के अलावा, कई देशों में 19 नवम्बर को अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाया जाता है, ऐसे पुरुषों और लड़कों के सम्मान में जो पिता नहीं हैं। डॉ क्रांति खूंटे ने विश्व के सभी परिवार से अपील की है कि इस शुभ पर हम सभी मिलकर शपथ ले कि हम सभी माता पिता की सेवा करना अपना कर्तव्य समझते हुए उन्हें पूरा सम्मान दे, माता पिता की सेवा परमपिता परमेश्वर की सेवा करने के बराबर होती है, फादर्स डे पर डॉ क्रांति खूंटे ने विश्व के सभी समुदायों को अपनी शुभकामनाएं दी हैं !
15 जून फादर्स डे के अवसर पर डा.श्यामा कुर्रे की कलम सें आपने पिता व पिता के पिता कों समर्पित विशेष सम्पदाकीय
शीर्षक : 'मैं आपके साथ चलना चाहती हूं'( मेरी सुनहरी यादें,)
पूज्य पिताजी, आप सोच रहे होंगे कि आज के जमाने में मुझे पत्र लिखने की क्या जरूरत पड़ गई? वह इसलिए कि आज फादर्स डे है। आप कहेंगे, 'अरे ये फादर्स डे, मदर्स डे क्या होता है? तुम तो हर दिन ही फादर्स डे, मदर्स डे के रूप में मनाते हो।' पर मुझे लगता है आज के दिन भी आप मुस्कराकर हमसे हीं पूछेंगे कि 'आज के दिन तुम लोगों को क्या चाहिए !' मम्मा भी कहेंगी कि आप बच्चों के लिए कोई गिफ्ट खरीद दें और गुपचुप-चाट की पार्टी दें दें।
पर मुझे लगता है कि ऐसे दिवस सिर्फ उस पुत्री या पुत्र को ढूंढने आते हैं, जो अपनी दिनचर्या में गुम हो चुके हैं। हैप्पी फादर्स डे कहकर, व्हाट्सएप्प के स्टेटस पर फोटो लगा कर या ज्यादा सें ज्यादा कोई गिफ्ट देकर वे वापस अपने फोन की दुनिया में खों जाना चाहते हैं, रील के संग चिपकना चाहते हैं या मीटिंगों में व्यस्त रहना चाहते हैं, पर कुछ पल ठहर कर कुछ कहना या सुनना नहीं चाहते। ज्यादा हुआ तो किसी mnc के मैनेजर की तरह घर वालों को कुछ निर्देश देते हैं और शाम कों घर वापस लौटकर रिव्यू करते हैं कि 'फादर्स डे' के दिन किसने-किसको क्या गिफ्ट दिया और अपने आप कों केयरिंग दिखाते हुए सवाल पूछते हैं की बाहर से कुछ और मंगाया गया या नहीं।
लेकिन मेरे लिए तो फादर्स डे आपके पास बैठना हैं पिताजी, सुबह आपके साथ वॉक पर जाना, आपके क़दमों की आहट सुनते हीं पुंछ हिलाते पास आये दर्जनों कुत्तों कों बिस्किट खिलाना, पूजा के लिए फूल चुनना और घर लौट कर ध्यान लगाना और फिर विभिन्न विषयों पर आपसे बातचीत करना होता है। और मुझे जब कभी आप 'श्री कृष्ण' भाव में डांटते हैं, समझाते हैं, तो मैं भी अर्जुन भाव में सुनने की कोशिश करती हूं। लेकिन यह भी सच है कि वृद्ध व्यक्ति या पीले पड़ते पत्तों के लिए कोई समाज तैयार नहीं मालूम पड़ता और इनके प्रति वों गहरी संवेदनशीलता नहीं महसूस होती, जो किसी भी सामाजिक 'प्राण' की संभावना होती है। यहां तक कि सबसे निकटतम संबंध भी उस माता-पिता के पास नहीं रुकना चाहता और सबके पास बहाना सिर्फ एक, समय की कमी का हीं होता है।
एक सूखापन, निष्ठुरता और 'मैं और मेरा' में उलझा हुआ यह समाज बाल सुलभ भाव के साथ कुछ पल के लिए ही सही, अपने पिता या मां के पास बैठने का समय नहीं निकाल पाता। क्योंकि अधिकांश जगह भावनाओं को डिजिटल दुनिया और बाजार ने कैद कर रखा है। अगर कभी उस भाव से रूबरू होना होता है, तो परिवार को घर के दरख्त से निकल कर मॉल की बेजान दीवारों के पास आना पड़ता है, जहां पूरा परिवार अपनों से थोड़ी देर के लिए ही सही, पर मिल जरूर पाता है। बाजार हमारे अंदर धैर्य और ठहराव सृजित करता है, क्योंकि भले ही घरों में अंधेरा रहे, बाजार रात भर जगमग रह कर रोशनी बिखेरता रहता है।
ऐसे में एक पुत्री या पुत्र के लिए अपने पिता या मां को सुनना, समझना और मन तक पहुंचने का मन बनाना थोड़ा बेमन-सा कार्य हो जाता है। आप भी यह मानेंगे कि शायद पिता की तरफ से पुत्र या पुत्री को कुछ कहने की मानसिक ताकत और वह भावनात्मक विश्वास पचास-साठ की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते कुछ कमजोर-सी पड़ने लग जाती है, क्योंकि पुत्र भी तब तक पिता बन चुका होता है और आत्मनिर्भर भी। लेकिन पिताजी, आपको जो भी लगे, बेबाक बोलते रहिए, क्योंकि मैं आपकी हर बात सुनूँगी। क्योंकि मैं भी तो कुछ बडी हुई हूं, और वैसे ही, जैसे आप और मां चाहती हैं। उस सबल पेड़ की तरह, जिसकी जड़ें गहरी होती हैं और इन जड़ों से ही मैं अपने माता-पिता से जुड़ी हूं।
ऐसे दिवस हमें खुद के करीब लाते हैं और रिश्तों के मूल्यांकन का भी मौका देते हैं। नेटवर्किंग की चकमक में माता-पिता को ढूंढना आसान नहीं होता। इसलिए सोच रही हूं कि फादर्स डे के दिन एक पुत्री या पुत्र को अपने पिता की सुबह बननी चाहिए, जिससे कि उनका हर दिन 'फादर्स डे' बन सके। मतलब यह कि चाहे माता-पिता के साथ रहते हो, या दूर, लेकिन हमारे बेडरूम से माता-पिता के कमरे का सफर दुरूह और नीरस नहीं होना चाहिए। बल्कि कुछ ऐसा होना चाहिए, जैसे सिद्धार्थ से गौतम बनने का सफर।
दुनिया कहती है कि बुजुर्गों को नींद कम ही आती है, या वें जल्दी सो जाते हैं, तो जल्दी उठ भी जाते हैं। मैं भी हमेशा जल्दी ही उठना चाहती हूं, पिताजी । सुबह की चाय साथ पीने या कभी साथ बनाने का मौका नहीं खोना चाहततीऔर सुबह का पहला घंटा आप दोनों (माँ-पापा) के संग बिताना चाहती हूं। मैं अन्य लोंगों से भी यहीं कहना चाहतती हूं कि अगर पैरेंट्स हों, भले हीं वें दूर हों या बहुत दूर हों, तब भी आप सुबह जल्दी ही उठ जाइए। सुबह के पहले घंटे को ऐसे दिन की तरह बिताइए, जिसमें माता-पिता अपने बेटे या बेटी से मिल सकें। फोन पर, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष (वीडियो कालिंग) आमने-सामने या यादों में। पर सुबह की पहली मुलाकात तो माता-पिता से ही बनती है। और मेरा यकीन मानिये ये मुलाक़ात आपका पूरा दिन भी बना देती हैं।
अगर मैं जल्दी नहीं उठ पाती तो आपके साथ प्रतिदिन चलने या वॉक करने का मौका ही खो देती हूं, साथ चलना अच्छा होता है न पिताजी ! आजकल सभी फोन के साथ चलते हैं, पर मैं सुबह इसलिए उठना चाहती हूं, पिताजी कि आपके साथ चलूं और जीवन की सबसे बेहतरीन सलाह (आपके अनुभव) सुनती रहूं। मैं बस आपकी सुबह में शामिल रहना चाहती हूं। अगर मां घर की सुबह हैं, जो हमें जीवन का एहसास कराती है, तो आप उस सुबह का तेज हैं, जो हमें ऊर्जावान बनाता है।
जब हम अपने माता-पिता में दुनिया का सबसे अच्छा व बेहतरीन इन्सान पाते हैं, तो फिर घर में ही गुडनेस का दार्शनिक और व्यावहारिक दर्शन भी कर लेते हैं। मैं भी अपने समाज के लिए एक अच्छा इन्सान बनना चाहती हूं। अगर समाज मुझमें वह अच्छा इन्सान नहीं ढूंढ पाया, तो यह मेरी विफलता होगी। एक वक़्त था जब हमारी तीन पीढ़ियां एक साथ समाज सेवा करती थीं और दादाजी ने तों समाज के लिए इतना किया की वें सबको पछाड़ कर अवल्ल हों गए, उनका कहा एक-एक शब्द पत्थर की लकीर बनने लगा और देखते ही देखते आसपास के अंचल में पिता जी के नाम का सिक्का चलने लगा, किन्तु कुदरत के नियमों के मुताबिक दादाजी कों अपनी यात्रा पूरी करके बैकुंठ लौटना पड़ा। पिताजी, मैं भी दादाजी और आपकी तरह फर्स्ट आना चाहती हूं, एक अच्छा इन्सान बनकर।
आज के खास दिन पर एक मशहूर ग़ज़ल की चार पंक्तिया आप सब के बिच मेरे पिता जी कों याद करते हुए रखना चाहती हुँ कि
घर की बुनियादें दीवारें बाम-ओ-दर थे बाबू जी,
सब को बाँध के रखने वाला ख़ास हुनर थे बाबू जी।
तीन मोहल्लों में उन जैसी क़द काठी का कोई न था,
अच्छे-ख़ासे ऊँचे पूरे क़द-आवर थे बाबू जी।
भाजपा नेता नारायण और संदीप सलूजा चांपा स्टेशन सलाहकार समिति के सदस्य बनाए गए
चांपा
भाजपा के वरिष्ठ नेता नारायण मित्तल और संदीप सिंह सलूजा को चांपा रेलवे-स्टेशन के सलाहकार समिति मे सदस्य मनोनीत किया गया है। चांपा रेलवे-स्टेशन मे यह समिति पहली बार बनाई गई है, जिसमे इन्हे शामिल किया गया है। विगत दिनों दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के द्वारा चांपा रेलवे स्टेशन सलाहकार समिति का गठन किया गया। जिसमें भाजपा के सक्रिय नेता और सफल युवा व्यवसायी श्री मित्तल को सदस्य बनाया गया है। साथ ही संदीप सलूजा को भी इसमे शामिल किया गया है। इसके पूर्व भी सलूजा मंडल रेल्वे सलाहकार समिति के भी सदस्य रह चुके है। यह मनोनयन मंडल रेल्वे प्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के द्वारा किया गया है। स्टेशन सलाहकार समिति का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 तक के लिए होगा।
साथ ही मुख्य स्टेशन प्रबंधक चांपा को निर्देश दिए गए है कि परिचयात्मक बैठक बुलाने एवं स्टेशन सलाहकार समिति के सदस्यों से सुझाव मंगाए जाने एवं एजेंडे पर समुचित कार्यवाही सुनिश्चित करे।
ज्ञात हो कि चांपा जंक्शन रेलवे स्टेशन को ए-1 श्रेणी मेंआता है। स्टेशन सलाहकार समिति बनाने के पीछे रेलवे स्टेशन में यात्रियों की सेवाओं सुविधाओं का समुचित विकास करना है साथ ही यात्रियों को होने वाले असुविधाओं से रेलवे को समय समय पर अवगत कराना ताकि उसमें सुधार किया जा सके।
रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य बनाए जाने पर नगर के जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों तथा नगरवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई दी है।

क्या है सलाहकार समिति ?
रेलवे उपयोगकर्ताओं का बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने तथा रेलवे द्वारा जमीनी स्तर पर प्रदान की जाने वाली सेवाओं/सुविधाओं से संबंधित मामलों पर रेलवे प्रशासन और उपयोगकर्ताओं के बीच परामर्श के लिए अधिक लगातार अवसर प्रदान करने तथा ऐसी सेवाओं सुविधाओं की कार्यक्षमता में सुधार लाना है।
अवैध कच्ची महुआ शराब के साथ महिला आरोपी को किया गिरफ्तार थाना नवागढ़ पुलिस की कार्यवाही
जांजगीर चांपा
मामले की आरोपीया तीज बाई घसीया उम्र 52 वर्ष निवासी नथुआ पारा नवागढ़ थाना नवागढ़ जिला जांजगीर चांम्पा के विरूद्ध धारा 34 (2) आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।
पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में जिले में अवैध शराब बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्ग दर्शन में थाना नवागढ़ पुलिस को मुखबीर सूचना मिला कि नथुवा पारा नवागढ़ निवासी तीज बाई घसीया द्वारा अपने घर के कोला बाड़ी में हाथ भट्टी से बना अवैध कच्ची महुआ शराब को ग्राहकों को बिक्री करने रखा है
की सूचना पर रेड कार्यवाही किया गया जिसके कब्जे से कुल अलग अलग पन्नी के पाउच में भारी 10 लीटर 700 एम एल अवैध कच्ची महुआ शराब कीमती 1600/₹ को गवाहों के समक्ष बरामद किया जाकर आरोपिया के विरूद्ध थाना नवागढ़ में अपराध धारा 34 (2) आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया जाकर आरोपी को विधिवत् गिरफ्तार कर दिनांक 14.06.25 को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
कलेक्ट्रेट रोड पर अवैध पेड़ कटाई का मामला, सिंचाई विभाग का कर्मचारी निकला जिम्मेदार...
जांजगीर-चांपा।
कलेक्ट्रेट रोड के किनारे स्थित सरकारी जमीन पर दर्जन भर से अधिक हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस हरियाली की ‘हत्या’ के पीछे सिंचाई विभाग में पदस्थ कर्मचारी स्वतंत्र राठौर का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है।
मामले का विवरण:
जानकारी के अनुसार, स्वतंत्र राठौर की निजी भूमि कलेक्ट्रेट रोड के पास स्थित है। आरोप है कि राठौर ने अपनी जमीन के सामने की शासकीय भूमि पर लगे पेड़ों की कटाई कर दी और मिट्टी पाटाई का कार्य भी शुरू कर दिया। बिना किसी वैधानिक अनुमति के किए गए इस कार्य से न केवल सरकारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश हुई, बल्कि इलाके की हरियाली और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा।
शिकायत पर कार्रवाई:
स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद तहसीलदार और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तत्काल प्रभाव से अवैध कटाई स्थल का पंचनामा तैयार कर कटे हुए पेड़ों को जब्त किया गया। जब्त किए गए वृक्षों को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है।
जांच के दौरान टालमटोल:
मौके पर जब अधिकारियों ने जांच शुरू की, तो स्वतंत्र राठौर द्वारा भरपूर टालमटोल की गई। वहीं जब पत्रकारों ने उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने “रॉन्ग नंबर” कह कर बात करने से इनकार कर दिया और खुद को “स्वतंत्र नहीं” होने का नाटक करते रहे।
विभागीय व कानूनी कार्रवाई की तैयारी:
बिना विभागीय अनुमति के किए गए इस कृत्य पर अब प्रशासन सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। तहसीलदार द्वारा पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को विभागीय कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजा जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि स्वतंत्र राठौर के खिलाफ कानूनी व विभागीय कार्यवाही दोनों की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।यह घटना न केवल पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकारी गंभीरता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी उजागर करती है कि कुछ सरकारी कर्मचारी निजी लाभ के लिए किस तरह शासकीय संपत्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं।
स्मृति शेष रामचरण सोनी, पूर्व नपाध्यक्ष चांपा को श्रद्धांजलि अर्पित करने राजेश्री डॉ रामसुंदर दास महंत पहुंचे और पुष्पांजलि देकर सोनी परिवार को ढांढस बंधाया ।
जांजगीर-चांपा
जीवात्मा ईश्वर का अंश हैं और यह मानवीय आत्मा अविनाशी, जन्म-मृत्यु से परे और शुद्ध चैतन्य का हैं ,यह कहना हैं महामंडलेश्वर,राजेश्री डॉ रामसुंदर दास जी महाराज का । वे स्मृति शेष रामचरण सोनी के स्वर्गारोहण पश्चात् सोनी कालोनी चांपा में निवास करने वाले शशिभूषण सोनी के यहां श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि जब सूक्ष्म शरीर स्थूल शरीर को ग्रहण करता हैं, तब मनुष्य का जन्म होता हैं और स्थूल शरीर से पृथक होते ही मृत्यु हो जाती हैं । इस दृष्टिकोण से शरीर की मृत्यु होती हैं लेकिन जीवात्मा ज्यों की त्यों ही बनी रहती हैं । इस अवसर पर आयोजित आदरांजलि सभा को पंडित दिनेश कुमार दुबे, हेमंत सराफ ने भी संबोधित किया । निराला साहित्य मंडल चांपा के प्रधान सचिव डॉ रविन्द्र द्विवेदी जी के संचालन करते हुए कहा कि राजेश्री डां रामसुंदर दास महाराज के उद्गार हमें जीवात्मा की अविनाशी और शुद्ध चैतन्य प्रकृति के बारे में गूढ़ रहस्यों को उजागर कर रहस्योद्घाटन किया । उन्होने रामचरण सोनी को कर्मशील बताते हुए कहा कि रामचरण सोनी जी एक निष्ठावान और समर्पित समाजसेवक के साथ जमीन से जुड़े हुए कार्यकर्ता थे, हमेशा पार्टी के बारे में ही सोचते हुए नगरपालिका अध्यक्ष जैसे पद को सुशोभित किए । वे नगर ही नहीं बल्कि अविभाजित बिलासपुर जिला में होने वाले सामाजिक, धार्मिक और राजनैतिक कार्यक्रमों में निरंतर सक्रिय रहने वाले रामचरण जी की एक व्यापक जनाधार नेता की छवि थी। अंत में उन्होंने समझाते हुए यह भी कहा कि शरीर की मृत्यु के बाद भी जीवात्मा का अस्तित्व बना रहता हैं।
इसके पूर्व परम-पूज्य महा मंडलेश्वर राजेश्री डॉ रामसुंदर दास महंत का आगमन परशुराम मार्ग स्थित सोनी कालोनी चांपा में हुआ। जहां हेमंत सराफ, रामगोपाल गौरहा, विवेक तिवारी, राजकुमार सोनी, विकास तिवारी, डॉ रविन्द्र द्विवेदी, डॉ शांति स्वर्णकार, देवेन्द्र शर्मा, मनोज मित्तल, अनिल कुमार सोनी,शशिभूषण सोनी, श्रीमति शशिप्रभा सोनी और आलोक कुमार सोनी ने उनका स्वागत पादुका पूजन, कौशेय वस्त्र और श्रीफल भेंटकर किया । इस अवसर पर भागवताचार्य पंडित दिनेश कुमार दुबे, पंड़ित नीलमणि गौरहा, पं रामगोपाल गौरहा और पं निर्मल दास वैष्णव की उपस्थिति में पूज्य विद्वजनों का उद्बोधन हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धेय रामचरण सोनी की पावन स्मृति में किया गया था, जिसमें डां रविन्द्र द्विवेदी जी ने शुरू से अंत तक सफल संचालन करके लोगों को बांधे। कार्यक्रम में सोनी की स्मृतियां में आदरांजलि और भावांजलि अर्पित की गई और आरती के बाद स्वल्पाहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम की विशेषताएं।
परम-पूज्य महा मंडलेश्वर का एक-दिवसीय आगमन - परशुराम मार्ग स्थित सोनी कालोनी चांपा में आगमन हुआ।
स्वागत सत्कार - पादुका पूजन, कौशेय वस्त्र और श्रीफल भेंटकर किया गया।
पूज्य विद्वजनों का माल्यार्पण से स्वागत और उद्बोधन - भागवताचार्य पंडित दिनेश कुमार दुबे, पंड़ित नीलमणि गौरहा, पं रामगोपाल गौरहा, और पं निर्मल दास वैष्णव की उपस्थिति में हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन - पूर्व नपाध्यक्ष चांपा श्रद्धेय रामचरण सोनी की पावन स्मृति में उनके ज्येष्ठ पुत्र शशिभूषण सोनी ने अपने कृष्ण कृपा आवास में किया ।
कार्यक्रम का सफल संचालन : शिक्षक और साहित्यकार डॉ रविन्द्र कुमार द्विवेदी जी ने किया।
ज्ञातव्य है कि 93 वर्ष की आयु में रामचरण सोनी का कोरबा में दिनांक 09 मई 2025 को निधन हो गया था। उनके निधन के पश्चात् शशिभूषण सोनी ने अपने निवास स्थान पर पुष्पांजलि कार्यक्रम रखा था उन्होंने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने अंतिम प्रणाम निवेदित किया। यह आयोजन श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके कार्यों को स्मरण करने का आयोजन था, जिसमें परम-पूज्य महा मंडलेश्वर राजेश्री डॉ राम सुंदर महंत का आगमन और पूज्य विद्वजनों का दिव्य और सारगर्भित उद्बोधन हुआ ।
महिला एबीईओ ने कलेक्टर ,डीईओ से मांगा बीईओ बम्हनीडीह का प्रभार महिला होने के कारण डीईओ ने दूसरे ब्लॉक के जूनियर एबीईओ को दिया प्रभार
जांजगीर चांपा -
बम्हनीडीह में पदस्थ एकमात्र एबीईओ रत्ना थवाईत को महिला होने के कारण डीईओ ने उन्हें बम्हनीडीह बीईओ का प्रभार न देकर उनसे जूनियर बलौदा ब्लॉक के एबीईओ ललित जाटवर को दे दिया गया है । डीईओ की महिला विरोधी मानसिकता एबीईओ रत्ना थवाईत को नागवार गुजरी और उन्होंने कलेक्टर और डीईओ से लिखित में बीईओ का प्रभार देने की मांग की है । बम्हनीडीह एबीईओ ने स्कूल शिक्षा सचिव, आयुक्त लोक शिक्षण रायपुर और संयुक्त संचालक बिलासपुर को भी पत्र प्रेषित कर बम्हनीडीह बीईओ के प्रभार के लिए गुहार लगाई है ।
बम्हनीडीह एबीईओ रत्ना थवाईत अक्टूबर 2015 से बम्हनीडीह में कार्यरत है । इसके बाद भी डीईओ ने उन्हें प्रभार नही दिया जबकि शासन के नियमानुसार ब्लॉक में पदस्थ एबीईओ को ही प्रभार देने का प्रावधान है ।लेकिन डीईओ ने शासन के नियमो को दरकिनार कर अपने चहेते एबीईओ को उपकृत करने के लिए प्रभार दे दिया । डीईओ ने यह कहकर प्रभार दिया कि रत्ना थवाईत महिला है वे ठीक ढंग से बीईओ पद के दायित्वों का निर्वहन नही कर सकती है जबकि वे बम्हनीडीह में पिछले दस साल से एबीईओ पद का बखूबी निर्वहन कर रही है । यही नही डीईओ द्वारा एबीईओ रत्ना थवाईत के ऊपर दबावपूर्वक बनाया गया कि लिखकर दे दो कि मैं बीईओ का प्रभार लेना नही चाहती लेकिन एबीईओ रत्ना थवाईत ने लिखकर नही दिया बल्कि उनसे ही लिखित में आवेदन देकर बम्हनीडीह बीईओ का प्रभार मांग लिया गया । सब जगह महिलाओं को उनके अधिकार दिलाये जा रहे है लेकिन डीईओ जांजगीर महिलाओं से उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है ।
बम्हनीडीह में जनपद सीईओ पर महिला , महिला बाल विकास में महिला अधिकारी सहित अन्य महिला अधिकारी अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रही है जिसका संज्ञान डीईओ को लेना चाहिए । केवल महिला होने का हवाला देकर प्रभार से वंचित करना उन्हें एक तरह से प्रताड़ित करना है । डीईओ द्वारा यदि शीघ्र ही महिला एबीईओ को प्रभार नही दिया गया तो शिक्षक संगठन डीईओ के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे है ।
शिक्षक साझा मंच ने भी रत्ना थवाईत को प्रभार देने की मांग की
शासन के नियमों को दरकिनार कर दूसरे ब्लॉक के एबीईओ को प्रभार दिए जाने से शिक्षा साझा मंच के बसंत चतुर्वेदी एवं रविन्द्र राठौर ने कहा कि वे शीघ्र बम्हनीडीह में पदस्थ महिला एबीईओ रत्ना थवाईत को बीईओ का प्रभार देने मांग करेंगे यदि डीईओ द्वारा प्रभार नही दिया गया तो उनके खिलाफ मोर्चा खोलकर प्रभार दिलवाएंगे ।