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NKH हॉस्पिटल में अव्यवस्था और डॉक्टरों की कमी, जांच के बाद शासन से मिला नोटिस... वहीं Sweta हॉस्पिटल को भी कई मामलों पर दी गई नोटिस

कोरबा, विगत दिनों एक प्रसूति महिला की श्वेता हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हुई मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों की लापरवाही से मौत के आरोप लगाए थे और जांच की मांग की थी वहीं आए दिन प्राइवेट हॉस्पिटलों के मनमानी को देखते हुए कलेक्टर कोरबा के निर्देश पर जांच टीम बनाकर जिले के रिश्दी स्थित श्वेता हॉस्पिटल और कोसाबाड़ी स्थित न्यू कोरबा हॉस्पिटल में जांच टीम गठित की गई और ताबड़तोड़ जांच शुरू हुई

जिसमें नर्सिंग एक्ट के तहत कई खामियां पाई गई और इसके बाद जांच टीम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर दोनों हॉस्पिटलों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है लेकिन दोनों हॉस्पिटलों की जांच के बाद एक साथ जारी की गई नोटिस में कुछ तथ्यों को छुपाया गया और भेदभाव किया गया क्योंकि नोटिस जारी करते वक्त श्वेता हॉस्पिटल के संचालक के नाम को उजागर नहीं किया गया जो सवालों के घेरे में है जबकि न्यू कोरबा हॉस्पिटल को जारी नोटिस में संचालक डॉक्टर शोभराज चांदनी के नाम से नोटिस जारी की गई है और वही श्वेता हॉस्पिटल के संचालक के नाम पर सिर्फ श्वेता हॉस्पिटल लिखा गया जो कि कई तरह के सवालों को जन्म दे रही है श्वेता हॉस्पिटल का संचालक कौन है क्या जांच टीम को भी संचालक का नाम नहीं पता या इसे जानबूझकर छुपाया गया दोनों हॉस्पिटल को नर्सिंग एक्ट के उल्लंघन करने पर कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोरबा के द्वारा जारी नोटिस जारी

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के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं

न्यू कोरबा हॉस्पिटल को जारी नोटिस -
  24.06.2025 को दोपहर 3.00 बजे आपकी संस्था न्यू कोरबा हॉस्पिटल कोसाबाड़ी कोरबा का नर्सिंग होम एक्ट के तहत प्राधिकृत निरीक्षण दल द्वारा निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण में आपके प्रतिष्ठान में निम्नानुसार कमियां/अनियमिताएं पाई गई हैः-

1. आपकी संस्था कुल 104 बिस्तर हेतु नर्सिंग होम एक्ट अंतर्गत पंजीकृत है। जिसमें 16 वेड का आई.सी.यू. संचालित किया जा रहा है, चिकित्सालय में कुल 03 एम.बी.बी.एस. चिकित्सक, 10 विशेषज्ञ चिकित्सक एवं अन्य चिकित्सक पदस्थ है। नर्सिंग होम एक्ट के नियमानुसार प्रत्येक 20 बेड पर 01 चिकित्सक एवं 01 नर्सिंग स्टॉफ (प्रत्येक शिपटअनुसार) होना आवश्यक है। किन्तु नर्सिंग होम एक्ट के नियमानुसार चिकित्सालय में ड्यूटी चिकित्सक पर्याप्त नही होना पाया गया।
2. आपकी संस्था द्वारा नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानानुसार बिना सूचना/अनुमति के जिले एवं जिले के बाहर के कई चिकित्सको की सेवाए विजिटिंग चिकित्सक के रूप में सेवाएं लेकर मरीजो के भर्ती उपचार कराया जाना पाया गया।

3. आपकी संस्था को छोटा पैथोलॉजी लैब के संचालन की अनुमति प्राप्त है किन्तु आपकी संस्था द्वारा सभी प्रकार के जांच की सुविधा चिकित्सालय में ही की जा रही है।

आपकी संस्था में उल्लेखित कमियों के आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 के अध्याय 02 के नियम 09 एवं अध्याय 03 के 12 (क) 1,2,3 कंडिका (ख) एवं नियम 13 (अ) में उल्लेखित प्रावधानों का उल्लघंन पाया गया।

अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि उपरोक्तानुसार अनियमितताओं के संबंध में अपना लिखित प्रत्युत्तर पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। अन्यथा छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 के तहत उल्लेखित नियमों के तहत अनुशासनिक कार्यवाही की जावेगी।

विगत दिवस आपकी संस्था श्वेता हॉस्पिटल कोरबा में घटित प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए दिनांक 24.06.2025 को दोपहर 12.00 बजे नर्सिंग होम एक्ट के तहत प्राथिकृत निरीक्षण दल द्वारा निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण में आपके प्रतिष्ठान में निम्नानुसार कमियां/अनियमिताएं पाई गई हैः-
1. नर्सिंग होम एक्ट के नियमानुसार प्रत्येक बेड पर 01 चिकित्सक एवं 01 नर्सिंग स्टॉफ का होना आवश्यक है, किन्तु आपकी संस्था में 30 बेड के मान से केवल 01 एम.बी.बी.एस. चिकित्सक एवं 02 बी.ए.एम.एस. चिकित्सक का ड्यूटी डॉक्टर पदस्थ होना पाया।

2. आपके संस्थान में छोटा पैथोलॉजी लैब के संचालन की अनुमति प्राप्त है किन्तु आपके संस्था में सभी प्रकार के जांच की सुविधा दिया जाना पाया गया।

3. संस्थान में ओ.टी. रजिस्टर के निरीक्षण में पाया गया कि माह जनवरी 2025 से 23.06.2025 तक कुल 368 ऑपरेशन किया गया है। जिसमें से 40 ऑपरेशन डॉ. एम. कुजुर के द्वारा किया जाना पाया गया, जो नर्सिंग होम एक्ट के तहत आपकी संस्था में पंजीकृत नही है।
4. संस्थान में ओ.पी.डी. रजिस्ट्रर के निरीक्षण में शासकीय चिकित्सक डॉ. राकेश वर्मा, डॉ. वेदप्रकाश गित्ते, के द्वारा ओ.पी.डी. मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाना पाया गया। जो नर्सिंग होम एक्ट के तहत आपकी संस्था में पंजीकृत नही है।

5. भर्ती मरीजों के दस्तावेज का परीक्षण करने पर मरीजों का उपचार हेतु विशेषज्ञ चिकित्सक के विजीट के दौरान दस्तावेजों में अपना हस्ताक्षर, समय एवं दिनांक का उल्लेख नहीं किया जा रहा है, सभी दस्तावेजों में संस्था के ड्यूटीरत आर.एम.ओ. (बी.ए.एम.एस.) चिकित्सक द्वारा अपने हस्ताक्षर के साथ दस्तावेजों को बनाया जा रहा है।

6. उक्त संस्थान में निरीक्षण के दौरान ओ.पी.डी. में केवल डॉ. तृप्ती मरकाम एवं डॉ. ब्रिजेश सिदार उपस्थित पाये गये एवं अन्य चिकित्सक जैसे शिशुरोग विशेषज्ञ, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जन, एवं अन्य चिकित्सक उपस्थित नही थे, और न संबंधितों के उपस्थिति पंजी प्रस्तुत किया गया।
आपकी संस्था में उल्लेखित कमियों के आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 के अध्याय 02 के नियम 09 एवं अध्याय 03 के 12 (क) 1,2,3 कडिका (ख) एवं नियम 13 (अ) में उल्लेखित प्रावधानों का उल्लघंन पाया गया।

अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि उपरोक्तानुसार अनियमितताओं के संबंध में अपना लिखित प्रत्युत्तर पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। अन्यथा छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 के तहत उल्लेखित नियमों के तहत संस्था का निलंबन / अनुशासनिक कार्यवाही की जावेगी। (कलेक्टर महोदय द्वारा अनुमोदित)

लेकिन बड़ा सवाल श्वेता हॉस्पिटल संचालक कौन है?

आखिर क्यों जांच रिपोर्ट में उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया?

अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन इस संवेदनशील मामले में पारदर्शिता बरतते हुए पूरी सच्चाई सामने लाते हैं या सवालों का धुंधलका बरकरार रहता है।

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