दुर्ग पुलिस की साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई, 23 म्यूल अकाउंट धारक गिरफ्तार
साइबर ठगी की काली कमाई के नेटवर्क का भंडाफोड़, बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों पर कसा शिकंजा
विजय मिश्रा, ब्यूरो चीफ दुर्ग-भिलाई
दुर्ग, 30 जून 2026। साइबर ठगी से अर्जित अवैध धनराशि को ठिकाने लगाने वाले एक बड़े म्यूल अकाउंट नेटवर्क का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना छावनी पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर एक साथ कार्रवाई करते हुए 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग कमीशन के लालच में अपने तथा अन्य लोगों के बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग देशभर में होने वाली ऑनलाइन ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया जाता था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई जिले में साइबर अपराध के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
बैंक खाते बने साइबर ठगों का जरिया
थाना छावनी में दर्ज अपराध क्रमांक 312/2026 की विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि कई लोग अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक एवं अन्य बैंकिंग दस्तावेज साइबर अपराधियों को कमीशन के बदले उपलब्ध करा रहे थे।
इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को एक खाते से दूसरे खाते में स्थानांतरित कर उसकी वास्तविक स्रोत की पहचान छिपाने का प्रयास किया जाता था। साइबर अपराध की भाषा में ऐसे खातों को "म्यूल अकाउंट" कहा जाता है।
तकनीकी जांच से सामने आया पूरा नेटवर्क
पुलिस ने बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल डेटा, डिजिटल साक्ष्यों तथा वित्तीय रिकॉर्ड का गहन विश्लेषण किया। जांच के आधार पर 29 जून को एक साथ छापेमार कार्रवाई करते हुए 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
- 11 मोबाइल फोन
- 3 एटीएम कार्ड
- 3 बैंक पासबुक
- 3 आधार कार्ड
- 3 चेकबुक
- अन्य बैंकिंग एवं इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज
बरामद किए हैं। जब्त सामग्री की फोरेंसिक एवं तकनीकी जांच कराई जा रही है।
मामूली कमीशन के लालच में बने साइबर नेटवर्क का हिस्सा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अधिकांश आरोपी मामूली कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते साइबर गिरोहों को उपलब्ध कराते थे। कई मामलों में खाताधारकों को यह भी जानकारी नहीं थी कि उनके खातों का उपयोग देशभर में हुई करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की राशि के लेन-देन के लिए किया जा रहा है।
भिलाई के विभिन्न क्षेत्रों से आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में खुर्सीपार, छावनी, कैम्प-2, वैशाली नगर, सुपेला, स्मृति नगर, कोहका तथा भिलाई के अन्य क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं। सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3) एवं 318(4) के तहत कार्रवाई की गई है।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, मोबाइल सिम या अन्य बैंकिंग दस्तावेज किराये पर अथवा कमीशन के बदले उपलब्ध न कराएं। ऐसा करना स्वयं को भी साइबर अपराध की श्रेणी में ला सकता है और संबंधित खाताधारक के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि म्यूल अकाउंट नेटवर्क पर यह कार्रवाई साइबर अपराधियों की आर्थिक गतिविधियों पर प्रभावी प्रहार है। इस अभियान से ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोहों की वित्तीय श्रृंखला को तोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता मिलने की उम्मीद है। साथ ही साइबर अपराध के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।