दुर्ग में अंधे कत्ल का खुलासा : 1500 रुपये के विवाद में युवक की हत्या, शव कुएं में फेंका
विजय मिश्रा, ब्यूरो चीफ दुर्ग-भिलाई
दुर्ग, 19 जून 2026। मोहन नगर थाना क्षेत्र में 26 वर्षीय युवक की निर्मम हत्या कर शव को कुएं में फेंकने के सनसनीखेज मामले का दुर्ग पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सात अपचारी बालकों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महज 1500 रुपये के लेन-देन के विवाद ने एक युवक की जान ले ली।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि 18 जून की रात प्रार्थी दुर्गा सारथी को सूचना मिली थी कि शक्ति नगर स्थित पशु आहार किसान राइस मिल परिसर के कुएं में एक युवक का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही मोहन नगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर जांच प्रारंभ की।
मृतक की पहचान यशवंत सारथी (26 वर्ष) के रूप में हुई। शव पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए थे। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि युवक की हत्या अत्यंत क्रूर तरीके से की गई थी। उसके सिर पर भारी वस्तु से वार किया गया था तथा सीना, पेट और पीठ पर धारदार कटर से हमला किया गया था।
1500 रुपये के विवाद में रची गई हत्या की साजिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना मोहन नगर पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज कर विशेष जांच टीम गठित की। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने घटना में शामिल सात अपचारी बालकों को चिन्हित कर हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार मृतक यशवंत सारथी ने मुख्य आरोपी से 1500 रुपये उधार लिए थे। कई बार मांगने के बावजूद रकम वापस नहीं मिलने से आरोपी उसके प्रति नाराज था। इसी रंजिश ने धीरे-धीरे हिंसक रूप ले लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पूर्व नियोजित योजना के तहत 17 जून की रात यशवंत को फोन कर शक्ति नगर क्षेत्र में बुलाया। वहां पहले से मौजूद अन्य साथियों ने उसे घेर लिया। इसके बाद पत्थर से उसके सिर पर ताबड़तोड़ हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी आरोपियों ने कटर से उसके शरीर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
साक्ष्य मिटाने के लिए कुएं में फेंका शव
हत्या के बाद आरोपी साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को समीप स्थित कुएं में फेंककर फरार हो गए। अगले दिन शव मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पत्थर, कटर तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए हैं। बरामद सामग्री को फोरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि छोटे-छोटे आर्थिक या व्यक्तिगत विवादों को हिंसा का रूप न लेने दें। किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें तथा असामाजिक गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच और सतत निगरानी के कारण इस अंधे कत्ल की गुत्थी 24 घंटे के भीतर सुलझा ली गई। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई किशोर न्याय अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत की जा रही है।
महज 1500 रुपये के विवाद में हुई यह हत्या समाज में बढ़ती हिंसक प्रवृत्तियों की गंभीर तस्वीर प्रस्तुत करती है, जिसने एक परिवार से उसका युवा बेटा हमेशा के लिए छीन लिया।