जिला
06 अगस्त को होगा सत्र का पहला पालक-शिक्षक बैठक जिला शिक्षा अधिकारी ने पालकों से की अपील विद्यालयों में उपस्थित होकर जानें, अपने बच्चों के शैक्षणिक गतिविधियां
विकास कुमार यादव- बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर-
स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा प्रथम पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन अगस्त के प्रथम सप्ताह में किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। इस तारतम्य में जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के समस्त स्कूलों में 06 अगस्त 2025 को पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के मार्गदर्शन में जिले के 2289 (शासकीय एवं अशासकीय) विद्यालयों में विद्यालय स्तर पर पालक-शिक्षक बैठक आयोजित किया जाएगा।
कलेक्टर द्वारा पालक-शिक्षक बैठक के आयोजन हेतु जिला शिक्षा अधिकरी डॉ. डी.एन. मिश्रा एवं जिला मिशन समन्वयक, रामप्रकाश जायसवाल, समग्र शिक्षा बलरामपुर एवं जिले के सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार कराने हेतु निर्देर्शित किया है। जिसमें शिक्षक, सभी छात्र/छात्राओं के पालकों, जनप्रतिनिधि, जनसमुदाय, महिलाओं की उपस्थिति अनिवार्य रूप से किया जाना है। पालक-शिक्षक बैठक का मुख्य उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई के लिए उचित वातावरण, छात्र/छात्राओं की दिनचर्या, बच्चों ने आज क्या सीखा, बच्चा बोलेगा बेझिझक, बच्चों की अकादमिक प्रगति एवं परीक्षा पर चर्चा, बस्ता रहित शनिवार, विद्यार्थियों के आयु/कक्षा अनुरूप स्वास्थ्य परीक्षण एवं पोषण की जानकारी, जाति/आय/निवास प्रमाण पत्र, न्योता भोज, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं/छात्रवृत्ति एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी पर चर्चा, पॉक्सो एक्ट 2012 का व्यापक प्रचार-प्रसार करना आदि बिन्दुओं पर बृहद रूप से चर्चा की जाएगी।
साथ ही विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से शिक्षा के प्रति जागरूकता जैसे दीक्षा एप्प, ई-जादुई पिटारा, डिजिटल लाईब्रेरी आदि की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। ताकि पालक शिक्षा के डिजिटल प्लेटफार्म से अवगत हो सकें। जिला प्रशासन एवं जिला शिक्षा कार्यालय व समग्र शिक्षा की ओर से पूरे बलरामपुर के शासकीय/अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के पालकों व अभिभावकों से अपील की है कि 06 अगस्त 2025 को अपने बच्चों के विद्यालयों में पालक-शिक्षक बैठक में अधिक से अधिक उपस्थित हो कर अपने बच्चों के शिक्षा एवं प्रगति तथा दिनचर्या के बारे जाने और समय-समय पर आयोजित पालक शिक्षक बैठक में शामिल होकर अपने बच्चों की प्रगति के बार में शिक्षको से चर्चा करें।
डीएव्ही स्कूलों में द्वितीय चरण में प्रेवश के लिए रिक्त सीट जारी 05 अगस्त तक प्रवेश के लिए करें आवेदन
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर -
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया है जिले में संचालित डीएव्ही मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल भंवरमाल, पतरातू एवं प्रेमनगर में द्वितीय चरण के प्रवेश हेतु आरटीआई की 25 प्रतिशत एवं शासकीय कोटा की 08 प्रतिशत सीट रिक्त है। जिसके तहत उन्होंने बताया है
कि कक्षा एलकेजी में डीएव्ही पतरातू में आरटीआई की 02 सीट, यूकेजी में डीएव्ही पतरातू में आरटीआई की 01 तथा शासकीय कोटा की 07, कक्षा 2री में डीएव्ही पतरातू में आरटीआई की 01, कक्षा 3री डीएव्ही पतरातू में आरटीआई की 01, कक्षा 4थी में डीएव्ही भंवरमाल में आरटीआई की एक व शासकीय कोटा की 01, डीएव्ही पतरातू में शासकीय कोटा की 05 तथा डीएव्ही प्रेमनगर में शासकी कोटा की 02, कक्षा 5वीं में डीएव्ही पतरातू में शासकीय कोटा की 02, डीएव्ही प्रेमनगर में शासकीय कोटा की 01, कक्षा 6वीं में डीएव्ही भंवरमाल में शासकीय कोटा की 01, डीएव्ही पतरातू में आरटीआई की 05 एवं शासकीय कोटा की 02, कक्षा 07 वीं में डीएव्ही भंवरमाल में आरटीआई की 01 एवं शासकीय कोटा की 06, डीएव्ही पतरातू में आरटीआई की 09 तथा शासकीय कोटा की 06, डीएव्ही प्रेमनगर में आरटीआई की 02 तथा शासकीय कोटा की 02, कक्षा 8वीं में डीएव्ही भंवरमाल में आरटीआई की 05 एवं शासकीय कोटा की 07, डीएव्ही पतरातू में आरटीआई की 08 तथा शासकीय कोटा की 07 एवं डीएव्ही प्रेमनगर में आरटीआई की 01 तथा शासकीय कोटा की 03 सीट रिक्त है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया है कि उक्त रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु द्वितीय चरण की चयन प्रक्रिया के लिए आवेदन निर्धारित प्रारूप में कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी रामानुजगंज में 05 अगस्त 2025 तक कार्यालयीन समय में जमा किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर-रामानुजगंज से संपर्क किया जा सकता है।
लटुवा में हुआ एक दिवसीय उपभोक्ता जागरुकता अभियान शिविर का आयोजन
गोविंद राम जिला ब्यूरो
बलौदाबाजार विकास खंड के ग्राम लटुआ में आज उपभोक्ता जागरूकता अभियान शिविर का आयोजन हुआ जिसमें
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती माता की पूजन से हुआ। जहां मुख्य अतिथि चितरंजन कुमार पर्वत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन,अध्यक्षता नरेश गनशानी अध्यक्ष (प्रेस क्लब बलौदा बाजार ),विशेष अतिथि खुलेश वर्मा प्रदेश अध्यक्ष ,सदस्य रेल्वे सलाहकार समिति रायपुर,प्रेस क्लब के सलाहकार राघवेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
धोखाधड़ी और शोषण से कैसे बचें--चितरंजन कुमार पर्वत
मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि उपभोक्ता जागरूकता अभियान का अर्थ है उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, जिम्मेदारियों और कानूनी सुरक्षा के बारे में शिक्षित करना, ताकि वे बाजार में सूचित निर्णय ले सकें और शोषण से बच सकें।उपभोक्ता जागरूकता अभियान के मुख्य उद्देश्य हैं कि उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देना,और यह सुनिश्चित करना कि उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों, जैसे कि सूचना का अधिकार, चुनने का अधिकार, सुरक्षा का अधिकार, और शिकायत निवारण का अधिकार, के बारे में पता हो।उपभोक्ताओं को उनके कर्तव्यों के बारे में जानकारी देना जिसमें यह सुनिश्चित करना कि उपभोक्ता वस्तुओं और सेवाओं को खरीदते समय सावधानी बरतें, लेबल पढ़ें, कीमतों की तुलना करें, और शिकायत दर्ज करने में सक्रिय रहें।उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी और शोषण से बचाना जिसमें यह सुनिश्चित करना कि उपभोक्ता नकली उत्पादों, भ्रामक विज्ञापनों, और घटिया सेवाओं से बचें।
अपने कानूनी अधिकारों एवं कर्तव्यों को समझे--खुलेश वर्मा
उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के बारे में जागरूकता बढ़ाना बहुत जरूरी है जिसमें यह सुनिश्चित करना कि उपभोक्ता अपने कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझें और उनका उपयोग करें।
उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना भी हमारा दायित्व है और यह सुनिश्चित करना कि उपभोक्ता बाजार में आत्मविश्वास से काम कर सकें और अपने हितों की रक्षा कर सकें।उपभोक्ता जागरूकता अभियान विभिन्न तरीकों से चलाए भी जाते हैं, जैसे--शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रम स्कूलों, कॉलेजों, और सामुदायिक केंद्रों में उपभोक्ता शिक्षा कार्यक्रम आयोजित करना।जागरूकता अभियान के माध्यम रेडियो, टीवी, समाचार पत्रों, और सोशल मीडिया जैसे विभिन्न माध्यमों का उपयोग करके जागरूकता अभियान चलाया जाता है। जिसमें उपभोक्ता संरक्षण कानूनों का कार्यान्वयन हेतु उपभोक्ता संरक्षण कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करना और उपभोक्ताओं को न्याय दिलाना होता है।
जागरूकता अभियान पूरे समाज के लिए महत्वपूर्ण है--नरेश गनशानी
शिविर में अध्यक्षता कर रहे नरेश गनसानी ने कहा कि उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करना हमारी पहली प्राथमिकता है और उपभोक्ताओं के लिए शिकायत दर्ज करने और उनका समाधान पाने की प्रक्रिया को आसान बनाना।
उपभोक्ता जागरूकता अभियान न केवल उपभोक्ताओं के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह एक स्वस्थ और न्यायसंगत बाजार सुनिश्चित करने में मदद करता है। इसलिए आप सदैव तत्पर रहे और जागरूकता अभियान में अपनी जन भागीदारी दिखने एवं समाज में इस बात को प्रचार प्रसार करने के कार्य में हमेशा बन रहे।
वस्तुओं या सेवाओं का अंतिम उपयोगकर्ता ही उपभोक्ता हैं--मिथलेश वर्मा
उपभोक्ता संस्थान के जिला इकाई के अध्यक्ष मिथलेश वर्मा ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, जो उत्पाद या सेवा खरीदने वाले खरीदार के अलावा, उसकी अनुमति लेकर उत्पाद का उपभोग करता है, उपभोक्ता कहलाता है। सरल शब्दों में, वस्तुओं या सेवाओं का अंतिम उपयोगकर्ता उपभोक्ता कहलाता है। अर्थव्यवस्था में शामिल सभी व्यक्ति उत्पाद के उपभोक्ता होते हैं।इस तरह से
स्थायी जीवनशैली में न्यायसंगत बदलाव के लिए एकजुट हुए हैं । इस थीम में सभी उपभोक्ताओं के लिए स्थायी और स्वस्थ जीवनशैली के विकल्प उपलब्ध, सुलभ और किफ़ायती बनाने की तत्काल आवश्यकता को दर्शाया गया है —साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि ये बदलाव लोगों के मूल अधिकारों और ज़रूरतों को बनाए रखें।अंत में मिथलेश वर्मा के आग्रह पर राघवेन्द्र सिंह द्वारा अतिथियों का आभार प्रकट किया गया जहां आज कार्यक्रम में मुख्य रूप से दुर्गेश वर्मा जिला अध्यक्ष रायपुर, दिलीप शर्मा जिला अध्यक्ष राजनांदगांव, मंजू जायसवाल महामंत्री रायपुर, मोहित मरकाम सहसचिव, ललिता नायक उपाध्यक्ष, (महिला) ओमनारायण साहू उपाध्यक्ष, लक्षण कनौजे, मार्कण्डेय कनौजे, चन्दन नायक, करुणा वर्मा, सावित्री वर्मा, अखिलेश कनौजे, नंदकिशोर वर्मा, दुष्यंत कनौजे, नेपाल नायक, प्रमोद यादव, संगीता वर्मा, ईश्वर कनौजे, कार्तिक श्रीवास, गोविंद विश्वकर्मा, सोनाराम मरावी, सोनू वर्मा, अनुज वर्मा,मिथलेश वर्मा जिला अध्यक्ष बलौदाबाजार सहित बहुतायत संख्या में लोग उपस्थित रहे।
गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए पालक बालक और शिक्षक का समन्वय जरूरी है __जामवंती साहू
गोविंद राम जिला ब्यूरो बलौदा बाजार
बलौदा बाजार जिले के सभी स्कूलों में पालक को शिक्षा के प्रति जागरूक करते हुए तथा बच्चों के साथ परस्पर संबंध बनाते हुए परस्पर संबंधों के बीच में चर्चा परिचर्चा का कार्यक्रम संपूर्ण बलौदा बाजार जिले में कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें मुख्य अतिथि जनपद सदस्य श्रीमती जामवती नीलकमल साहू जनपद सभापति स्वच्छता विभाग के द्वारा विकास खंड पलारी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दतान प में शासन के आदेशानुसार शिक्षक पालक बैठक का आयोजन किया गया था जिसमें मां सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। उक्त कार्यक्रम में उपस्थित जनपद सदस्य श्रीमती जामवंती नीलकमल साहू ने अपने उद्बोधन में शिक्षा गुणवत्ता पर जोर दिया
शिक्षक पालक और बालक तीनों मिलकर एक अच्छा गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं तीनों में समन्वय जरूरी है। विकास खंड शिक्षा अधिकारी नरेश वर्मा ने पालकों को बच्चों के शिक्षा दीक्षा पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
इसके अलावा शाला विकास समिति के अध्यक्ष साधराम बार्ले व्याख्याता विजय कुर्रे धर्मेंद्र रात्रे ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर प्रमुख रूप से मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पंचायत पलारी मनोज बंजारा विकास खंड शिक्षा अधिकारी नरेश वर्मा जनपद सदस्य जामवंती नीलकमल साहू विधायक प्रतिनिधि मोहन ध्रुव केसरी वर्मा हेमकुमार साहू सुंदर फेकर रामसिंह साहू महेश्वर साहू सुनिल पात्रे जनक ध्रुव प्राचार्य मनोज वर्मा डॉ कोमल वैष्णव पीके साहू विजय कुर्रे अरविंद ध्रुव रविशंकर साहू, देवेन्द्र लहरे योगेश वर्मा समन्वयक पूजा जायसवाल महेश्वरी वर्मा गीता श्रेय कविता साहू मोंगरा साहू आदि उपस्थित थे।मंच संचालन डॉ कोमल वैष्णव ने किया।
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग में कार्यभार का असंतुलन, विकास कार्य ठप
गोविंद राम जिला ब्यूरो बलौदा बाजार
एक पद का बोझ ही भारी, तीन पदों की जिम्मेदारी कैसे निभाएं
बलौदाबाजार:-
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग, जो कि गांवों के आधारभूत ढांचे के निर्माण में रीढ़ की हड्डी मानी जाती है, आज खुद प्रशासनिक ढांचे की अनदेखी का शिकार हो चुकी है। जिस कारण जिला बलौदाबाजार में इन दिनों ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। विभाग के एक ही अधिकारी पर तीन-तीन जिम्मेदारियाँ डाल देने से न केवल प्रशासनिक संतुलन बिगड़ा है, बल्कि जिले के सैकड़ों पंचायतों के निर्माण कार्य भी अधर में लटके हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री योगेश खांडे वर्तमान में कार्यपालन अभियंता (E.E.) जिला ग्रामीण यांत्रिकी सेवा बलौदाबाजार, एस.डी.ओ बलौदाबाजार जनपद , और एस.डी.ओ कसडोल जनपद सहित इन तीनों पदों का दायित्व एक साथ निभा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कसडोल जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है, और वहां भी प्रतिदिन तकनीकी निरीक्षण एवं स्वीकृति से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य होते हैं। एक ही व्यक्ति के द्वारा तीनों स्थानों की जिम्मेदारी एक साथ निभा पाना न तो प्रशासनिक रूप से उचित है, न ही व्यावहारिक रूप से संभव। कार्यपालन अभियंता के रूप में अधिकारी को पूरे जिलेभर के निर्माण कार्यों की निगरानी, तकनीकी स्वीकृति, निरीक्षण और समन्वय करना होता है, जो अपने आप में पूर्णकालिक दायित्व है और इसी में अधिकांश समय व्यतीत हो जाता है।
कार्य का दबाव, विकास की धीमी रफ्तार
बलौदाबाजार जिले की ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, शासकीय भवन अहाता निर्माण, नाली, पुल-पुलिया, सीसी रोड निर्माण एवं मरम्मत, सामुदायिक भवन, शेड निर्माण जैसे अनेकों महत्वपूर्ण कार्य प्रतिवर्ष स्वीकृत होते हैं। इन कार्यों की तकनीकी स्वीकृति, माप, निरीक्षण और क्रियान्वयन की पूरी प्रक्रिया ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा नियंत्रित की जाती है।
लेकिन जब एक ही इंजीनियर तीन अलग-अलग क्षेत्रीय इकाइयों का प्रभार सँभाल रहा हो, तो यह उम्मीद करना कि वह सभी स्थानों पर समय पर उपस्थित होकर कार्यों को गति देगा, व्यावहारिक नहीं है।
ग्रामीण इलाकों में ऐसे अनेकों उदाहरण सामने आ रहे हैं, जहाँ फाइलें महीनों से लंबित हैं, पंचायतें बार-बार जनपद एवं जिला कार्यालय के चक्कर काट रही हैं, लेकिन स्वीकृति और निरीक्षण का समय नहीं मिल पा रहा। इसका सीधा असर विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता पर पड़ रहा है।
प्रशासनिक लापरवाही या मजबूरी
प्रश्न यह उठता है कि क्या जिले में इंजीनियरों की इतनी कमी है कि एक ही अधिकारी पर तीन महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी सौंप दी जाए? क्या यह शासन की योजनाओं और जनता के साथ खिलवाड़ नहीं है? प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि एक अधिकारी को यदि क्षमता से अधिक भार सौंपा जाता है, तो न केवल कार्य प्रभावित होता है, बल्कि भ्रष्टाचार, अनियमितता, और प्रशासनिक विफलता की संभावना भी बढ़ जाती है।
विभागीय संरचना पर प्रश्नचिन्ह
यह भी विचारणीय है कि ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की संरचना इस प्रकार बनाई गई है कि प्रत्येक जनपद में एक एस.डी.ओ. नियुक्त होता है और जिला स्तर पर एक कार्यपालन अभियंता होता है। यदि इन पदों पर नियमित नियुक्ति नहीं की गई है, तो यह विभागीय उदासीनता को दर्शाता है। इससे न केवल विकास योजनाओं की समयसीमा पर असर पड़ता है, बल्कि शासन के ‘समयबद्ध, पारदर्शी और जनोन्मुखी प्रशासन’ के दावे भी खोखले साबित होते हैं।
चिरमिरी में पीलिया का प्रकोप, प्रशासन ने बनाई टीम
मनेंद्रग-चिरमिरी-भरतपुर
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के नगर निगम चिरमिरी में पीलिया का है। जिला अस्पताल में 40 से अधिक मरीज भर्ती हैं। इसके अलावा प्राइवेट अस्पताल के साथ कुछ लोग घर में रहकर इलाज करा रहे हैं। मरीजों में सबसे अधिक बच्चों की संख्या है।
इस मामले में जिला प्रशासन ने एक संयुक्त टीम बनाई है। जिसमें चिरमिरी SDM विजेंद्र सारथी की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम अमला है। टीम प्रभावित वार्डों का दौरा कर सर्वे कार्य कर रही है।
चार विभागों के संयुक्त टीम ने सर्वे किया। जिसमें मुख्य रूप से गंदा पानी और वार्डों में साफ-सफाई मुख्य कारण सामने आया है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल छोटा बाजार में मेडिकल कैम्प लगाने का निर्णय लिया है। मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी अविनाश खरे ने बताया कि प्रभावित वार्डों का सर्वे कराया जा रहा है। सभी घरों में क्लोरीन की गोली दी जा रही है। साथ ही सभी को समझाइश दी जा रही है कि झाड़फूंक पर विस्वास न करें। बीमार पड़ने पर अस्पताल में इलाज कराए। इसके अलावा छोटा बाजार में मेडिकल टीम तैनात की जा रही है।
ग्राम दुरती में ब्लॉक स्तरीय आयुष स्वास्थ्य मेला का किया गया आयोजन -345 ग्रामीणों को मिला निःशुल्क उपचार
बिहान छत्तीसगढ़ प्रतापपुर संवाददाता सुरज निर्मलकर
सूरजपुर/01 अगस्त 2025/
रजत जयंती के अवसर पर संचालनालय आयुष रायपुर के निर्देशानुसार एवं जिला आयुष अधिकारी सूरजपुर के दिशा निर्देश में शिविर प्रभारी डॉ संतोष सिंह एवं चिकित्सक दल द्वारा खंड स्तरीय निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य मेला विकासखंड प्रतापपुर के ग्राम दुरती में मुख्य अतिथि प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा के अध्यक्षता में भगवान धन्वंतरि एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छाया चित्र के सामने दीप प्रज्वलन कर शुभारम्भ किया गया, इस दौरान स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि दुरती सरपंच एवं अन्य सेक्टर एवं ब्लॉक स्तर के जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
शिविर प्रभारी डॉ सिंह ने स्वागत उद्बोधन के साथ आयुष विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों के बारे में बताते हुए कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति हमारे देश की सबसे प्राचीन एवं कारगार चिकित्सा पद्धति है वर्तमान में केंद्र एवं छत्तीसगढ़ सरकार आयुष चिकित्सा पद्धति को सभी चिकित्सा संस्थानों में एक ही छत के नीचे आम नागरिकों के सुविधा एवं उनके रोगों के गंभीरता को देखते हुए सभी चिकित्सा विकल्प, आयुर्वेद, होमियोपैथी, योग, यूनानी, सिद्ध, सभी पद्धति के उपचार परामर्श एवं औषधियां प्रदाय की जा रही है, 60 वर्ष से ऊपर के वृद्ध जनों के लिए प्रत्येक सप्ताह गुरुवार को सियानजतन क्लिनिक/ वयोमित्र के तहत निशुल्क चिकित्सा परामर्श दिया जाता है, गर्भवती माताओं के लिए सुप्रजा कार्यक्रम, एनिमिया के रोकथाम हेतु कार्यक्रम, स्कूली छात्र छात्राओं हेतु पहली से बारहवीं तक के लिए आयुर्विद्या कार्यक्रम, गठिया रोगों के लिए, गैरसंचारी रोगों के लिए एन. सी. डी, क्लिनिक, लाइफस्टाइल क्लिनिक, घर पर बिस्तर में पड़े जराजन्य रोगियों के देखभाल हेतु पाॉलेटिव केयर कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं।
विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार एवं राज्य की विष्णु सरकार की ही देन है की आज आयुर्वेद और योग को देश एवं विदेश में घर घर प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प के साथ ही सभी अपने अपने जीवन शैली में बदलाव लाने एवं छोटे रोगों सर्दी खासी से लेकर गैर संचारी रोगों बी पी, डायबिटीज, और कैंसर जैसे गभीर रोगों के उपचार आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से बिना किसी साइड इफ़ेक्ट से कराना संभव हो रहा है उन्होंने कोरोनाकाल की याद दिलाते हुए कहा कि प्रतिदिन रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए गिलोय, अदरक, तुलसी, काली मिर्च, के काढ़े सेवन कर अपनी परिवार और अपने लोगों को प्रेरित किया,उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य रहने के लिए हमें आयुर्वेद को शुरुआत से ही अपने खान पान में शामिल कर अपने जीवन शैली में बदलाव करने के साथ साथ प्रतिदिन योग करना चाहिए। उन्होंने शिविर में आयोजित स्कूली बच्चों द्वारा औषधि पौधों के स्टॉल एवं पोस्टर के माध्यम से प्रदर्शिनी का अवलोकन कर आयोजन समिति की तारीफ करते हुए इसे अन्य बड़े जगहों पर करने हेतु निर्देश दिए।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा ने कहा कि आयुर्वेद हमारे देश की चिकित्सा पद्धति है इसे फिर से स्थापित करने के लिए हम सभी को जागरूक होकर अपने आस पास के वनों में औषधि पौधों को बचाने की जरूरत है और सामान्य बीमारियों में इसके उपयोग हेतु बच्चों को शुरुआत से ही शिक्षित करने की जरूरत है।
आयुष मेला में वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत अतिथियों द्वारा ’एक पेड़ माँ के नाम’ औषधि पौधे, अर्जुन, अशोक, आदि पौधे आयुष्मान आरोग्य मंदिर दुरती प्रांगण में रोपण किया गया।
दुरती हायर सेकेंडरी स्कूल के 11वीं ,12 वीं के स्कूली छात्र छात्राओं द्वारा स्वागत हेतु स्वागत नृत्य के साथ मनमोहक प्रस्तुति दी गई एवं छात्रों द्वारा आयुर्वेद के विभिन्न विषयों के तहत पोस्टर, औषधि पौधों की प्रदर्शनी करते हुए औषधियों की उपयोगिता के बारे में अतिथियों एवं ग्रामीणों को जानकारी दी गई, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान वालों को अतिथियों के हांथो से विभाग द्वारा प्रदाय किये गये प्रशस्ति पत्र एवं उपहार से पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गयाद्य शिविर में रक्तजाँच,नेत्र जाँच, आयुष्मान कार्ड , रोगप्रतिरोधक आयुष काढ़ा का वितरण किया गया एवं आयुर्वेद एवं होमियोपैथी चिकित्सकों द्वारा लगभग 345 रोगियों एवं ग्रामीणों को आयुष चिकित्सा परामर्श देते हुए निशुल्क औषधियों का वितरण किया गया ।
शिविर को सफल बनाने में ग्राम दुरती सरपंच श्रीमती पंचमड़ी सिंह, डॉ महंत लाल सोनवानी, डॉ राखी केशरवानी, डॉ नीलेश सिकरवार, डॉ स्वाति पटेल, प्राचार्य श्रीमती ज्योत्सना ,अमित सोनी,मोहित राम, एम डी राजा, आर. पी. गुप्ता, भूपेश सिदार, जयराम सिंह, ए. एन. एम,पार्वती राजवाड़े,लीलावती राजवाड़े, शिक्षिका -वीना उपाध्याय,लालसा रानी, नैना माधुरी कुजूर, कृपाशंकर रवि, अनुज कुमार आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही, मंच संचालन संकुल समन्वयक श्री शिव दुलार पाटले द्वारा किया गया।
प्रतापपुर आबकारी विभाग ने अवैध शराब पर की बड़ी कार्रवाई
बिहान छत्तीसगढ़ प्रतापपुर संवाददाता सुरज निर्मलकर की रिपोर्ट
सूरजपुर/30 जुलाई 2025
/ जिले में आबकारी वृत प्रतापपुर की टीम ने अवैध शराब के विरुद्ध की बड़ी कार्रवाई। प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक श्री प्रदीप वर्मा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। टीम को सूचना मिली की मोहली थाना चांदनी क्षेत्र के निवासी द्वारा अवैध रूप से विदेशी और देशी मदिरा का भंडारण एवं विक्रय किया जा रहा था, जिसे तत्काल आबकारी टीम के द्वारा दबिश दी गई।
जहां मकान से 109 नग कांच की शीशी में भरा विदेशी मदिरा गोवा व्हिस्की मात्रा 19.620 लीटर, 34 नग प्लास्टिक शीशी में भरी देशी मसाला मदिरा एवं 2 नग 5 लीटर क्षमता वाले प्लास्टिक के जरीकेन में भरा 10 लीटर महुआ मदिरा कूल 35.74 लीटर मदिरा बरामद कर जप्त कर सीलबंद करके कब्जे में लिया गया। आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)क, 34(2), 36, 59(क) के तहत गिरफ्तार किया गया है।
उक्त कार्यवाही में आबकारी उप निरीक्षक वीरेंद्र रात्रे, पारसनाथ गुप्ता, मेवालाल सोनवानी, आरक्षक कमलेश्वर राजवाडे, महिला नगर सैनिक बिंदु राजवाडे, नगर सैनिक राकेश कुशवाहा, होलसाय एवं प्रमोद साहू की महत्वपूर्ण योगदान रही है।
अंतर्राज्यीय फॉरेस्ट समन्वय बैठक संपन्न वन्यजीव संरक्षण और मानव-हाथी द्वंद्व पर बनी संयुक्त कार्ययोजना सीमावर्ती वनों की सुरक्षा हेतु साझा प्रयास
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर -
जिले के विकासखण्ड वाड्रफनगर फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय फॉरेस्ट समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य सीमावर्ती जंगलों में बढ़ती वन्यजीव गतिविधियों, वन अपराधों और मानव-हाथी द्वंद्व जैसी समस्याओं के समाधान हेतु आपसी समन्वय स्थापित करना था। जिसमें छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और झारखंड के वन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। समन्वय बैठक में बलरामपुर वनमंडलाधिकारी आलोक बाजपेयी ने अध्यक्षता की। जिसमें झारखण्ड राज्य के गढ़वा जिले के वनमंडलाधिकारी अंशुमन राजहंस, वनमंडलाधिकारी एविन अब्राहम, मध्यप्रदेश के सिंगरौली से आरएफओ हर्षिती मिश्रा, उत्तरप्रदेशके सोनभद्र से आरएफओ उषा देवी, उपवनमंडल अधिकारी अनिल सिंह पैकरा, संतोष पांडेय, निखिल सक्सेना सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और वनकर्मी उपस्थित रहे।
संवेदनशील विषयों पर की गई विस्तृत चर्चा
बैठक में हाथियों के बढ़ते विचरण, उनके द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही क्षति, मानव-हाथी संघर्ष और इसके दुष्परिणामों पर अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव साझा किए। साथ ही सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती अवैध लकड़ी तस्करी और अन्य वन अपराधों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में राज्य सीमाओं के आर-पार होने वाली वन्य जीव गतिविधियों और अपराधों पर नियंत्रण के लिए एक मजबूत और संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया गया।
साझा रणनीति और सूचना तंत्र पर दिया गया जोर
बैठक में आपसी सहमति से निर्णय लिया गया कि चारों राज्यों के वन विभागों के बीच आपसी सूचना का आदान-प्रदान तेज किया जाएगा। एकीकृत सूचना नेटवर्क की स्थापना, रैपिड रिस्पांस टीमों की तैनाती और सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त पेट्रोलिंग जैसे उपायों को अपनाया जाएगा। साथ ही हाथी-मानव द्वंद्व को कम करने के लिए स्थानीय समुदायों को जागरूक किया जाएगा और उन्हें संरक्षित रखने हेतु तकनीकी सहयोग और मुआवजे की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की समन्वय बैठक समय-समय पर आयोजित की जानी चाहिए ताकि वन प्रबंधन को क्षेत्रीय स्तर पर अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाया जा सके। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए साझा प्रयासों पर बल दिया। वाड्रफनगर में संपन्न बैठक चार राज्यों के वन विभागों के बीच सहयोग को मजबूती प्रदान करेगी साथ ही जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सकेगा। भविष्य में ऐसे प्रयासों से जंगल और मानव बस्तियों के बीच संतुलन बनाकर एक समावेशी और स्थायी पर्यावरणीय दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा।
सूरजपुर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत 1 वर्ष पहले बिना बताए घर से निकले 11 वर्षीय बालक को किया दस्तयाब।

आईजी अभिषेक शांडिल्य ने किया एसपी कार्यालय एवं थाना लालबाग का वार्षिक निरीक्षण
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
राजनांदगांव -
पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज अभिषेक शांडिल्य द्वारा आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं थाना लालबाग का वार्षिक निरीक्षण किया गया। वार्षिक निरीक्षण करने हेतु पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचने पर उन्हें सलामी दी गई। इसके बाद वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भ्रमण किये एवं कार्यालय के विभिन्न शाखाओं के समस्त प्रभारियों से रूबरू होकर उनके द्वारा संधारित दस्तावेजों का निरीक्षण करते हुये लंबित पत्र का त्वरित निराकण करने हेतु निर्देश दिये।
जिसके पश्चात उनके द्वारा थाना लालबाग जाकर थाना का निरीक्षण किया गया , जिसमें उन्होंने थाना के रिकार्ड रूम , शस्त्रागार , संधारित रजिस्टर , रोजनामचा , लंबित अपराध , लंबित शिकायत , गुम इंसान , लंबित मर्ग , लंबित समंस/वारंट , मालखाना आदि का अवलोकन कर थाना की साफ सफाई , जवानों के वेशभूषा को देखने के साथ ही थाना भवन का भी निरीक्षण किये। इस दौरान महानिरीक्षक द्वारा लंबित मामलों को किसी भी स्थिति में जल्द से जल्द पूरा करने हेतु निर्देशित किया गया।

थाने में शिकायत लेकर आने वाले फरियादियों को किसी प्रकार की समस्या ना हो , इसके लिये विशेष ध्यान रखने समझाईस दिया गया। उनके द्वारा बताया गया कि जवानों को नवीन आपराधिक कानून की जानकारी होना अति आवश्यक है , साथ ही थाना लालबाग में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से उनकी समस्या पूछकर निदान हेतु आश्वासन दिया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऑप्स मुकेश ठाकुर , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा , पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समस्त शाखा के प्रभारी एवं कार्यालयिन स्टाफ , थाना लालबाग से निरीक्षक रमेश साहू एवं थाना स्टाफ के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत संचालकों का प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक सम्पन्न
बिहान छत्तीसगढ़ प्रतापपुर संवाददाता सुरज निर्मलकर की रिपोर्ट
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सूरजपुर/28 जुलाई 2025/ आज जनपद पंचायत भैयाथान के सभा कक्ष में भैयाथान अनुविभाग अंतर्गत तहसील भैयाथान, ओड़गी, भटगांव एवं बिहारपुर के लोक सेवा केंद्र संचालक एवं रीडर की लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रशिक्षण एवं बैठक आयोजित की गई। जिसमे समस्त संचालकों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्रों के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही हाल में प्राप्त आवदेनों का वापसी एवं रिजेक्ट हो रहे आवेदनों की समीक्षा भी की गई एवं आवश्यक दस्तावेज के साथ आवेदन करने हेतु एवं सीएससी के द्वारा प्रदान की जा रही
योजनाओं के क्रियान्वयन करने हेतु निर्देशित किया गया।
इस बैठक में ईडीएम सुमित सिंह, टेक्निकल मैनेजर प्रतीक सरकार, सीएससी मैनेजर एनडी तिवारी एवं सहायक तुलेश्वर उपस्थित रहे।
चिलमा नरसिंहपुर के जंगल में आया हाथी, ग्रामीणों में दहशत का माहौल
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर - बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम चिलमा, नरसिंहपुर के जंगल में एक हाथी के आने से ग्रामीणों में भय का माहौल निर्मित हो गया है,रविवार रात करीब 3- 4 बजे हाथी के जंगल में आने की खबर मिली, जिसके बाद राजपुर वन विभाग ने तुरंत कार्यवाही करते हुए निगरानी शुरू कर दी, विभाग ने आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को जंगल में न जाने की अपील की है,हाथी की निगरानी के लिए वन विभाग की टीम तैनात की गई है, वन परिक्षेत्राधिकारी महाजन साहु ने ग्रामीणों से जंगल में प्रवेश न करने का अनुरोध किया है, क्योंकि हाथी का व्यवहार अप्रत्याशित हो सकता है।
वी.एस. अच्युतानंदन : समझौताहीन संघर्ष की कम्युनिस्ट परंपरा के प्रतीक (आलेख : पिनरायी विजयन, अनुवाद : संजय पराते)
वी.एस. अच्युतानंदन : समझौताहीन संघर्ष की कम्युनिस्ट परंपरा के प्रतीक
(आलेख : पिनरायी विजयन, अनुवाद : संजय पराते)
कॉमरेड वी.एस. अच्युतानंदन का जीवन, जिनका सोमवार (21 जुलाई, 2025) को 101 वर्ष की आयु में निधन हो गया, सामान्यतः केरल के इतिहास और विशेष रूप से, यहाँ के क्रांतिकारी आंदोलन का एक उल्लेखनीय अध्याय है।
कामरेड वी.एस. अच्युतानंदन संघर्षों की एक शानदार परंपरा, असाधारण दृढ़ संकल्प और अडिग संघर्षशीलता के प्रतीक थे। उनका एक शताब्दी लंबा जीवन केरल के आधुनिक इतिहास से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने जनता की समस्याओं को उठाया और जनता के साथ खड़े रहे। वी.एस. का केरल के इतिहास में अद्वितीय योगदान है, जिन्होंने विभिन्न चरणों में केरल सरकार, माकपा, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा और विपक्ष का नेतृत्व किया। इतिहास यह दर्ज करेगा कि वे केरल की राजनीतिक विरासत का हिस्सा हैं।
वी.एस. का निधन एक युग का अंत है। इससे माकपा, क्रांतिकारी आंदोलन और संपूर्ण लोकतांत्रिक प्रगतिशील आंदोलन को भारी क्षति हुई है। पार्टी इस क्षति की भरपाई सामूहिक नेतृत्व के माध्यम से ही कर सकती है। यह वह समय है, जब लंबे समय तक साथ काम करने की कई यादें ताज़ा हो जाती हैं।
वी.एस. का जीवन असाधारण ऊर्जा और क्रांतिकारी आंदोलन की ताकत से भरा एक घटनापूर्ण जीवन था। वी.एस. का जीवन केरल और कम्युनिस्ट पार्टी के इतिहास का एक संघर्षपूर्ण अध्याय है। वी एस का राजनैतिक जीवन प्रबल सामंतवाद और जातिवाद के अंधकारमय दौर को बदलने के लिए किए गए संघर्षों के माध्यम से उभरा, जब उन्होंने मज़दूरों और किसानों के विद्रोहों को संगठित करके आंदोलन को विकसित किया। एक साधारण पृष्ठभूमि से, कम्युनिस्ट आंदोलन के विकास के चरणों के माध्यम से, वे केरल के मुख्यमंत्री के पद तक पहुँचे।
1964 में जब कम्युनिस्ट पार्टी का विभाजन हुआ, तो राष्ट्रीय परिषद छोड़ने वाले 32 लोगों में वे भी शामिल थे।वी.एस. के निधन के साथ ही यह आखिरी बची कड़ी भी टूट गई। इसके साथ ही एक मूल्यवान राजनीतिक उपस्थिति भी लुप्त हो गई, जिसने राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम और समकालीन राजनीति के बीच तालमेल बिठाए रखा था।
एक कम्युनिस्ट नेता, विधान सभा के सदस्य, विपक्ष के नेता और मुख्यमंत्री के रूप में, वी.एस. के अनेक योगदान हैं। वे पुन्नप्रा-वायलार संघर्ष के पर्याय बन गए थे, जिन्होंने कष्ट और सहनशीलता के साथ जीवनयापन किया।
वी.एस. बहुत तेज़ी से एक मज़दूर से मज़दूर वर्ग आंदोलन के एक सशक्त नेता बन गए। कम्युनिस्ट पार्टी ने वी.एस. को विकसित किया और वी.एस. ने पार्टी का विकास किया। 1940 में 17 साल की उम्र में वे कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य बन गए थे और 85 साल की लंबी अवधि तक पार्टी के सदस्य रहे। वी.एस. कुट्टनाड गए और वहां उन्होंने खेतिहर मज़दूरों की उजरती गुलामी और जातिगत गुलामी को खत्म करने के लिए संघर्ष का नेतृत्व किया। उन्होंने कुट्टनाड के गाँवों में घूम-घूम कर खेतिहर मज़दूरों की बैठकें आयोजित कीं और उन्हें एक संगठित शक्ति के रूप में विकसित किया। उन्होंने यह काम ज़मींदारों और पुलिस को चुनौती देकर किया।
वी.एस. ने 'त्रावणकोर खेत मजदूर यूनियन' के गठन में और बाद में केरल के सबसे बड़े मजदूर आंदोलनों में से एक, 'केरल राज्य खेत मजदूर यूनियन' के रूप में इसके विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वी.एस. के नेतृत्व में अनगिनत संघर्षों ने कुट्टनाड के सामाजिक इतिहास को बदल दिया। वे बेहतर मजदूरी, चप्पा प्रथा के उन्मूलन, टिकाऊ रोजगार और अतिरिक्त भूमि की जब्ती के संघर्षों में सबसे आगे थे। खेतों की मेड़ों पर कई किलोमीटर पैदल चलकर और उनकी झोपड़ियों में जाकर उन्होंने खेत मजदूरों में आत्मविश्वास और टीम भावना जगाने का प्रयास किया, जिसके चलते खेत मजदूर बड़े पैमाने पर आंदोलन की ओर आकर्षित हुए।
1948 में पार्टी पर प्रतिबंध लगने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 1952 में, उन्हें पार्टी का अलप्पुझा संभाग सचिव चुना गया। इस दौरान, वे एकीकृत केरल के लिए कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा चलाए जा रहे आंदोलनों में सक्रिय रहे। 1957 में जब कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता में आई, तो वे पार्टी के अलप्पुझा जिला सचिव और राज्य सचिवालय के सदस्य बने। 1959 में, वे पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य बने। वी.एस. ने अधिशेष भूमि संघर्ष सहित कई साहसी संघर्षों का नेतृत्व किया।
वे कुल मिलाकर, साढ़े पाँच साल से अधिक समय तक जेल में रहे। वे 1964 से सीपीआई (एम) केंद्रीय समिति के सदस्य थे। वे 1985 में पोलिट ब्यूरो के सदस्य बने। उन्होंने 1980 से 1992 तक सीपीआई (एम) के राज्य सचिव और 1996 से 2000 तक एलडीएफ संयोजक के रूप में कार्य किया। उन्होंने 2015 में कोलकाता में आयोजित 21वीं पार्टी कांग्रेस में वृद्धावस्था के कारण केंद्रीय समिति से इस्तीफा दे दिया। बाद में, वे केंद्रीय समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए गए। वह 2001 से 2006 तक विपक्ष के नेता रहे। वह 2006 से 2011 तक मुख्यमंत्री रहे। वे 2011 से 2016 तक फिर से विपक्ष के नेता के रूप में कार्य करते रहे। वह एक ऐसे नेता हैं, जिन्होंने अपने सभी पदों पर अपनी अलग छाप छोड़ी है।
खेतिहर मज़दूरों और नारियल के रेशे बनाने वाले मज़दूरों की कठिनाइयों को व्यक्तिगत रूप से अनुभव करने के बाद, वी.एस. ने अपने अनुभवों को अपनी शक्ति में बदल दिया। वे शोषितों की मुक्ति के पक्षधर थे और इस कॉमरेड ने पूरे साहस के साथ खेत मज़दूरों के आंदोलन और कम्युनिस्ट आंदोलन को आगे बढ़ाया। पार्टी में विभाजन के बाद के दौर में उन्होंने संशोधनवाद और बाद में वामपंथी संकीर्णतावाद के विरुद्ध संघर्ष किया और पार्टी को सही रास्ते पर मज़बूती से टिकाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
राजनीति की सीमाओं को लांघकर, वीएस ने पर्यावरण, मानवाधिकार और महिला समानता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भी काम किया। इसी प्रक्रिया में, पार्टी नेता रहते हुए भी वीएस को जनता की स्वीकृति मिली। वीएस ने सामाजिक महत्व के अन्य मुद्दों को मुख्यधारा के राजनीतिक मुद्दों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विधान सभा के सदस्य के रूप में भी कॉमरेड वी.एस. ने अद्वितीय योगदान दिया है। वे 1967 और 70 में अम्बालाप्पुझा से और 1991 में मारारिकुलम से विधान सभा के सदस्य बने। वे 2001 से 2021 तक पलक्कड़ जिले के मलमपुझा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रहे। उन्होंने 2016 से 2021 तक केरल प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने पार्टी और वाम लोकतांत्रिक मोर्चे द्वारा बनाई गई नीतियों को लागू करके केरल के विकास को आगे बढ़ाया। उन्होंने संकटों में भी बिना किसी हिचकिचाहट के सरकार का नेतृत्व किया। विपक्ष के नेता के रूप में, उन्होंने सदन में कई लोकप्रिय मुद्दे उठाए। उन्होंने विधायी मामलों में भी अपना योगदान दिया। वी.एस. एक ऐसे नेता हैं, जिन्होंने केरल के राजनीतिक इतिहास पर एक अनूठी छाप छोड़ी है।
कॉमरेड वी.एस. के निधन से पार्टी और देश को अपूरणीय क्षति हुई है।
(लेखक माकपा पोलिट ब्यूरो के सदस्य और केरल के मुख्यमंत्री हैं। अनुवादक अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा के उपाध्यक्ष हैं। संपर्क : 94242-31650)
शिवसेना,, उद्धव बालासाहेब ठाकरे का जन्मदिन 27 जुलाई को पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा
शिवसेना,, उद्धव
बालासाहेब ठाकरे का जन्मदिन 27 जुलाई को पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा बेमेतरा,, शिवसेना,,U.B.T पार्टी के प्रदेश महासचिव दाऊ, राम चौहान ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष उद्धव बालासाहेब ठाकरे का जन्मदिन 27 जुलाई को पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा आगे चौहान ने कहा कि पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम शंकर महिलांगे ने राजधानी रायपुर प्रेस में जानकारी देते हुए बताया कि शिवसेना पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उद्धव बालासाहेब ठाकरे की दिनांक, 27,07,2025 मैं पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में जन्म उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा

राजधानी रायपुर में पार्टी के प्रदेश प्रमुख डॉक्टर आनंद मल्होत्रा, एवं पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शंकर महिलांगे के नेतृत्व में उद्धव बालासाहेब ठाकरे का जन्म दिवस मनाया जाएगा आगे वही डी, के , एस एवं जिला अस्पताल में जाकर मरीज को फल वितरण किया जाएगा तथा कुछ जगहों पर वृक्षारोपण किया जाएगा साथ ही इस अवसर पर शिवसेना U, B, T के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं द्वारा सभी जिले में जन्मदिवस मनाते हुए प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में मरीजों एवं गरीबों को फल वितरण किया जाएगा इसके साथ ही विभिन्न जगहों पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन इस बरसाती वायरस बीमारियों पर रोकथाम के कई आयोजन किए जाएंगे एवं बरसात के दिनों में आ रहे गंदे पानी को स्वच्छ एवं पीने योग्य स्वच्छता रखने हेतु जागरूकता अभियान चलाया जाएगा
लगातार बारिश के बीच पूर्व विधायक गुलाब कमरों की जनता से अपील – "सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
मनेंद्रगढ़, एमसीबी |
जिले में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश को देखते हुए पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने क्षेत्रवासियों से सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा के कारण नदियों और नालों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
गुलाब कमरों ने कहा कि बिना आवश्यक कार्य के घरों से बाहर न निकलें और विशेष रूप से बहते नालों और नदियों को पार करने से बचें, क्योंकि यह जान के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने लोगों से जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया है।
पूर्व विधायक ने कहा...
“यह संकट की घड़ी है, और इसमें सावधानी ही सुरक्षा है। सभी नागरिक अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।”
उन्होंने क्षेत्र की जनता से प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम को हर संभव सहयोग देने की भी अपील की, ताकि संकट की इस घड़ी में सभी को सुरक्षित रखा जा सके।
जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी किया है और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
झिरिया मोहल्ला में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त, रेलवे व नगरपालिका की लापरवाही उजागर*
राजेश साहू ब्यूरो, जिला-एमसीबी
मनेंद्रगढ़ (जिला एमसीबी), 25 जुलाई:
मनेंद्रगढ़ नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 15 अंतर्गत झिरिया मोहल्ला में मूसलधार बारिश के चलते कई घर जलमग्न हो गए, जिससे क्षेत्रवासियों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। मोहल्ले के लोग भारी परेशानी और दहशत में पिछले दिनों से हो रहे लगातार बारिश के कारण रात भर जगे रहे, क्योंकि जल निकासी का कोई प्रबंध नहीं था और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि झिरिया मोहल्ला रेलवे की जमीन के किनारे बसा है, और एक वर्ष पूर्व रेलवे विभाग द्वारा इस बस्ती को जमीन खाली करने का नोटिस भी दिया गया था। बावजूद इसके वहां आज भी सैकड़ों परिवार निवासरत हैं। आज दिन में हुई बारिश ने इन लोगों की मुसीबतों को और बढ़ा दिया, क्योंकि रेलवे लाईन के नीचे बने पुल को रेलवे द्वारा बंद कर दिया गया है, जिससे बारिश का पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है। यही कारण है कि जल निकासी अवरुद्ध हो गई और पूरा मोहल्ला तालाब में तब्दील हो गया।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार रेलवे और नगरपालिका को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन दोनों ही विभागों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। बारिश का पानी घरों के अंदर घुस गया है, और कई घर पूरी तरह डूब गए हैं जिससे घरों का सामान भीग गया और कई परिवारों के लोगों को अपने समानो सहित सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा।
स्थानीय निवासी चंद्रिका साहू ने बताया, “हमने बार-बार रेलवे को पुल खुलवाने के लिए आवेदन दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब यही हालात रहे तो अगर रात में दोबारा तेज बारिश होती है, तो जानमाल की भारी क्षति हो सकती है।”
एक अन्य महिला निवासी मीना बाई ने बताया, “हमारे बच्चों को स्कूल नहीं भेज पाए, खाने के लिए भी परेशानी हो रही है। पूरा मोहल्ला जलमग्न है और प्रशासन अब भी मौन है।”
इस पूरे मामले में न तो रेलवे और न ही नगरपालिका प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल जल निकासी की व्यवस्था की जाए और रेलवे पुल को खोलकर पानी के बहाव को बहाल किया जाए, जिससे आने वाले दिनों में किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।
निष्कर्षतः, झिरिया मोहल्ला की यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। यदि तत्काल समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं।