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बिलासपुर में बेटे-बेटी को सरकारी अफसर बनाने दिए 43 लाख, पुलिस ने माना शासन से बेईमानी

बिलासपुर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में फूड इंस्पेक्टर, हॉस्टल अधीक्षक और पटवारी जैसे सरकारी पदों पर नौकरी लगाने के नाम पर 43 लाख रुपए की ठगी हुई है। अब पुलिस ने इस केस में पैसे लेने वाले विष्णु प्रसाद राजपूत, सीमा खान और पैसे देने वाले पीड़ित सूर्यकांत जायसवाल को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस अफसरों का मानना है कि, आरोपियों को पैसे देने वाले पिता ने शासकीय नियुक्ति के लिए तय प्रक्रिया का पालन नहीं कर नियम विपरीत बेईमानी की। नौकरी के लालच में आकर आरोपियों को 43 लाख रुपए देकर शासन के साथ छल किया है। पूरा मामला तखतपुर थाना क्षेत्र का है।

दरअसल, उसलापुर नेचर सिटी निवासी सूर्यकांत जायसवाल (55) के दो बेटे और एक बेटी हैं। तखतपुर के निगारबंद निवासी विष्णु प्रसाद राजपूत (67) के साथ उनके पुरानी जान-पहचान है। उनके दोनों बेटे और बेटी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे।

इस दौरान विष्णु राजपूत ने उन्हें बताया कि तारबाहर क्षेत्र के तितली चौक रेलवे हाउस के पास रहने वाला जावेद खान मंत्रालय में पदस्थ है। उसकी अच्छी पहुंच है और वो कई लोगों को सरकारी नौकरी लगाने का दावा करता है। उसके कहने पर सूर्यकांत अपने बेटों और बेटी की सरकारी नौकरी लगवाने के लालच में आ गया।

जिसके बाद उन्होंने फरवरी 2022 में जावेद खान से मुलाकात की। जावेद ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह अब तक कई लोगों को सरकारी नौकरी दिला चुका है। उसने दावा कि मंत्रालय में सभी विभागों के अफसरों तक उसकी पहुंच है। वो फूड इंस्पेक्टर, हॉस्टल अधीक्षक और पटवारी जैसे सरकारी पदों पर नौकरी लगवा सकता है।

इस पर सूर्यकांत ने अपने बच्चों को नौकरी लगवाने के लिए सौदा तय किया। जिसके बाद जावेद खान और उसकी पत्नी सीमा खान, विष्णु राजपूत को लेकर तखतपुर में मिले। जहां फरवरी 2022 से जून 2023 के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 43 लाख रुपए वसूल लिए। सूर्यकांत दो साल तक अपने बच्चों के सरकारी नौकरी मिलने का इंतजार करता रहा। इसके बाद भी किसी की नौकरी नहीं लगी। तब पता चला कि जावेद खान इस तरह से कई युवाओं को ठगी का शिकार बना चुका है। सूर्यकांत जायसवाल ने मामले की शिकायत एसएसपी रजनेश सिंह से की

एसएसपी रजनेश सिंह ने कोटा एसडीओपी को जांच के निर्देश दिए। जांच के दौरान उन्होंने ठगी करने वाले गैंग के साथ ही शिकायककर्ता सूर्यकांत जायसवाल को भी आरोपी बना दिया।

जांच के बाद एसडीओपी भारती मरकाम ने दावा किया कि, शासकीय भर्ती के लिए तय प्रक्रिया का पालन न कर नियम विपरीत बेईमानी करते हुए नौकरी के लालच में आरोपियों को 43 लाख रुपए देकर शासन के साथ छल किया गया है। इसलिए पुलिस ने बेरोजगार युवक-युवती के पिता सूर्यकांत जायसवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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