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सेवा में कमी हुई उजागर, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल को उपभोक्ता आयोग का आदेश- 20 लाख रूपए अदा करे आवेदक को

जांजगीर चाम्पा।

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जांजगीर ने आदेश पारित करते हुए उपभोक्ता को बड़ी राहत दी है बीमा कंपनी के द्वारा बीमा की राशि देने से इंकार किए जाने पर उपभोक्ता के द्वारा शिकायत पर की गई सुनवाई में आयोग ने बीमा कंपनी को 20 लाख रुपए उपभोक्ता को भुगतान करने का आदेश जारी किया।
प्राप्त जानकारी अनुसार उपभोक्ता, शिकायतकर्ताा विजय कुमार यादव की माँ की मृत्यु बीमा अवधि मे होने पर आई सी आई सी आई प्रूडेंशियल लाइफ़ इंश्योरेंस कंपनी ने बीमा राशि देने से इनकार किया । अब बीमा की राशि बीस लाख लाख रुपये तथा मानसिक कष्ट के लिए पचास हजार रुपये व वाद व्यय 5,000 देना होगा।


उपभोक्ता, शिकायतकर्ता विजय कुमार यादव निवासी ग्राम खम्हरिया जिला सक्ती की माँ दिल बाई यादव ने अपने जीवन काल में आई सी आई सी आई प्रूडेंशियल लाइफ़ इंश्योरेंस कंपनी से टरम र्लाईफ कवर बीमा पॉलिसी ली थी। जिसमें उपभोक्ता नामीनी था। उपभोक्ता की माँ की मृत्यु बीमा अवधि में ही घर में सामान्य परिस्थितियों में हो गई। उपभोक्ता ने बीमा धन की माँग इन्शयोरेंस कंपनी से की परंतु इन्श्योरेन्स कम्पनी ने बीमा दावा इस आधार पर ख़ारिज कर दिया कि बीमा धाारक ने अपनी पूर्व बीमारी को छिपाया था तथा बीमा धारक की मृत्यु पालिसी लेने के पहले ही हो चुकी थी कहकर बीमा दवा अस्वीकार कर दिया।
   उपभोक्ता, शिकायतकर्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर के समक्ष परिवाद पेश कर अपनी मॉ की मृत्यु बीमा अवधि में होने पर बीमा राशि दिलाए जाने की माँग की। जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू, सदस्य विशाल तिवारी , सदस्य श्रीमती महिमा सिंह ने पेश दस्तावेजों, बीमा पॉलिसी व किए गए तर्कों का सूक्ष्मता से अध्ययन कर यह पाया कि बीमा पॉलिसी में बीमा अवधि में मृत्यु होने पर बीमा धन बीस लाख रुपये था और उपभोक्ता की मॉ की मृत्यु बीमा लेने के बाद बीमा अवधि में ही हुई है और बीमा धारक ने बीमा लेते समय अपनी बीमारी के संबंध में ग़लत जानकारी नहीं दी थी ।
   बीमा कंपनी द्वारा बीमा राशि न दे कर उपभोक्ता के प्रति सेवा में कमी की गई है। जिला उपभोक्ता आयोग ने आई सी आई सी आई प्रूडेंशियल लाइफ़ इंश्योरेंस कंपनी को उपभोक्ता, शिकायतकर्ता को उसकी माँ की मृत्यु बीमा अवधि में होने पर बीमा राशि बीस लाख लाख रुपये तथा मानसिक कष्ट के लिए 50,000 व वाद व्यय 5,000/- देने का आदेश , आदेश दिनांक से 45 दिनों के भीतर देने का आदेश दिया।
नियत अवधि में आदेशित राशि नहीं देने पर आदेश दिनांक से भुगतान दिनांक तक 6प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी आदेश दिया गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जांजगीर ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 35 के अंतर्गत पेश परिवाद को स्वीकार कर उक्त आदेश पारित किया गया।

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