जातिगत गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकी, सरपंच पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग....
जांजगीर चांपा।
जिले में बलौदा थानांतर्गत एक मामला सामने आया है, जहां सरपंच पति परमानंद राठौर ने नवगंवा के एक दलित परिवार के ऊपर जातिगत गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। पीडि़त ने आरोप लगाया है कि सरपंच पति ने अपने समाज के 50-60 लोगों को लेकर उनके घर पर हमला किया और जातिगत गालियां दी। पीडि़त ने पुलिस प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है। सतीश घोसले उनका कहना है कि उन्होंने 16 तारीख को बलौदा थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उन्हें अजाक थाना जाने को कहा गया। अजाक थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पीड़ित सतीश घोसले ने आरोप लगाया है कि पुलिस प्रशासन उन्हें और उनके परिवार को बार-बार थाने बुलाकर बयान दर्ज करने के लिए कह रहा है, लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इस तरह पीड़ित और उनके परिवार को मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जा रहा है। जिससे पुलिस प्रशासन पर कई सारे सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार सरपंच पति के द्वारा गुंडागर्दी का माहौल खड़ा किया गया है, जिससे पीड़ित और उनके परिवार में भय का माहौल है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि सरपंच पति परमानंद राठौर के दबंगई के कारण उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। यह मामला और भी गंभीर होता जा रहा है जब हमें पता चला है कि पीड़ित एक पत्रकार का भाई है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या पत्रकार भाई के साथ भी ऐसा हो सकता है, तो भविष्य में किसी अन्य और व्यक्ति के साथ क्या नहीं हो सकता है। यह मामला पत्रकार समुदाय के लिए भी एक बड़ा सवाल है।
एफआईआर दर्ज करने की मांग...
पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले में तुरंत एफ आई आर दर्ज की जाए और सरपंच पति के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पीड़ित का कहना है कि वह न्याय की उम्मीद में बैठे हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता से उन्हें न्याय मिलने में देर हो रही है।
क्या यह पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है..?
क्या यह पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है कि वे पीड़ित की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करें और एफआईआर दर्ज करें आखिर क्यों पुलिस प्रशासन इस मामले में निष्क्रियता दिखा रहा है। यह सवाल पीड़ित और उनके परिवार के मन में उठ रहा है, और वे इसके जवाब की मांग कर रहे हैं।
"जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र लहरे के नेतृत्व में भीम आर्मी भारत एकता मिशन (छ:ग) ने जिला जांजगीर-चांपा के ग्राम पंचायत नवगवा में एक दलित परिवार के साथ सरपंच पति द्वारा की जा रही ज्यादती के खिलाफ आवाज उठाऐगी। पीडि़त परिवार को गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और घर में तोडफ़ोड़ की जा रही है। भीम आर्मी ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज किया जाए और कार्रवाई की जाए, अन्यथा चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।