केंद्र का राष्ट्रीय पैगाम आजादी का अमृत महोत्सव हो रहा ज़मींदोज़, विकास के अमृत काल का यह कैसा है ज्वलंत उदाहरण
चांपा-
स्थानीय निकाय के जिम्मेदार लोग नगर विकास के लिए कितने जागरूक और दमदार हैं इस बात का अंदाजा केवल इस फोटो को देखकर लगाया जा सकता है कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय पैगाम पर प्रचार प्रसार के लिए स्थापित किया गया आजादी का अमृत महोत्सव का प्रतीक चिन्ह भी आज सुरक्षित नहीं रह गया है, किन्हीं अज्ञात कारणों से चांपा थाना के निकट शहीद स्तंभ चौक में स्थापित किया गया यह प्रतीक चिन्ह टूट कर गिर चुका है, जो आज पुनर्स्थापित होने के लिए गुहार लगा रहा है लेकिन नगरी निकाय के जिम्मेदार लोगों के द्वारा भी पुकार नहीं सुना जा रहा है, जिसके चलते यह प्रतीक चिन्ह अब जमींदोज होने के कगार में पहुंच चुका है, इस प्रतीक चिन्ह का महत्व केवल वही समझ सकता है जो आजादी के अमृत महोत्सव का यथार्थ मायने जानता और समझता हो, यहां तो इस अदना से प्रतीक चिन्ह के महत्व को ही इनकार किया जा रहा है, और इसी का नतीजा है कि यह आजादी का अमृत महोत्सव आज प्रशासनिक लापरवाहियों का दंश झेलने को मानो मजबूर हो गया है, नगर का यह वही महत्वपूर्ण शहीद स्मारक चौक है जहां देश के रण बाकूरो को याद कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी जाती है, जहां महत्वपूर्ण कार्यक्रम को संपन्न करने के लिए जिम्मेदार लोगों के द्वारा एड़ी चोटी का प्रयास किया जाता है, आज यही महत्वपूर्ण चौक बदहाली का आंसू रो रहा है, जिसे सहजने के लिए एक भागीरथ प्रयास की जरूरत मात्र है, पर किसी को क्या पड़ी है जो इस गिर चुके आजादी के अमृत महोत्सव प्रतीक चिन्ह को उठाकर पुनः स्थापित करने की महत्व को समझ।
अनेकों जिम्मेदार प्रति दिवस गुजरते हैं इस शहीद स्मारक से, इसे केवल विडंबना ही कहा जा सकता है कि नगर के हृदय स्थल चांपा थाना चौक में स्थापित शहीद स्मारक चौक से प्रति दिन नगर के सैकड़ो जिम्मेदार लोग आना-जाना करते हैं, लेकिन मजाल है किसी के द्वारा भी संज्ञान में लेकर महिनो पहले से गिर चुके इस आजादी के अमृत महोत्सव प्रतीक चिन्ह को उठाकर सीधा करने की जमात उठाया हो, इस शहीद स्मारक को पहले से ही अंधेरा निगलने को आतुर है।