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खोंगापानी नगर पंचायत में अमृत नल जल योजना में गड़बड़ी! अनुबंध और इस्टीमेट कॉपी नहीं देने से उठे भ्रष्टाचार के सवाल

राजेश साहू ब्यूरो, जिला -एमसीबी 

खोंगापानी, जिला एमसीबी:
अमृत नल जल योजना के अंतर्गत खोंगापानी नगर पंचायत में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन कार्य में अनियमितता के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।

सूत्रों के अनुसार, पाइपलाइन बिछाने का कार्य मनमाने ढंग से किया जा रहा है। कई स्थानों पर पाइप ठीक से नहीं जोड़े गए हैं, जिससे लीक की स्थिति उत्पन्न हो रही है। वहीं, मिट्टी भरने और सड़क मरम्मत के कार्य भी अधूरे छोड़ दिए गए हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इससे भी गंभीर बात यह है कि जब नगरवासियों और पत्रकारों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (C.M.O) तरुण एक्का से योजना के तहत किए गए अनुबंध और इस्टीमेट की प्रतियां मांगीं, तो उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि दस्तावेज "उपलब्ध नहीं हैं"। कई बार लिखित और मौखिक अनुरोध के बाद भी नगर पालिका द्वारा यह जानकारी साझा नहीं की गई।

जानकारों का कहना है कि अमृत योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। लेकिन खोंगापानी में जिस तरह से काम किया जा रहा है और जिस प्रकार से जानकारी छिपाई जा रही है, वह भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने इस मुद्दे पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जिला कलेक्टर से मामले की जांच की मांग की है। कुछ लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं की गई, तो न केवल सार्वजनिक धन की बर्बादी होगी, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

प्रमुख बिंदु:

अमृत जल योजना के पाइपलाइन कार्य में गुणवत्ताहीन निर्माण की शिकायतें।

CMO तरुण एक्का द्वारा अनुबंध और इस्टीमेट की कॉपी देने से इनकार।

पारदर्शिता की कमी से भ्रष्टाचार की आशंका।

नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने जांच की मांग उठाई।


समापन:
अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं। क्या जांच होगी या एक और योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगी?

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