जगदलपुर नर्सिंग-कॉलेज कैंपस से प्रबंधन ने शिवलिंग हटवाया
जगदलपुर
जगदलपुर में स्थित सरकारी नर्सिंग कॉलेज में हिंदू-मुस्लिम छात्राओं के बीच विवाद की स्थिति बनी। प्रबंधन का कहना है कि, खाने-पीने को लेकर कुछ छात्रों के बीच विवाद हुआ था। हालांकि, बाद में इसने धार्मिक रूप ले लिया। इसके बाद प्रबंधन ने कैंपस से शिवलिंग को हटवा कर बाहर दूसरी जगह पर रखवा दिया।
नर्सिंग कॉलेज में माहौल बिगड़ने के बाद हिंदू छात्राओं ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हिंदू संगठन भी मौके पर समर्थन में पहुंच गया। हिंदू संगठन ने उसी जगह पर दूसरे शिवलिंग को स्थापित किया। क्योंकि पहले वाला शिवलिंग खंडित हो गया था। जिसके बाद छात्राओं ने नारेबाजी करते हुए पूजा-पाठ कर आरती की गई।
दरअसल, जगदलपुर में सरकारी नर्सिंग कॉलेज है। 2 दिन पहले यहां मुस्लिम कश्मीरी छात्राओं और हिंदू छात्राओं के बीच पूजा-पाठ समेत अन्य मामले को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि इसने धार्मिक तूल पकड़ लिया। हॉस्टल की वॉर्डन अर्जिया अली खान का कहना है कि, प्रिंसिपल स्वर्णलता पीटर के कहने पर और विवाद शांत करने के लिए मंदिर को हटाया गया था। उसे दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। प्रिंसिपल ने गार्ड को मंदिर हटाने कहा था, लेकिन पहले गार्ड ने मना कर दिया, कहा मुझसे नहीं हो पाएगा। फिर बाद में हटाने पर हिंदू छात्राओं ने जमकर बवाल शुरू कर दिया।
वहीं हिंदू संगठन सक्षम के सदस्य कुणाल चालीसगांवकर का कहना है कि प्रिंसिपल और वॉर्डन ने शिवलिंग हटवाया नहीं बल्कि फेंकवा दिया। शिवलिंग खंडित हो गया है। हमारी आस्था को ठेस पहुंची है। खंडित शिवलिंग की जगह सावन में आयोजित 51 महारुद्राभिषेक में से एक जागृत शिवलिंग की स्थापना करवाई गई। ये कृत्य बर्दाश्त से बाहर है।